फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Dump 92 million in income tax 168 cane committees Open in Google

168 गन्ना समितियों के 92 करोड़ आयकर विभाग में डंप

Wed, 04 May 2016 01:49 AM IST
ब्ययूराो अमर उजाला बरेली
ब्ययूराो अमर उजाला बरेली Updated Wed, 04 May 2016 01:49 AM IST
विज्ञापन
 बरेली सहित प्रदेश की 168 गन्ना समितियों से की गई आयकर की कटौती (टीडीएस) की रकम को वापस लेने के लिए  कई साल से गन्ना विभाग ने प्रयास नहीं किए। समीक्षा में यह खुलासा हुआ तो गन्ना आयुक्त ने आठ समितियों के सचिवों को चार्जशीट थमा दी है, 12 सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। इनमें बरेली की 17 समिति के 12 करोड़ रुपये हैं। यहां पर इस राशि को वापस लेने की जिम्मेदारी उपायुक्त गन्ना को सौंपी गई है।
विज्ञापन

गन्ना आयुक्त विपिन कुमार द्विवेदी ने गन्ना समितियों की समीक्षा की तो पता चला कि यह समितियां कई करोड़ से अधिक के कर्जे में हैं। समीक्षा में बताया गया कि टीडीएस की राशि मिलने पर इन समितियों की आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ-साथ किसानों को खाद, बीज आदि की सुविधाएं बढ़ेंगी। क्योंकि आर्थिक तंगी का तर्क देकर यह समितियां अपने किसानों को सुविधाएं नहीं दे रही हैं। बरेली की 17 समितियों में टीडीएस के 12 करोड़ रुपये मिलने पर कर्मचारियों की बकाया राशि का भुगतान होगा। साथ ही यहां के छह लाख किसानों को खाद, बीज आदि के लिए अनुदान भी मिल सकेगा।
विज्ञापन

उपायुक्त (गन्ना) दिनेश्वर मिश्रा ने बताया कि कमिश्नर के निर्देश पर बरेली की सभी 17 समितियों से काटी गई टीडीएस की राशि को वापस लेने के लिए इनकम टैक्स के वकीलों को लगाया गया है। बरेली, बदायं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, कासगंज, अलीगढ़ तथा  एटा के जिला गन्ना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह इस महीने में रिटर्न दाखिल कराएं । उसके बाद अगले महीने कोशिश होगी कि टीडीएस की यह राशि वापस मिल जाए और उससे जुलाई में समितियों की ओर से कल्याणकारी कार्यों को कराया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed