बरेली में दिवाली की धूम: आज जलाएं खुशियों के दीप, शुभ योग में करें लक्ष्मी पूजन; जानें मुहूर्त और पूजा विधि
बरेली में दिवाली की धूम है। आज रोशनी का पर्व स्वाति नक्षत्र, आयुष्मान योग, त्रिग्रही योग और बुधादित्य योग के शुभ संयोग में मनाया जाएगा। घर-घर खुशियों के दीप जलाए जाएंगे।
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कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या पर उत्साह और उमंग के साथ दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि रविवार को दोपहर 11:27 बजे से शुरू होकर सोमवार को मध्याह्न 12:31 बजे तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार दीपावली का त्योहार रात्रि व्यापिनी अमावस्या तिथि में मनाया जाना श्रेष्ठ माना जाता है, इसके चलते दीपावली आज मनाई जाएगी।
इस बार का दीपोत्सव बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि कई दुर्लभ और शुभ संयोगों का अद्भुत संगम बना है। बरेली के पंडित मुकेश मिश्रा के अनुसार इस दिवाली पर तुला राशि में सूर्य, चंद्रमा चंद्रम और बुध की युति से त्रिग्रही और बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही पूजन के लिए स्वाति नक्षत्र और आयुष्मान योग भी उपस्थित रहेंगे।
इन सभी पावन संयोगों के मिलने से भक्तों को पूजा-पाठ का कई गुना अधिक फल प्राप्त होगा और भगवान गणेश तथा महालक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद बरसेगा। बुधादित्य और त्रिग्रही योग मान-सम्मान और व्यापारिक लाभ देने वाले साबित होते हैं। स्वाति नक्षत्र धन में वृद्धि और यश दिलाता है। आयुष्मान योग को मंगलकारी माना गया है। व्यापारियों और दुकानदारों के लिए अपने प्रतिष्ठान, शोरूम, फैक्टरी और कारखानों में पूजन के लिए सुबह 9:20 बजे से ही शुभ मुहूर्त शुरू हो जाएंगे।
पंडित मुकेश मिश्रा ने बताया कि पूजन से पहले पूरे घर और आंगन को अच्छी तरह सजाएं। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं। ताजे फूलों के वंदनवार लगाएं। घर के ईशान कोण को पूजा के लिए सबसे उत्तम स्थान माना गया है, इसलिए पूजन करते समय आपका मुख ईशान, पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
मुख्य द्वार पर मां लक्ष्मी के ऐसे पदचिह्न लगाएं जो घर के अंदर की ओर जाते हुए प्रतीत हों, जिससे माता का आगमन स्थायी हो सके। इस दिन भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, भगवान विष्णु, सूर्यदेव, शिव और मां दुर्गा इन पांच प्रमुख देवताओं की पूजा का विधान है। पूजन के दौरान सात मुख वाला घी का दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है, इससे घर में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है।
गोबर के पांच हजार दीपों से जगमगाई कान्हा उपवन गोशाला
कान्हा उपवन गोशाला में दीपावली की पूर्व संध्या पर गोबर से बने दीपक जलाकर दीपोत्सव मनाया गया। गोवंश के गोबर से तैयार किए गए पांच हजार दीपकों की रोशनी से गोशाला परिसर जगमगा उठा। इन दीपकों को तैयार करने का काम गोधन ऑर्गेनिक्स कंपनी ने किया। कंपनी ने मशीनों की मदद से कुल 12 हजार गोबर के दीपक तैयार किए थे। इनमें से पांच हजार दीपकों को दीपावली की पूर्व संध्या पर सजाकर जलाया गया।