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Bareilly News: नहीं साफ हुए नाले, दूसरे दिन भी निचले इलाकों में जलभराव
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बरेली। मानसून आने के साथ ही नगर निगम के नाला सफाई के दावे हवा-हवाई साबित हुए। लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी बारिश के बाद शहर के निचले इलाकों में जलभराव हुआ। संजयनगर, हजियापुर, सुभाषनगर, व्नखंडीनाथ मंदिर रोड, सिकलापुर, दुर्गा नगर समेत तमाम इलाकों में पानी भर गया। परेशान लोग नगर निगम को कोसते रहे।
महापौर व नगर आयुक्त ने बरसात में शहर में जलभराव न होने का दावा किया था। इस बार नाला सफाई पर दो करोड़ रुपये खर्च किए गए। बड़े नालाें की सफाई का जिम्मा निर्माण विभाग को दिया गया था। निर्माण विभाग ने टेंडर कराकर नाला सफाई का दावा किया था। बीते साल नाला सफाई पर 60 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इस बार दो करोड़ रुपये खर्च कर दावा किया जा रहा था कि जलभराव नहीं होगा, लेकिन हालात नहीं बदले।
बृहस्पतिवार को हुई बारिश में भूड़, पुराना शहर, वनखंडीनाथ, सिकलापुर, मढ़ीनाथ, नेकपुर, सुभाषनगर, संजयनगर, जसौली व अन्य निचले इलाकों के घरों में भी पानी भर गया। घनी आबादी वाले इलाके ज्यादा प्रभावित हुए। नालों के ठीक से साफ न होने की वजह से सड़कें भी जलमग्न हुईं। सिटी स्टेशन रोड पर पानी भर गया। अलखनाथ मंदिर की तरफ सड़क पर पानी भर गया। बारिश रुकने के दो-तीन घंटे बाद पानी निकल सका। इसके बाद सड़कों पर गंदगी फैली दिखी।
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महापौर व नगर आयुक्त ने बरसात में शहर में जलभराव न होने का दावा किया था। इस बार नाला सफाई पर दो करोड़ रुपये खर्च किए गए। बड़े नालाें की सफाई का जिम्मा निर्माण विभाग को दिया गया था। निर्माण विभाग ने टेंडर कराकर नाला सफाई का दावा किया था। बीते साल नाला सफाई पर 60 लाख रुपये खर्च किए गए थे। इस बार दो करोड़ रुपये खर्च कर दावा किया जा रहा था कि जलभराव नहीं होगा, लेकिन हालात नहीं बदले।
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बृहस्पतिवार को हुई बारिश में भूड़, पुराना शहर, वनखंडीनाथ, सिकलापुर, मढ़ीनाथ, नेकपुर, सुभाषनगर, संजयनगर, जसौली व अन्य निचले इलाकों के घरों में भी पानी भर गया। घनी आबादी वाले इलाके ज्यादा प्रभावित हुए। नालों के ठीक से साफ न होने की वजह से सड़कें भी जलमग्न हुईं। सिटी स्टेशन रोड पर पानी भर गया। अलखनाथ मंदिर की तरफ सड़क पर पानी भर गया। बारिश रुकने के दो-तीन घंटे बाद पानी निकल सका। इसके बाद सड़कों पर गंदगी फैली दिखी।
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