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Bareilly News: सुविधाओं को तरसे दिव्यांग, बुजुर्ग भी हुए परेशान

Fri, 12 May 2023 02:49 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Fri, 12 May 2023 02:49 AM IST
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Divyang longing for facilities, elders also got upset
बरेली। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए मतदान करना चुनौतीपूर्ण रहा। असुविधाओं के बीच अपनी जिम्मेदारी निभाने में उनको कई परेशानियां झेलनी पड़ीं। तपती गर्मी में घंटों कतार में लगकर मतदान किया। व्हीलचेयर न मिलने पर कुछ दिव्यांग मतदाता घिसटते हुए तो कुछ परिजनों के सहारे बूथों तक पहुंचे।
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चौखट पार करना ही था मुश्किल
मतदान केंद्र की चौखट ही काफी ऊंची थी। उसे पार करने में ही दो-तीन लोगों का सहारा लेना पड़ रहा था। रैंप भी नहीं बनाया गया था। केंद्र इतने छोटे थे कि अगर 10 लोग वोट डालने एक साथ आ जाएं तो भीड़ जैसा लग रहा था।
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बैठने को नहीं थीं कुर्सियां, व्हीलचेअर भी नदारद
आलमगिरीगंज, जखीरा, सैदपुर, सिटी आदि मतदान केंद्रों पर बैठने की व्यवस्था भी नहीं थी। बस आड़ी-टेढ़ी कतारें लगी हुईं थी। बुजुर्गों व दिव्यांगों को जमीन का ही सहारा लेना पड़ रहा था। तपती गर्मी में कई बूथों पर पेयजल की सुविधा भी नहीं थी। कई बूथों पर बुजुर्ग व दिव्यांग मतदाताओं को व्हीलचेअर भी नसीब नहीं हुई।
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लंबी दूरी पर थे बूथ
नवदिया, स्वालेनगर, सैदपुर, जसौली आदि मतदान केंद्रों के द्वार पर पुलिस तैनात थी। वहीं से पैदल जाना पड़ रहा था। बूथ तक पहुंचने के लिए काफी चलना पड़ रहा था। ऐसे में व्हीलचेअर न मिलने से बुजुर्गों व दिव्यांगों को काफी दिक्कत हुई।

मतदाताओं की सुविधा के लिए सभी व्यवस्थाएं थीं। यह गलत है कि रैंप नहीं बने हैं। ज्यादातर बूथ वही रहे जो विधानसभा चुनाव में थे। सभी केंद्रों पर व्हीलचेअर थी। पेयजल के लिए नगर निगम के टैंकर लगे थे। - शिवाकांत द्विवेदी, जिला निर्वाचन अधिकारी
हर बार यही दिक्कतें होती हैं। कोई बदलाव नहीं होता। हम विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिम्मादारी निभाने आते हैं। - कमल देव तिवारी
पौत्र के साथ आ गई तो सहारा हो गया। मदद तो दूर, यहां कोई सुनने को तैयार नहीं। इतनी गर्मी में पैदल बूथ पर पहुंचने में परेशानी हुई। - बताशो देवी
उम्मीद के बल पर ही वोट देने आते हैं। अच्छा हुआ जो परिजन साथ थे, वरना यहां सीढि़यों पर चढ़ने के लिए सहारा कौन बनता। - कल्लू
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