इलाज का पैसा, बीमारियां मुफ्त बांट रहे
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जिले भर के निजी अस्पताल इलाज तो मोटी फीस लेकर कर रहे हैं, लेकिन बीमारियां मुफ्त फैला रहे हैं। बीमारियां भी ऐसी-वैसी नहीं बल्कि गुर्दा, सांस और कैंसर जैसी जानलेवा। तमाम नियम-कायदों की अनदेखी कर ये अस्पताल अपना मेडिकल वेस्ट या तो खुले में डाल रहे हैं या उन्हें कुछ इस तरह नष्ट कर रहे हैं जिससे उसका दुष्प्रभाव आसपास के पूरे वातावरण को घातक बना रहा है। सीएमओ दफ्तर के रिकॉर्ड के मुताबिक 25 फीसदी से ज्यादा तो ऐसे अस्पताल हैं जिन्होंने अपने मेडिकल वेस्ट का नियमों के मुताबिक निस्तारण करने के लिए आवेदन की प्रक्रिया तक शुरू नहीं की है।
सीएमओ कार्यालय में पंजीकृत जिले के 129 अस्पताल और नर्सिंग होम ऐसे हैं जो एलोपैथी के डॉक्टर चला रहे हैँ। इसके अलावा 50 अस्पताल और नर्सिंग होम बीएएमएस या दूसरी पद्धति की चिकित्सा डिग्री वाले डॉक्टर चला रहे हैं। अस्पतालों के लिए उनसे निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए कई नियम-कायदे हैं। नियमों के मुताबिक कोई भी अस्पताल न तो खुले में मेडिकल वेस्ट डाल सकता है न उसका गैर सुरक्षित तरीके से निस्तारण कर सकता है। लेकिन इसके बावजूद जिले के आधे से ज्यादा प्राइवेट अस्पताल यही कर रहे हैं।
सरकारी पहल के तहत तीन साल पहले सीबीगंज में बायो मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल के लिए प्लांट स्थापित किया गया था। इस प्लांट में अभी तक बमुश्किल जिले के आधे अस्पतालों का ही मेडिकल वेस्ट पहुंच रहा है। वह भी पूरी तरह नहीं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कई अस्पताल अपना मेडिकल वेस्ट चोरी-छिपे जलाकर नष्ट कर रहे हैं तो कुछ अस्पताल उसे नष्ट करने की जरूरत भी महसूस नहीं करते। वे उसे ऐसे ही खुले में डालकर छोड़ देते हैं।
फैल सकती हैं घातक बीमारियां
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक मेडिकल वेस्ट के असुरक्षित निस्तारण या उसे खुले में डाल देने से घातक संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं। इस कचरे को जलाने से फरनेस गैस निकलती है जो किडनी, दिल और लीवर पर काफी घातक असर डालती है। सीएमओ डॉ. विजय यादव के मुताबिक अस्पतालों से निकलने वाला करीब 20 फीसदी कचरा संक्रमित होता है जो बाकी कचरे को भी संक्रमित कर देता है। डॉ. यादव बताते हैं कि अपशिष्ट प्रबंधन के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ताजा अध्ययन में पाया है कि मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने में लापरवाही से गुर्दे और सांस के रोगों के साथ कैंसर तक जैसी बीमारी होने का खतरा रहता है। खुले में मेडिकल वेस्ट डालने का सबसे ज्यादा खतरा उन बच्चों को रहता है तो कूड़े के ढेरों में कचरा बीनकर परिवार की रोजी चलाते हैं।
सीएमओ ने दी चेतावनी- रजिस्ट्रेशन रद्द होगा
सीएमओ डॉ. विजय यादव ने मेडिकल वेस्ट को सीबीगंज स्थित प्लांट में न भेजने वाले अस्पतालों को उनका रजिस्ट्रेशन रद्द करने की चेतावनी दी है। उन्होंने इस बारे में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन को पत्र जारी किया है जिसमें कहा गया है कि तमाम अस्पताल मेडिकल वेस्ट निस्तारित करने के संबंध में पंजीकरण की शर्तों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इसके घातक परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने आईएमए को अपने सदस्य डॉक्टरों को तत्काल नियमों का पालन करने की हिदायत देने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि स्वास्थ्य विभाग जल्द इस संबंध में चेकिंग शुरू कराएगा। इसमें अगर कोई अस्पताल मेडिकल वेस्ट को गैरकानूनी ढंग से डंप करता पाया गया तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर उसे सीज कर दिया जाएगा।
कई नामचीन अस्पताल भी कर रहे लापरवाही
मेडिकल वेस्ट का निस्तारण करने में शहर के कई नामचीन अस्पताल नियम-कायदों का पालन नहीं कर रहे हैं। चूंकि सीबीगंज स्थित प्लांट में मेडिकल वेस्ट डंप करने की एवज में इन अस्पतालों को निर्धारित फीस अदा करनी पड़ती है, इसलिए ये अस्पताल अपने कचरे को प्लांट पर भेजने के बजाय असुरक्षित ढंग से नष्ट कर देते हैं।