दिवाली ने कोरोना का अंधकार तो छांटा ही पहले से ज्यादा रौनक बिखेरी
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कारोबारियों को उम्मीद, सहालग के दौरान पुरानी रफ्तार पकड़ लेगा बाजार
लॉक डाउन ने बाजार को बुरी तरह प्रभावित किया लेकिन सात महीने बाद त्योहारों के मौसम में कारोबारियों की सारी चिंताएं धुल गईं। कारोबारियों का कहना है कि जिस तरह बाजार पटरी पर लौटा है, वह उनकी उम्मीद से कहीं बेहतर है। यह स्थिति आगे सहालग में और बेहतर हो सकती है। सराफा कारोबारी कहते हैं कि यह उम्मीद उन्हें भी नहीं थी कि सोना महंगा होने के बावजूद लोग इस कदर खरीदारी करेंगे। इस बार पिछले साल के मुकाबले एक-तिहाई से ज्यादा कारोबार हुआ है। चूंकि सराफा बाजार में सहालग से पहले ही खरीदारी शुरू हो जाती है इसलिए दो महीनों से इस कारोबार में उछाल आने लगा था। त्योहारों में पिछले साल से करीब एक तिहाई ज्यादा कारोबार हुआ है।
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त्योहारों में सराफा, गारमेंट, मिठाई, नमकीन, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रानिक के साथ किराना बाजार में भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। ऑनलाइन बाजार भी लॉकडाउन के बाद उम्मीद से ज्यादा चमका। आतिशबाजी बाजार में कुछ घबराहट थी लेकिन दिवाली ने उसे भी निराश नहीं किया। बाजारों में बढ़ती भीड़ से बचने के लिए लोगों ने ऑनलाइन शॉपिंग करना बेहतर समझा। इसलिए इस सेेक्टर ने भी पुराने रिकार्ड तोड़े हैं। कारोबारी बताते हैं कि आने वाले दिन बाजार के लिए अच्छे ही रहेंगे। कारोबारी सर्वे के मुताबिक त्योहारी सीजन नौ करोड़ रुपये के कारोबार का आंकड़ा छू सकता है।लॉकडाउन से कारोबार चौपट हो गया था लेकिन पिछले दो महीने से शुरू हुई त्योहारी और सहालग के लिए खरीदारी ने बाजार की खोई रौनक लौटा दी है। सोना और डायमंड ज्चेलरी की मांग ज्यादा रही। - संदीप अग्रवाल, सराफ
इस बार पिछले सारे रिकार्ड टूटे हैं। भाईदूज पर गारमेंट की मांग ज्यादा होती है। चूंकि इसके बाद सहालग भी हैं, इसलिए बाजार चल गया और अब चलता रहेगा। ग्राहकों का रुझान काफी बेहतर दिख रहा है। - नरेंद्र गुप्ता पप्पू, गारमेंट कारोबारी
ऑटोमोबाइल बाजार नवरात्र से ही चमकने लगा था। धनतेरस और दिवाली ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए। करीब सौ करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। अभी भाईदूज पर भी खरीदारी होगी। - पंकज अग्रवाल, आटोमोबाइल डीलर
माना जा रहा था कि कोरोना के दौर में मिठाई, नमकीन और बेकरी आइटम की मांग कम रहेगी मगर दिवाली सीजन में हुएकारोबार ने सारे अनुमान पलट दिए। उम्मीद है कि अब यही स्थिति बनी रही। - धर्मेंद्र कुमार, नमकीन-बेकरी व्यवसायी