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...तो हमें भी बनाओ पीएचडी गाइड
बरेली
Updated Fri, 30 Jan 2015 12:58 AM IST
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पीएचडी अध्यादेश-2013 के अनुसार पीएचडी गाइड या सुपरवाइजर बनाए जाने के लिए नियमित और पूर्णकालिक शिक्षक होना अनिवार्य है। ऐसे में होटल प्रबंधन विभाग की शिक्षक डॉ. हेमा वर्मा को पीएचडी गाइड बनाए जाने पर उंगलियां उठने लगी हैं। बरेली कॉलेज में व्यवसाय प्रबंधन विभाग के प्रवक्ता डॉ. अतुल यादव ने कुलपति को पत्र लिखा है कि या तो उन्हें भी पीएचडी गाइड बनने का मौका दिया जाए या फिर नियम और गाइड की सूची में संशोधन किया जाए।
डॉ. यादव ने यह भी लिखा है कि होटल मैनेजमेंट विभाग पूरी तरह स्ववित्त पोषित है और उसमें कोई भी शैक्षणिक पद पर शासन से स्वीकृत नहीं है। साथ ही इस विभाग के किसी भी शिक्षक को छठे वेतनमान के अंतर्गत वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से जारी गाइड की सूची में तमाम और भी गड़बड़ियां हैं। बरेली कॉलेज के कॉमर्स विभाग में 12 शिक्षक हैं लेकिन सिर्फ एक शिक्षक डॉ. राजीव मेहरोत्रा को ही गाइड बनाया गया है। वहां बाकी सभी शिक्षक भी गाइड बनने की अर्हता पूरी करते हैं। अधिकतर शिक्षक 10 से ज्यादा शोध करा चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि उनसे शोध से संबंधित सारी जानकारी मांगी गई थी और शिक्षकों ने प्रोफार्मा भी भरकर दिया था, लेकिन इसके बाद भी उन्हें गाइड की सूची से बाहर कर दिया गया। गाइड बनाने को लेकर कॉमर्स के शिक्षक शुक्रवार को कुलपति से मिलेंगे। उनका कहना है कि भले ही विश्वविद्यालय ने शोध प्रक्रिया शुरू कर दी हो, लेकिन आधे-अधूरे तरीके से।
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डॉ. यादव ने यह भी लिखा है कि होटल मैनेजमेंट विभाग पूरी तरह स्ववित्त पोषित है और उसमें कोई भी शैक्षणिक पद पर शासन से स्वीकृत नहीं है। साथ ही इस विभाग के किसी भी शिक्षक को छठे वेतनमान के अंतर्गत वेतन भी नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि रुहेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से जारी गाइड की सूची में तमाम और भी गड़बड़ियां हैं। बरेली कॉलेज के कॉमर्स विभाग में 12 शिक्षक हैं लेकिन सिर्फ एक शिक्षक डॉ. राजीव मेहरोत्रा को ही गाइड बनाया गया है। वहां बाकी सभी शिक्षक भी गाइड बनने की अर्हता पूरी करते हैं। अधिकतर शिक्षक 10 से ज्यादा शोध करा चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि उनसे शोध से संबंधित सारी जानकारी मांगी गई थी और शिक्षकों ने प्रोफार्मा भी भरकर दिया था, लेकिन इसके बाद भी उन्हें गाइड की सूची से बाहर कर दिया गया। गाइड बनाने को लेकर कॉमर्स के शिक्षक शुक्रवार को कुलपति से मिलेंगे। उनका कहना है कि भले ही विश्वविद्यालय ने शोध प्रक्रिया शुरू कर दी हो, लेकिन आधे-अधूरे तरीके से।
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