फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Digital arrest case: Factory worker and student arrested from Mirzapur

डिजिटल अरेस्ट मामला : मिर्जापुर से फैक्टरी कर्मचारी और छात्र गिरफ्तार

Sat, 12 Jul 2025 01:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jul 2025 01:21 AM IST
विज्ञापन
Digital arrest case: Factory worker and student arrested from Mirzapur
बरेली। इज्जतनगर थाना क्षेत्र निवासी आईवीआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक को डिजिटल अरेस्ट कर 1.29 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस को दूसरी सफलता मिल गई है। टीम ने मिर्जापुर में दबिश देकर छात्र दीपू पांडेय और बैग फैक्टरी के कर्मचारी शुभम यादव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को सीजेएम कोर्ट से जेल भेजा गया है।
विज्ञापन

17 जून को आईवीआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक शुकदेव नंदी को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट किया था। ठगों ने खुद को बंगलूरू पुलिस और सीबीआई का अधिकारी बताकर वैज्ञानिक के नाम वाले फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल मानव तस्करी में इस्तेमाल करने का डर दिखाया। ठगों ने डर दिखाकर उनसे 1.29 करोड़ रुपये तीन खातों में ट्रांसफर करा लिए। यह रकम बाद में 125 खातों में ट्रांसफर कर क्रिप्टो करेंसी में बदल दी गई। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्य लखनऊ से पकड़े थे। अब साइबर थाना प्रभारी दिनेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मिर्जापुर के थाना जमालपुर निवासी दीपू पांडेय और शंभू यादव को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से एक आईफोन, तीन डेबिट कार्ड और एक मोबाइल बरामद किया गया है। रकम बरामदगी को लेकर साइबर टीम काम तो कर रही है, लेकिन जानकार बताते हैं कि क्रिप्टो करेंसी में बदलने के बाद रकम वापसी मुश्किल से हो पाती है। ब्यूरो
विज्ञापन

----
दीपू ने किराये पर दिया था शुभम का खाता
- गिरोह के सदस्य कमीशन पर लोगों का खाता लेकर उसमें ठगी की रकम ट्रांसफर कराते हैं, उसमें से रकम अन्य खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि लखनऊ के एक खाते में ठगी की सर्वाधिक रकम 1.10 करोड़ गई थी। उस खाते से एक खाते में तीन लाख रुपये भेजे गए थे। जांच में वह खाता मिर्जापुर की एक जंबो बैग फैक्टरी में काम करने वाले शुभम का मिला। शुभम की गिरफ्तारी के बाद पता लगा कि उसके दोस्त दीपू ने शुभम के नाम से खाता खुलवाकर उसका डेबिट कार्ड, चेकबुक राजस्थान के एक व्यक्ति को दे दिया था। तीन लाख की रकम उसी व्यक्ति ने उसी दिन निकालकर क्रिप्टो करेंसी में बदलकर विदेश भिजवा दी। उसने कमीशन के तौर पर दीपू को 13 हजार रुपये भेजे थे, दीपू ने इनमें से दस हजार रोककर तीन हजार खाते के मालिक शुभम को दे दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

---

संगठित अपराध के तहत हो रही कार्रवाई
- पुलिस ने अब तक गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। माना जा रहा है कि गिरफ्तार होने वाले ठगों की संख्या बढ़ सकती है। ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह पर लगाम लगाने के लिए पुलिस का रवैया सख्त है। एसएसपी अनुराग आर्य ने पहले गिरफ्तार हुए चार आरोपियों पर संगठित अपराध करने की धारा 111 अलग से लगवा दी थी। पुलिस गिरोह के सदस्यों का पंजीकरण कर सकती है। इसके बाद इनकी संपत्ति चिह्नित कर जब्त की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed