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Bareilly News: बूंदाबांदी से बढ़ी सर्दी, गेहूं के लिए बनी संजीवनी
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अलीगंज/मीरगंज/भंडसर। क्षेत्र में बृहस्पतिवार से रुक-रुक कर हो रही बारिश से सर्दी बढ़ गई तो दूसरी तरफ बारिश की बूंदे फसलों के लिए संजीवनी साबित हुई।
दो दिनों से सुबह-शाम कोहरे के बाद बृहस्पतिवार को तड़के बूंदाबांदी हो गई। मौसम सुबह से सर्द रहा, इससे लोग फिर से ठिठुरते देखे गए। आसमान में बादल भी छाए रहे। हालांकि दोपहर बाद हल्की धूप निकल आई, लेकिन हवा चलने से दिन के तापमान में अपेक्षाकृत कमी दर्ज की गई। रात का न्यूनतम तापमान बढ़ गया। बूंदाबांदी से गेंहू, मसूर, सरसों, गन्ना एवं बागवानी को काफी फायदा हुआ है तो आलू को नुकसान हुआ। वहीं, मीरगंज क्षेत्र के भट्ठा संचालकों ने बताया कि उन्होंने भट्ठा चलाने के लिए कच्ची ईंटों की पथाई शुरू करा दी थी, जो बारिश के कारण गल गई, जिससे उनका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। भंडसर में भी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे।
ठंड बढ़ने से बीमार और कमजोर एवं वृद्ध लोगों को काफी परेशानी हुई। लोग पूरे दिन बिस्तरों में बैठे रहे। शाम को बाजार भी समय से पहले ही बंद हो गए। हर कोई सर्दी से बचाव का इंतजाम करने में जुट गया। कई स्थानों पर लोग अलाव जलाकर गर्मी पाने की कोशिश करते दिखाई दिए। संवाद
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दो दिनों से सुबह-शाम कोहरे के बाद बृहस्पतिवार को तड़के बूंदाबांदी हो गई। मौसम सुबह से सर्द रहा, इससे लोग फिर से ठिठुरते देखे गए। आसमान में बादल भी छाए रहे। हालांकि दोपहर बाद हल्की धूप निकल आई, लेकिन हवा चलने से दिन के तापमान में अपेक्षाकृत कमी दर्ज की गई। रात का न्यूनतम तापमान बढ़ गया। बूंदाबांदी से गेंहू, मसूर, सरसों, गन्ना एवं बागवानी को काफी फायदा हुआ है तो आलू को नुकसान हुआ। वहीं, मीरगंज क्षेत्र के भट्ठा संचालकों ने बताया कि उन्होंने भट्ठा चलाने के लिए कच्ची ईंटों की पथाई शुरू करा दी थी, जो बारिश के कारण गल गई, जिससे उनका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। भंडसर में भी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे।
ठंड बढ़ने से बीमार और कमजोर एवं वृद्ध लोगों को काफी परेशानी हुई। लोग पूरे दिन बिस्तरों में बैठे रहे। शाम को बाजार भी समय से पहले ही बंद हो गए। हर कोई सर्दी से बचाव का इंतजाम करने में जुट गया। कई स्थानों पर लोग अलाव जलाकर गर्मी पाने की कोशिश करते दिखाई दिए। संवाद
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