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बरेली कॉलेज: मानकों पर ‘मिस फिट’ है.. फिर भी मेरिट है
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बरेली। चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए एलएलबी में भारांक को प्रतिशत में शामिल करने के खेल को सांठगांठ कर बरेली कॉलेज प्रशासन ने निपटा लिया है। बरेली कॉलेज से विश्वविद्यालय तक रही खींचतान के बाद पुरानी प्रक्रिया से ही मेरिट को मंजूरी दे दी गई। हालांकि सोमवार को हुए विरोध के चलते एलएलबी की काउंसलिंग प्रक्रिया मंगलवार को भी ठप रही।
सोमवार को बरेली कॉलेज में एलएलबी की पहली मेरिट के अनुसार एडमिशन शुरू हुए थे। 64 एडमिशन के बाद पहुंचे एबीवीपी के राहुल चौहान, गौरव यादव समेत तमाम पदाधिकारियों ने हंगामा कर काउंसलिंग बंद करा दी। उनका आरोप था कि कॉलेज प्रशासन ने मेरिट बनाने में गड़बड़ी की है। उनका कहना था कि आवेदन के दौरान लगाए गए सर्टिफिकेट के भारांक को अंक प्रतिशत में जोड़ दिया गया है जो नियमानुसार गलत है।
सोमवार को इस पर विरोध करने के बाद मंगलवार को एबीवीपी के पदाधिकारी प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह से मिलने पहुंचे। मगर जब उन्होंने पिछले साल भी यही प्रक्रिया अपनाने की बात कही तो वह बैकफुट पर आ गए। इसके बाद मामला रफा-दफा हो गया। हालांकि कॉलेज में कुछ शिक्षक दबी जुबान इस मेरिट बनाने की प्रक्रिया को गलत ठहरा रहे हैं।
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विश्वविद्यालय तक दौड़े, नतीजा शून्य
एबीवीपी के विरोध को लेकर बरेली कॉलेज प्रशासन ने एलएलबी में भारांक को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से भी संपर्क किया। बावजूद इसके कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ। इसके बाद पिछले साल की तरह ही बनाई गई इसी मेरिट को सही मान लिया गया है। बुधवार को अब इसके अनुसार ही एडमिशन होंगे।
काउंसलिंग बंद, सछास ने किया घेराव
सोमवार को हुए विवाद के चलते मेरिट को लेकर मंगलवार को दिन भर असमंजस की स्थिति रही, जिसके चलते बरेली कॉलेज में काउंसलिंग बंद रही। बरेली कॉलेज ने इसकी कोई सूचना भी नहीं जारी की थी। परिणामस्वरूप एडमिशन के लिए आने वाले अभ्यर्थियों को लौटना पड़ा। इसके चलते समाजवादी छात्रसभा के पदाधिकारियों ने लॉ के विभागाध्यक्ष प्रो. नसीम अख्तर का घेराव किया। उनका कहना था कि छात्रों के एक ग्रुप के बेवजह विरोध के चलते काउंसलिंग बंद की गई है। इससे दूरदराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को परेशान होना पड़ रहा है। इस दौरान फैज मोहम्मद, इमरान खान आदि मौजूद रहे।
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सोमवार को बरेली कॉलेज में एलएलबी की पहली मेरिट के अनुसार एडमिशन शुरू हुए थे। 64 एडमिशन के बाद पहुंचे एबीवीपी के राहुल चौहान, गौरव यादव समेत तमाम पदाधिकारियों ने हंगामा कर काउंसलिंग बंद करा दी। उनका आरोप था कि कॉलेज प्रशासन ने मेरिट बनाने में गड़बड़ी की है। उनका कहना था कि आवेदन के दौरान लगाए गए सर्टिफिकेट के भारांक को अंक प्रतिशत में जोड़ दिया गया है जो नियमानुसार गलत है।
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सोमवार को इस पर विरोध करने के बाद मंगलवार को एबीवीपी के पदाधिकारी प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह से मिलने पहुंचे। मगर जब उन्होंने पिछले साल भी यही प्रक्रिया अपनाने की बात कही तो वह बैकफुट पर आ गए। इसके बाद मामला रफा-दफा हो गया। हालांकि कॉलेज में कुछ शिक्षक दबी जुबान इस मेरिट बनाने की प्रक्रिया को गलत ठहरा रहे हैं।
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विश्वविद्यालय तक दौड़े, नतीजा शून्य
एबीवीपी के विरोध को लेकर बरेली कॉलेज प्रशासन ने एलएलबी में भारांक को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से भी संपर्क किया। बावजूद इसके कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ। इसके बाद पिछले साल की तरह ही बनाई गई इसी मेरिट को सही मान लिया गया है। बुधवार को अब इसके अनुसार ही एडमिशन होंगे।
काउंसलिंग बंद, सछास ने किया घेराव
सोमवार को हुए विवाद के चलते मेरिट को लेकर मंगलवार को दिन भर असमंजस की स्थिति रही, जिसके चलते बरेली कॉलेज में काउंसलिंग बंद रही। बरेली कॉलेज ने इसकी कोई सूचना भी नहीं जारी की थी। परिणामस्वरूप एडमिशन के लिए आने वाले अभ्यर्थियों को लौटना पड़ा। इसके चलते समाजवादी छात्रसभा के पदाधिकारियों ने लॉ के विभागाध्यक्ष प्रो. नसीम अख्तर का घेराव किया। उनका कहना था कि छात्रों के एक ग्रुप के बेवजह विरोध के चलते काउंसलिंग बंद की गई है। इससे दूरदराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को परेशान होना पड़ रहा है। इस दौरान फैज मोहम्मद, इमरान खान आदि मौजूद रहे।