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सौहार्द की दिवाली: सूने घर की दहलीज को हिंदू-मुस्लिमों ने मिलकर किया रोशन
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बरेली। बरेली हमेशा से साझा संस्कृति का शहर रहा है। भले ही कभी-कभी गर्म हवाएं चलतीं हों मगर लोगों के दिलों तक कोई आंच नहीं पहुंची। जाति-धर्म को परे रखकर यहां होली, दिवाली, ईद, मोहर्रम सहित अन्य त्योहार सभी लोग मिलकर मनाते हैं।
अनगिनत उदाहरणों के बीच बुधवार को छोटी दिवाली पर ऐसा ही वाकया देखने को मिला। सुभाषनगर में बस्सी परिवार के बंद पड़े मकान की दहलीज और छत पर दीप व मोमबत्तियां प्रज्ज्वलित कर रोशनी की गई। इसकी अगुवाई राश्मी खान और समयुन खान ने की। नितिन शर्मा, नरेश राजपूत, अकबर, नसीम अहमद, हिमांशी शर्मा, नसीर अहमद आदि शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले तक यहां अनिल बस्सी का परिवार रहता था। अनिल के निधन के कुछ समय बाद पत्नी पूनम बस्सी को बच्चों की नौकरी के चलते बाहर जाना पड़ा। तब से यहां कोई आता नहीं है और मकान बंद पड़ा रहता है। बंद मकान के बाहर हर साल समयुन खान की टीम दिवाली पर रोशनी करती है।
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राश्मी खान ने बताया कि बुधवार को छोटी दिवाली पर दरवाजे के बाहर दीया जलाया गया। बृहस्पतिवार को दिवाली पर भी उनकी टीम यहां आकर रोशनी करेगी।
जरूरतमंदों को सजावट का सामान दिया
बरेली। एक आस संस्था की अध्यक्ष समयुन खान ने अपने साथियों के साथ जरूरतमंदों को दीये, झालरें सहित सजावट का सामान दिया। समयुन खान ने बताया कि यह वह लोग हैं, जो आर्थिक स्थिति की वजह से घर की सजावट का सामान खरीद नहीं सकते। ऐसेे में हमारी टीम की ओर से मिठाई, दीये, रंगोली का सामान, अतिशबाजी, फूल मालाएं, झालरें व अन्य चीजें भेंट की गईं। वहीं, धनतेरस पर जनसेवा टीम की ओर से नॉवल्टी चौराहा पर 3500 दीयों का वितरण किया गया। संवाद
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अनगिनत उदाहरणों के बीच बुधवार को छोटी दिवाली पर ऐसा ही वाकया देखने को मिला। सुभाषनगर में बस्सी परिवार के बंद पड़े मकान की दहलीज और छत पर दीप व मोमबत्तियां प्रज्ज्वलित कर रोशनी की गई। इसकी अगुवाई राश्मी खान और समयुन खान ने की। नितिन शर्मा, नरेश राजपूत, अकबर, नसीम अहमद, हिमांशी शर्मा, नसीर अहमद आदि शामिल रहे।
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उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले तक यहां अनिल बस्सी का परिवार रहता था। अनिल के निधन के कुछ समय बाद पत्नी पूनम बस्सी को बच्चों की नौकरी के चलते बाहर जाना पड़ा। तब से यहां कोई आता नहीं है और मकान बंद पड़ा रहता है। बंद मकान के बाहर हर साल समयुन खान की टीम दिवाली पर रोशनी करती है।
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राश्मी खान ने बताया कि बुधवार को छोटी दिवाली पर दरवाजे के बाहर दीया जलाया गया। बृहस्पतिवार को दिवाली पर भी उनकी टीम यहां आकर रोशनी करेगी।
जरूरतमंदों को सजावट का सामान दिया
बरेली। एक आस संस्था की अध्यक्ष समयुन खान ने अपने साथियों के साथ जरूरतमंदों को दीये, झालरें सहित सजावट का सामान दिया। समयुन खान ने बताया कि यह वह लोग हैं, जो आर्थिक स्थिति की वजह से घर की सजावट का सामान खरीद नहीं सकते। ऐसेे में हमारी टीम की ओर से मिठाई, दीये, रंगोली का सामान, अतिशबाजी, फूल मालाएं, झालरें व अन्य चीजें भेंट की गईं। वहीं, धनतेरस पर जनसेवा टीम की ओर से नॉवल्टी चौराहा पर 3500 दीयों का वितरण किया गया। संवाद