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Bareilly News: विपरीत हालात में भी नहीं छोड़ा धैर्य का साथ, मिली कामयाबी

Tue, 14 May 2024 05:23 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Tue, 14 May 2024 05:23 AM IST
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Did not leave patience even in adverse circumstances, achieved success
बरेली। सीबीएसई की परीक्षा के दौरान परिस्थितियां विपरीत होने के बावजूद कई विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की। किसी के पिता की मौत हो गई थी तो किसी के अभिभावकों की नौकरी छूट गई थी। इसके बाद भी उन्होंने धैर्य का दामन नहीं छोड़ा। हौसला बनाए रखा। पूरे मनोयोग से तैयारी की और नतीजा आज सबके सामने है। संवाद
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पिता की हार्ट अटैक से मौत, बेटी ने हासिल किए 93 फीसदी अंक
केंद्रीय विद्यालय नंबर एक जाट रेजिमेंट केंद्र की छात्रा दिव्यांशी शर्मा ने 12वीं में 93 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता प्रेमशंकर का वर्ष 2021 में हार्टअटैक से देहांत हो गया था। इस दौरान वह 10वीं की पढ़ाई कर रही थी। 2022 में 10वीं में भी दिव्यांशी ने 93 फीसदी अंक हासिल किए थे। पिता की मौत के बाद दिव्यांशी की बड़ी बहन सौम्या शर्मा परिवार का सहारा बनीं। सौम्या ने आईसीएसई बोर्ड से पढ़ाई की है और इस समय बंगलूरू में नौकरी कर रही हैं। दिव्यांशी इस समय दिल्ली में रहकर तैयारी कर रही हैं। वह इंजीनियर बनकर पिता का नाम रोशन करना चाहती हैं। उनकी बहन सौम्या ने भी इन्हीं जिम्मेदारियों की वजह से अभी तक शादी नहीं की है।
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रविवार को ही हो पता है पिता से सामना
जिंगल बेल्स पब्लिक स्कूल के छात्र यश गौड़ ने 10वीं में 96.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता राजीव गौड़ पिकअप चालक हैं और मां गृहिणी हैं। यश के पिता सुबह सात बजे घर से निकल जाते हैं और देर रात घर आते हैं। यश ने बताया कि वह रविवार को ही पिता से रूबरू हो पाते हैं। इस दौरान वह पढ़ाई के बारे में ही बात करते हैं। घर के हालात ऐसे हैं कि किताबों की भी दिक्कत रहती थी। पिता की मेहनत बर्बाद न हो, इसके लिए उन्होंने मेहनत की। सेल्फ स्टडी के दम पर सफलता पाई। अब स्कूल भी उनके अच्छे नंबर आने पर आगे की पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप देने को तैयार है। वहीं, यश के भाई रजत गौड़ ने यूपी बोर्ड से 82 फीसदी अंकों के साथ 12वीं की परीक्षा पास की है। यश डॉक्टर बनकर पिता की मुश्किलों को हल करना चाहते हैं।
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पिता की गई नौकरी तो शिक्षिका मां बनीं सहारा
विद्या वर्ल्ड स्कूल के छात्र नकटिया निवासी अनिरुद्ध तोमर ने 10वीं में 94.2 अंक प्राप्त किए हैं। उनके पिता पुष्पेंद्र प्राइवेट नौकरी करते थे, जो कोरोना काल में चली गई। इसके बाद शिक्षिका मां अनिता सिंह ने जिम्मेदारी निभाई। सेल्फ स्टडी के दौरान पिता ही उनको पढ़ाते हैं। नौकरी जाने के बाद पिता ने मां और मां ने पिता की जिम्मेदारी संभाली। वह दोनों को ही अपनी सफलता का श्रेय दे रहे हैं। वह परिवार के इकलौते बेटे हैं। अनिरुद्ध आगे गणित वर्ग से पढ़ाई कर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं।
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