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अव्यवस्था : फाॅल्ट, ट्रिपिंग से फैक्टरियों में तीन गुना बढ़ी डीजल की खपत

Thu, 09 Oct 2025 02:58 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 09 Oct 2025 02:58 AM IST
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Disorder: Diesel consumption in factories increased three-fold due to faults and tripping.
नौ माह से बिजली आपूर्ति बेपटरी होने से उत्पादन प्रभावित, जेब पर पड़ रहा बोझ, बैठकों में भी उठ रहा मुद्दा
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बरेली। सरकारी खजाने में करोड़ों का योगदान कर रहे उद्यमी नौ माह से बिजली आपूर्ति सुचारु करने की गुहार लगा रहे हैं, पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। दो दिन की बारिश में फाॅल्ट, ट्रिपिंग से जनरेटर में डीजल की खपत तीन गुना हो गई है। उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
परसाखेड़ा, सीबीगंज के उद्यमियों के मुताबिक जिला और मंडलीय उद्योग बंधु की बैठकों में नौ माह से यह मुद्दा उठ रहा है। उद्यमी विद्युत निगम के चक्कर काट रहे हैं, पर व्यवस्था के बजाय आश्वासन की घुट्टी मिल रही है। उच्चाधिकारियों ने नियमित एसडीओ, एक जेई, दो लाइनमैन तैनात करने के निर्देश दिए थे जो धरातल पर नहीं उतर सका। पिछले साल तक ट्रिपिंग, फाॅल्ट महज 10-20 मिनट में ठीक हो जाते थे। अब इसमें घंटों लग रहे हैं। फरीदपुर क्षेत्र में पेड़ों की छंटाई न होने से आए दिन फाॅल्ट, ट्रिपिंग से उद्यमी जूझ रहे हैं।
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बीते दिनों अमर उजाला एमएसएमई कॉन्क्लेव में भी उद्यमियों ने यह समस्या साझा की थी। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया तो अफसरों ने संज्ञान लिया। परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर भूमिगत केबल डालने पर मंथन किया गया, पर प्रस्ताव अब तक तैयार नहीं हो सका।
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24 घंटे का दावा पर 14-15 घंटे ही मिल रही बिजली
परसाखेड़ा, भोजीपुरा, फरीदपुर, रिछा औद्योगिक क्षेत्र में विद्युत निगम 24 घंटे आपूर्ति का दावा कर रहा है, लेकिन 14-15 घंटे ही बिजली मिल रही है। पिछले वर्षाें का हवाला देते हुए उद्यमियों ने पहले जैसी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। कहा कि रात में लाइट खराब होने पर जिम्मेदार कॉल रिसीव नहीं करते। परसाखेड़ा की किसी एक फैक्टरी में दिक्कत हो तो उस लेन का एक फीडर बंद कर देते हैं। तब उस लेन के सभी उद्योगों की बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है। इस समस्या पर अब तक सुनवाई नहीं हुई है। ब्यूरो


उद्यमी बोले- जाम हो जाती हैं मशीनें
बार-बार बिजली जाने से मशीनें जाम हो जाती हैं। हीटिंग में समय और कच्चा माल दोनों बर्बाद होते हैं। अतिरिक्त डीजल की खपत होती है। कई बार शिकायत की पर सुधार नहीं हो रहा। - ठाकुर सत्येंद्र सिंह, उद्यमी
फाॅल्ट, ट्रिपिंग से निजात की ठोस व्यवस्था न करना विभागीय अनदेखी का प्रमाण है। नियमानुसार अगर कटौती करनी है तो समय तय कर दें। इससे उद्यमी अलर्ट रहेंगे। परेशान नहीं होंगे। - रतन शर्मा, उद्यमी
परसाखेड़ा में ज्यादातर फूड प्रोसेसिंग की फैक्टरियां हैं। बिजली जाने से सभी कारखानों में लाइन में लगा माल खराब होता है। काफी देर तक बिजली न आने पर जनरेटर चलाना पड़ता है। - राकेश धीरवानी, उद्यमी

फरीदपुर में बिजली आपूर्ति बदहाल है। उद्योग बंधु की बैठक में पेड़ों की छंटाई का मामला उठा पर हुआ कुछ नहीं। अंडरग्राउंड लाइन के लिए एनओसी न मिलने की बात अफसर कह रहे हैं। - रजत मेहरोत्रा, उद्यमी
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