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एक और डीएम गए ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बसा
बरेली।
Updated Mon, 01 May 2017 01:15 AM IST
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एक और डीएम गए ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बसा
- फोटो : एक और डीएम गए ट्रांसपोर्ट नगर नहीं बसा
जिलाधिकारियों के आने के साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर बसावट की आवाज बुलंद होती है। कुछ दिनों में डीएम सक्रिय होते हैं। कुछ काम आगे बढ़ने को होता है अचानक डीएम बदलते हैं सबकुछ पहले जैसा हो जाता है। कमिश्नर विपिन द्विवेदी ने इसे एजेंडे में लिया था तो काम आगे भड़ते ही उनका भी ट्रांसफर हो गया। चुनाव से पहले पंकज यादव जब डीएम बनकर आए तो उन्होंने बैठकें की और कवायद तेज हुईं लेकिन उनके जाने के बाद सबकुछ शांत हो गया। नए डीएम सुरेंद्र सिंह ने कुछ दिन पहले ही ट्रांसपोर्ट नगर से अवैध कब्जा हटाने की डेट तक तय हो गई। एक दिन की मोहलत भी दी गई लेकिन उनका भी तबादला हो गया । हैरत इसबात की है कि नीचे के अधिकारी भी तबादले के बाद एकदम चुप्पी साध लेते हैं।
शहर की सड़कों से ट्रकों को हटाकर जाम से मुफ्त कराने के लिए ट्रांसपोर्टनगर बसाने की कोशिश कई साल से चल रही है। कई मंडलायुक्त और डीएम बदल गए। उनके द्वारा ट्रांसपोर्टनगर को बसाने की कोशिश भी की गई। इस मामले में सबसे संजीदा विपिन द्विवेदी नजर आए थे। हाल में नए मंडलायुक्त पीवी जगनमोहन के आने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर को बसाने की फिर से कवायद तेज हुई थी। हालांकि डीएम सुरेंद्र सिंह के एजेंडे में पहले से ही यह प्लान शामिल था। कार्रवाई को शुरू करने से पहले एसडीएम सदर अपूर्वा दुबे को ट्रांसपोर्टनगर में सड़कों पर कब्जा करने वाले मैकेनिकों को समझाने के लिए भेजा गया। मैकेनिकों को टाइम मिलता गया। वह इकट्ठा होकर डीएम के पास आए तो उन्हें मंगलवार तक का समय दे दिया गया। इसके बाद आगे भी उन्हें समय मिलता गया। डीएम के जाने के बाद किसी अधिकारी ने ट्रांसपोर्ट नगर से अवैध अतिक्रमण को हटाने को कोई कार्रवाई नहीं की है।
ट्रांसपोर्टनगर को हर हाल में बसाया जाना है। कोई अवैध निर्माण वहां नहीं रहेगा। पूरे मामले को समझने के बाद आगे की कार्रवाई कराई जाएगी
- पिंकी जोवेल, डीएम
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शहर की सड़कों से ट्रकों को हटाकर जाम से मुफ्त कराने के लिए ट्रांसपोर्टनगर बसाने की कोशिश कई साल से चल रही है। कई मंडलायुक्त और डीएम बदल गए। उनके द्वारा ट्रांसपोर्टनगर को बसाने की कोशिश भी की गई। इस मामले में सबसे संजीदा विपिन द्विवेदी नजर आए थे। हाल में नए मंडलायुक्त पीवी जगनमोहन के आने के बाद ट्रांसपोर्ट नगर को बसाने की फिर से कवायद तेज हुई थी। हालांकि डीएम सुरेंद्र सिंह के एजेंडे में पहले से ही यह प्लान शामिल था। कार्रवाई को शुरू करने से पहले एसडीएम सदर अपूर्वा दुबे को ट्रांसपोर्टनगर में सड़कों पर कब्जा करने वाले मैकेनिकों को समझाने के लिए भेजा गया। मैकेनिकों को टाइम मिलता गया। वह इकट्ठा होकर डीएम के पास आए तो उन्हें मंगलवार तक का समय दे दिया गया। इसके बाद आगे भी उन्हें समय मिलता गया। डीएम के जाने के बाद किसी अधिकारी ने ट्रांसपोर्ट नगर से अवैध अतिक्रमण को हटाने को कोई कार्रवाई नहीं की है।
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ट्रांसपोर्टनगर को हर हाल में बसाया जाना है। कोई अवैध निर्माण वहां नहीं रहेगा। पूरे मामले को समझने के बाद आगे की कार्रवाई कराई जाएगी
- पिंकी जोवेल, डीएम