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कुत्ते पकड़ने में फुस्स
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Sun, 24 Apr 2016 01:54 AM IST
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कस्बे के विभिन्न मोहल्लो मेें खुली बिना लाइसेंस की मीट की दुकानों के खिलाफ तो प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी पर खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई कवायद नहीं शुरू की। शनिवार की सुबह आठ बजे वन विभाग, नगर पालिका व पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से मोहल्ला तलपुरा, शेखुपुरा, मोहल्ला बाजार, टांडा आदि में छापा मारा। इस दौरान मीट विक्रेताओं की टीम से नोकझोंक भी हुई। पुलिस के सख्त रवैये के आगे मीट विक्रेता घुटने टेक गए। अपनी अपनी दुकानें बंद कर वह भागते नजर आये। नगर की करीब एक सौ बीस दुकानें इस अभियान के चलते ही बंद हो गई। शेखूपुरा मोहल्ला निवासी मोहम्मद फारूख के घर अवैध रूप से चमडे़, हड्डी का गोदाम पकड़ा गया। गोदाम में भारी मात्रा में हड्डियां आदि भरी हुई थीं। जिसमें से बदबू आ रही थी। इसके बाद इसी मोहल्ले के मोहम्मद अहमद की मीट की दुकान पर छापा मारा। दुकान के आगे सड़क पर गोश्त के अवशेष फेंके हुए थे। जिन्हें दर्जन भर कुत्ते नोच कर खा रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य निरीक्षक आर के यादव ने मोहम्मद फारूख व मोहम्मद अहमद के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं, डीएम गौरव दयाल ने एसडीएम से तेजी से कार्रवाई करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई की रोज की रिपोर्ट दी जाए।
डीएम ने कहा, अवैध स्लाटर हाउस चलने पर होगी कार्रवाई
डीएम गौरव दयाल शनिवार को बहेड़ी पहुंचे। उन्होंने कहा कि कस्बे में दो सौ मीट की दुकानें हैं और मात्र चालीस के पास लाइसेंस हैं। ऐसे में नगर पालिका व प्रशासन की टीम क्या कर रही है। उन्होंने एसडीएम से नाराजगी जताते हुए कहा थोड़ा सख्ती से काम किया जाए। प्रतिदिन कितनी दुकानों पर छापेमारी की और क्या कार्रवाई हुई इसकी रिपोर्ट रोजाना जिला मुख्यालय भिजवाई जाए। डीएम ने साफ कहा कि अगर कहीं भी अवैध स्लाटर हाउस चलने का मामला संज्ञान में आया तो सीधे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर बगैर लाइसेंस के चल रही दुकानें बंद कराई जाएं। साथ ही एक्सपर्ट की मदद से कुत्तों को पकड़ा जाए।
छापेमारी में न किया जाए पक्षपात
सपा नेता आरिफ वकील ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कहा कि कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई फेल हो रही है। अभियान की आड़ में कुरैशी समाज के कुछ लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जिनकी नेताओं से पहुंच है, उनकी मीट की दुकानों पर छापे नहीं मारे जा रहे हैं। लाइसेंस के नवीनीकरण के नाम पर एक नेता ने पालिका प्रशासन से मिलकर गलत शपथ पत्र दाखिल करा दिए।
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टीमें आ चुकी हैं। रविवार से कार्रवाई शुरू हो जाएगी। ग्रामीण किसी तरह की चिंता न करें। जल्द ही कुत्तों को पकड़कर आतंक से निजात दिलाई जाएगी। -पारस नाथ मौर्या, एसडीएम
प्रशासन हमें लिखित आदेश दे दे तो एक सप्ताह के अंदर तहसील के लोगों को आवारा कुत्ते से निजात दिला देंगे। प्रशासन तो लोगों को गुमराह कर महज बयान बाजी करने के सिवा कुछ नहीं कर रहा है। -नबाव राशिद खां, संयोजक कारवां संस्था
क्षेत्र में टीमों के न पहुंचने से कुत्ते पकड़ने का अभियान फेल
- मुरादाबाद और पीलीभीत से आनी थी टीमें
मासूम बच्चों की जान ले रहे खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए शुरू किय गया अभियान फेल साबित हो रहा है। मुरादाबाद और पीलीभीत से आने वाली टीमें भी क्षेत्र में नहीं पहुंच पाईं। जिससे कुत्ते पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे प्रशासन के दावे पूरी तरह से हवाई साबित हो गए।
खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए मुरादाबाद व पीलीभीत से एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई थी, जो शनिवार तक नहीं पहुंची। शनिवार को किसी गांव में कोई टीम कुत्ते पकड़ने नहीं पहुंची। जिसको लेकर ग्रामीणों में गुस्सा दिखा। गुरसौली गांव के ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार आवारा कुत्ते आतंक मचाए हुए हैं। अफसर गांव आकर बैठकेें करने के बाद बडे़ बड़े वायदे कर चले जाते हैं। कुत्तों पर शिकंजा न कसने से मासूमों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है।
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नालियों में खून बहता मिला, स्लाटर हाउस नहीं पकड़ पाए
छापेमारी करने निकली टीम को नगर के कई मोहल्लों की नालियों में वध किए गए पशुओं का खून बहता मिला। यह खून घरों में बनाए गए अवैध स्लाटर हाउस में वध किए गए जानवरों का था। नालियों में बहता खून देखने के बाद भी टीम पता नहीं लगा पाई कि किस घर में अवैध स्लाटर हाउस बनाकर जानवर वध किए गए थे।
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डीएम ने कहा, अवैध स्लाटर हाउस चलने पर होगी कार्रवाई
डीएम गौरव दयाल शनिवार को बहेड़ी पहुंचे। उन्होंने कहा कि कस्बे में दो सौ मीट की दुकानें हैं और मात्र चालीस के पास लाइसेंस हैं। ऐसे में नगर पालिका व प्रशासन की टीम क्या कर रही है। उन्होंने एसडीएम से नाराजगी जताते हुए कहा थोड़ा सख्ती से काम किया जाए। प्रतिदिन कितनी दुकानों पर छापेमारी की और क्या कार्रवाई हुई इसकी रिपोर्ट रोजाना जिला मुख्यालय भिजवाई जाए। डीएम ने साफ कहा कि अगर कहीं भी अवैध स्लाटर हाउस चलने का मामला संज्ञान में आया तो सीधे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के अंदर बगैर लाइसेंस के चल रही दुकानें बंद कराई जाएं। साथ ही एक्सपर्ट की मदद से कुत्तों को पकड़ा जाए।
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छापेमारी में न किया जाए पक्षपात
सपा नेता आरिफ वकील ने एसडीएम को ज्ञापन देकर कहा कि कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई फेल हो रही है। अभियान की आड़ में कुरैशी समाज के कुछ लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। जिनकी नेताओं से पहुंच है, उनकी मीट की दुकानों पर छापे नहीं मारे जा रहे हैं। लाइसेंस के नवीनीकरण के नाम पर एक नेता ने पालिका प्रशासन से मिलकर गलत शपथ पत्र दाखिल करा दिए।
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टीमें आ चुकी हैं। रविवार से कार्रवाई शुरू हो जाएगी। ग्रामीण किसी तरह की चिंता न करें। जल्द ही कुत्तों को पकड़कर आतंक से निजात दिलाई जाएगी। -पारस नाथ मौर्या, एसडीएम
प्रशासन हमें लिखित आदेश दे दे तो एक सप्ताह के अंदर तहसील के लोगों को आवारा कुत्ते से निजात दिला देंगे। प्रशासन तो लोगों को गुमराह कर महज बयान बाजी करने के सिवा कुछ नहीं कर रहा है। -नबाव राशिद खां, संयोजक कारवां संस्था
क्षेत्र में टीमों के न पहुंचने से कुत्ते पकड़ने का अभियान फेल
- मुरादाबाद और पीलीभीत से आनी थी टीमें
मासूम बच्चों की जान ले रहे खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए शुरू किय गया अभियान फेल साबित हो रहा है। मुरादाबाद और पीलीभीत से आने वाली टीमें भी क्षेत्र में नहीं पहुंच पाईं। जिससे कुत्ते पकड़ने की कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे प्रशासन के दावे पूरी तरह से हवाई साबित हो गए।
खूंखार कुत्तों को पकड़ने के लिए मुरादाबाद व पीलीभीत से एक्सपर्ट की टीम बुलाई गई थी, जो शनिवार तक नहीं पहुंची। शनिवार को किसी गांव में कोई टीम कुत्ते पकड़ने नहीं पहुंची। जिसको लेकर ग्रामीणों में गुस्सा दिखा। गुरसौली गांव के ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार आवारा कुत्ते आतंक मचाए हुए हैं। अफसर गांव आकर बैठकेें करने के बाद बडे़ बड़े वायदे कर चले जाते हैं। कुत्तों पर शिकंजा न कसने से मासूमों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है।
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नालियों में खून बहता मिला, स्लाटर हाउस नहीं पकड़ पाए
छापेमारी करने निकली टीम को नगर के कई मोहल्लों की नालियों में वध किए गए पशुओं का खून बहता मिला। यह खून घरों में बनाए गए अवैध स्लाटर हाउस में वध किए गए जानवरों का था। नालियों में बहता खून देखने के बाद भी टीम पता नहीं लगा पाई कि किस घर में अवैध स्लाटर हाउस बनाकर जानवर वध किए गए थे।