फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Dry run mockdrill: all the disturbances in the rehearsal of vaccine exposure

ड्राई रन मॉकड्रिलः वैक्सीन लगाने के रिहर्सल में सामने आ गईं तमाम गड़बड़ियां

Wed, 06 Jan 2021 01:11 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jan 2021 01:11 AM IST
विज्ञापन
Dry run mockdrill: all the disturbances in the rehearsal of vaccine exposure
जिला अस्पताल में हुआ कोरोना की वैक्सीन लगाने का मॉकड्रिल। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

तीन सौ डमी लोगों पर अजमाई गई वैक्सीनेशन प्रक्रिया, पता ही नहीं था वैक्सीन लगाने के बाद लिटाना है या बैठाना
विज्ञापन

कहीं नेटवर्क की अड़चन आई सामने तो कहीं जगह पड़ी छोटी

बरेली। मकर संक्रांति से कोविड-19 के टीकाकरण की संभावना के बीच मंगलवार को ड्राई रन मॉकड्रिल किया गया। छह अस्पतालों में अभ्यास के रूप में कुल तीन सौ स्वास्थ्यकर्मी टीका लगवाने वालों के डमी के तौर पर शामिल किए गए। रिहर्सल में ही कई गड़बड़ियां सामने आ गईं। कहीं नेटवर्क की गड़बडी से लाभार्थी के मोबाइल पर मेसेज नहीं पहुंच सके तो कहीं टीकाकरण के लिए तय जगह छोटी पड़ गई। एक जगह तो वैक्सीन लगवाने वालों को बैठाने के बजाय लेटा दिया गया। हालांकि अफसरों का दावा है कि इन गड़बड़ियों को समय रहते दूर कर लिया जाएगा। केंद्रों पर पुलिस अफसरों की ड्यूटी भी लगाई गई थी, मगर वे कहीं नजर नहीं आए।
केंद्र सरकार की ओर से कोविड वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही वैक्सीन आने की उम्मीद है। लिहाजा, वैक्सीनेशन से पहले मुस्तैदी परखने के लिए मंगलवार को जिले के छह केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की निगरानी में वैक्सीनेशन का ड्राई रन मॉकड्रिल हुआ। इन केंद्रों पर दो चरणों में टीका लगवाने के लिए 25-25 स्वास्थ्यकर्मी डमी के रूप में बुलाकर बिना नीडल वाली सिरिंज से वैक्सीन लगाने का अभ्यास किया गया। इस दौरान वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया और संभावित प्रभाव के मद्देनजर की गई तैयारियां परखीं तो कई गड़बड़ियां सामने आईं। इन दिक्कतों को सुधार के लिए दर्ज किया गया। छह केंद्रों पर तैनात डीएम की ओर से गठित नोडल अफसरों की तीन-तीन सदस्यीय टीम ने खामियों को दर्ज कर डमी पोर्टल के जरिये देर शाम शासन को रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया का भी आकलन किया। ड्राई रन मॉकड्रिल का शुभारंभ जिला महिला चिकित्सालय में सीएमओ डॉ. सुधीर कुमार गर्ग ने किया। इस मौके पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह, महिला जिला चिकित्सालय की सीएमएस डॉ. अलका शर्मा, नोडल अधिकारी डॉ. आरएन गिरी व अन्य मौजूद रहे। वैक्सीनेशन की मॉकड्रिल के बाद शाम को शासन को रिपोर्ट भेजी गई।
विज्ञापन

वैक्सीनेशन के बाद बैठाने के बजाय लेटा दिया

ड्राई रन के दौरान वैक्सीनेशन में जुटी टीम ने कुछ डमी लाभार्थियों को बैठाने के बजाय लेटा दिया। इस पर मौजूद नोडल अफसरों ने इसमें सुधार कराया। बताया कि वैक्सीनेशन के बाद स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव हो तभी उन्हें लिटाकर आवश्यक प्राथमिक उपचार दिया जाए। निगरानी कक्ष में आधे घंटे तक तबियत ठीक रहने पर घर भेज दिया जाए। बाद में अगर दिक्कत हो तो हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने के बारे में भी जानकारी दी गई। वैक्सीनेशन के बाद कूड़ा निस्तारण के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अस्पतालों में मिली खामियां

नोडल अफसर एसीएमओ डॉ. रंजन गौतम ने बताया कि खुशलोक अस्पताल में उमड़ने वाली संभावित तादाद के लिए पर्याप्त जगह नहीं दिखी। एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार के मुताबिक राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में नेटवर्क की खासी दिक्कत रही, जिससे डमी पोर्टल पर डाटा भरने के बाद लाभार्थी के मोबाइल पर मेसेज नहीं पहुंच रहा था। भोजीपुरा के एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज, रामनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज, जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त रहीं, जिन्हें बेहतर बनाने का सुझाव दिया गया।

प्रथम चरण में 55 केंद्रों पर वैक्सीनेशन

डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि वैक्सीन आने के बाद 55 केंद्रों पर वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार कर ली गई है। पहले चरण में करीब 26 हजार सरकारी और निजी अस्पतालों के स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगेगी। वैक्सीनेशन का कार्य तीन दिनों में पूरा किया जाएगा। दूसरे चरण में नगर निगम, पुलिस, फोर्स और प्रशासनिक अधिकारियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। तीसरे चरण में 50 वर्ष के ऊपर के बुजुर्ग और डायबिटीज, हाइपरटेंशन जैसी बीमारी से ग्रसित लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

सभी अस्पताल में बनाए गए दो केंद्र

वैक्सीनेशन के दौरान किसी तरह की भीड़भाड़ न हो इसलिए प्रत्येक अस्पताल में दो-दो केंद्र बनाए गए थे। वहां पर 25-25 की तादाद में डमी लाभार्थियों को वैक्सीन लगाने की प्रक्रिया का अभ्यास हुआ। डॉ. आरएन गिरी के मुताबिक एक सेंटर पर सिक्योरिटी गार्ड (वैक्सीनेशन ऑफिसर), जांचकर्ता, दो वैक्सीनेटर सपोर्टिंग स्टाफ और एडिशनल वैक्सीनेटर लगाए गए थे। बताया कि वैक्सीनेशन के लिए पहला दिन होने की वजह से कुछ दिक्कतें हुई हैं। उन्हें दर्ज कर लिया गया है, जो दिक्कतेें सामने आईं, वे दूर कराई जाएंगी।

यह रही वैक्सीनेशन की प्रक्रिया

  • - केंद्र पर पहुंचने वाले टीके लगवाने वाले डमी लाभार्थी के पहचान पत्र का मिलान स्वाथ्य विभाग की सूची से हुआ।
  • - उन्हें वेटिंग रूम में भेजा गया, जिसके बाद नाम बुलाकर वैक्सीनेशन रूम में प्रवेश दिया गया।
  • - रिहर्सल के दौरान डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक स्वास्थ्य संबंधी कुछ सवाल भी पूछे गए।
  • - ड्राई रन में सिरिंज निकालकर बांह पर लगाने फिर बायो वेस्ट को कूड़ेदान में फेंकने का रिहर्सल हुआ।
  • - बनाए गए को-विन डमी पोर्टल पर लाभार्थी की जानकारी दर्ज करते ही उनके मोबाइल पर मेसेज मिला।
  • - टीका लगने पर निगरानी कक्ष में 30 मिनट तक बैठने को कहा, तबियत बिगड़ने का रिहर्सल हुआ।
  • - स्वस्थ व्यक्ति को घर भेजकर बदन दर्द, बुखार आदि तकलीफ होने पर तत्काल संपर्क करने को कहा।

टीम के आपसी सहयोग से ड्राई रन मॉकड्रिल शांतिपूर्ण और बेहतर रहा, जो खामियां मिलीं हैं उन्हें दूर कराया जाएगा। जहां नेटवर्क की दिक्कत है, वहां अन्य विकल्पों से समस्या दूर कराई जाएगी। वैक्सीन आने से पहले सभी अड़चन दूर कर ली जाएंगी। - डॉ. सुधीर कुमार गर्ग, सीएमओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed