{"_id":"5f8221e970484332fb019ae5","slug":"drug-and-injection-business-spread-from-uttarakhand-to-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड से लेकर पंजाब तक फैला है नशे की दवा और इंजेक्शन का कारोबार, बदनाम हैं यूपी के ये जिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड से लेकर पंजाब तक फैला है नशे की दवा और इंजेक्शन का कारोबार, बदनाम हैं यूपी के ये जिले
Sun, 11 Oct 2020 02:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
अमर उजाला नेटवर्क, बरेली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 11 Oct 2020 02:34 AM IST
सार
- इस अवैध धंधे को लेकर बदनाम हो चुके हैं बरेली और शाहजहांपुर
- स्मैक, अफीम की अपेक्षा सस्ता और सहज सुलभ होने से डिमांड ज्यादा
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मंडल के शाहजहांपुर और बरेली जिला नशीली दवा और इंजेक्शन के अवैध कारोबार को लेकर दूर-दूर तक बदनाम हो चुके हैं। यह अवैध कारोबार यहां से उत्तराखंड और पंजाब तक फैला हुआ है। कई बार बड़ी कार्रवाई भी हुई लेकिन इस धंधे से होने वाले मोटे मुनाफे के चक्कर में कारोबार बदस्तूर जारी है। इसको लेकर पिछले साल दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने भी यहां बड़ी कार्रवाई की थी।
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खांसी के सीरप फेंसेडिल, कोडिन, कोडीस्टार, कोरेक्स, डायलेक्स डीसी, एस्कोरिल सी में मुख्य रूप से क्लोरफिनइरामिन और कोडीन मिला होता है, जिस वजह से नशे के आदी लोग इनका इस्तेमाल करते हैं। इसी तरह स्पास्मो, नाइट्राबाइट, अल्प्राजोलम, फोर्टविन आदि दवाएं भी नशे के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। इन दवाओं की बिक्री डॉक्टर के पर्चे पर ही होने का नियम है, लेकिन धंधेबाजों के लिए इसकी कोई अहमियत नहीं है। पंजाब और उत्तराखंड तक इनका काला कारोबार हो रहा है। स्मैक और अफीम जैसे महंगे नशे की अपेक्षा सस्ती और आसानी से उपलब्ध होने के चलते इनकी डिमांड भी खूब है। इसका फायदा उठाकर अवैध रूप से इनकी बिक्री करने वाले दुकानदार इनकी कीमत से दस गुनी राशि तक वसूलते हैं।
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आरोपी पकड़े गए तो सामने आया कनेक्शन
जुलाई में उत्तराखंड की रुड़की पुलिस ने 278 नशीली गोलियों के साथ हल्लू माजरा थाना भगवानपुर, उत्तराखंड निवासी विजय सैनी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने गोलियां बरेली से लाने की बात कही थी। इसके अलावा पिछले साल सिडकुल में पंतनगर पुलिस और एंटी ड्रग टास्क फोर्स ने वार्ड नंबर एक ट्रांजिट कैंप निवासी समरेश और राकेश कुमार निवासी गोलमड़ैया, कृष्णा विहार कॉलोनी ट्रांजिट कैंप को गिरफ्तार कर नशे के 120 इंजेक्शन बरामद किए थे। इन आरोपियों ने भी बरेली से लाकर नशे के इंजेक्शन रुद्रपुर और सिडगुल में सप्लाई करने का खुलासा किया था।
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पकड़ा गया था फेंसेडिल का बड़ा कारोबार
पिछले साल दिल्ली की क्राइम ब्रांच ने फेंसेडिल का अवैध कारोबार पकड़कर शहर के कारोबारियों को जेल भेजा था। उस समय सामने आया था कि लखनऊ से बड़ी तादात में आई फेंसेडिल सीरप दवा बाजार में पहुंचने के बजाय व्यापारी ने ट्रांसपोर्टर के पास से ही उसे आगे भेज दिया। यह मामला खुलने के बाद शास्त्री मार्केट की कई दवा दुकानों पर कार्रवाई हुई थी।
बरेली, शाहजहांपुर से पंजाब-उत्तराखंड तक सप्लाई
जुलाई 2018: औषधि विभाग ने शास्त्री मार्केट में कार्रवाई कर कई दुकानों पर खांसी के सीरप फेंसेडिल का अवैध स्टॉक पकड़ा था।
नवंबर 2019: जीआरपी ने शाहजहांपुर से खरीदकर पंजाब ले जाए जा रहे 200 नशीले इंजेक्शन के साथ दो लोगों को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ के बाद औषधि विभाग ने शाहजहांपुर के कलान में मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर 16 लाख की नशीली दवाएं पकड़ीं।
दिसंबर 2019 : शाहजहांपुर के बंडा में मोहद्दीनपुर के मेडिकल स्टोर से आठ लाख रुपये की नशीली दवाएं जब्त की गईं।
जनवरी 2020: बहेड़ी में मुंडिया नवी बख्श स्थित मेडिकल स्टोर से एक लाख रुपये की नशीली दवाएं जब्त कीं।
नशीली दवाओं की तस्करी की शिकायतें मिल रही हैं लेकिन सटीक जानकारी नहीं मिली है। हम इनपुट जुटा रहे हैं, बरेली दवा बाजार हब है इस पर निगरानी करा रहे हैं।
-विवेक कुमार, औषधि निरीक्षक