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Bareilly News: डीपीआरओ ने माना रफीक ही हैं ग्राम प्रधान, सौंपी रिपोर्ट
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बरेली। भदपुरा ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत परसरामपुर में दो प्रधानों के मामले में डीपीआरओ ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। उन्होंने रफीक को ही ग्राम प्रधान माना है।
बीडीओ और भूमि सरंक्षण अधिकारी पहले से इस मामले की जांच कर रहे थे। मामले को और स्पष्ट करने के लिए एसडीएम नवाबगंज ने डीपीआरओ कमल किशोर को भी जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था। डीपीआरओ ने बताया कि रफीक और उनके दो अन्य भाइयों ने प्रधानी चुनाव के दौरान नामांकन कराया था, पर शरीफ और शफीक ने बाद में नामांकनपत्र वापस ले लिया था।
रफीक ने ही प्रधानी का चुनाव लड़ा था और उनके नाम ही जीत का प्रमाणपत्र जारी किया गया है। रफीक ही प्रधानी का पूरा कामकाज देख रहे हैं। वही उस गांव के प्रधान हैं। डीपीआरओ ने बताया कि चुनाव के बाद तीन माह के अंदर जीत पर आपत्ति होनी चाहिए, लेकिन तब किसी ने शिकायत नहीं की। हालिया मामला राजनीति से प्रेरित है।
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आरओ से मांगा जबाव
भूमि सरंक्षण अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि उनकी जांच भी पूरी हो गई है। इसमें रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) से जवाब मांगा गया है कि उन्होंने किसके नाम जीत का प्रमाणपत्र जारी किया था। बीडीओ की रिपोर्ट आने के बाद भूमि सरंक्षण अधिकारी अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।
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बीडीओ और भूमि सरंक्षण अधिकारी पहले से इस मामले की जांच कर रहे थे। मामले को और स्पष्ट करने के लिए एसडीएम नवाबगंज ने डीपीआरओ कमल किशोर को भी जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा था। डीपीआरओ ने बताया कि रफीक और उनके दो अन्य भाइयों ने प्रधानी चुनाव के दौरान नामांकन कराया था, पर शरीफ और शफीक ने बाद में नामांकनपत्र वापस ले लिया था।
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रफीक ने ही प्रधानी का चुनाव लड़ा था और उनके नाम ही जीत का प्रमाणपत्र जारी किया गया है। रफीक ही प्रधानी का पूरा कामकाज देख रहे हैं। वही उस गांव के प्रधान हैं। डीपीआरओ ने बताया कि चुनाव के बाद तीन माह के अंदर जीत पर आपत्ति होनी चाहिए, लेकिन तब किसी ने शिकायत नहीं की। हालिया मामला राजनीति से प्रेरित है।
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आरओ से मांगा जबाव
भूमि सरंक्षण अधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि उनकी जांच भी पूरी हो गई है। इसमें रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) से जवाब मांगा गया है कि उन्होंने किसके नाम जीत का प्रमाणपत्र जारी किया था। बीडीओ की रिपोर्ट आने के बाद भूमि सरंक्षण अधिकारी अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।