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दुआएं लेने सौदागरान पहुंचे नसीमउद्दीन

Wed, 03 Feb 2016 01:36 AM IST
बरेली
बरेली Updated Wed, 03 Feb 2016 01:36 AM IST
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बरेली। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमउद्दीन सिद्दीकी मंगलवार को दरगाह के लोगों की दुआएं लेने सौदागरान पहुंचे। दरगाह आला हजरत पर हाजरी के साथ चादर पेश करते हुए उन्होंने फातेहा पढ़ी। साथ ही खानदान के लोगों से मिल कर दुआएं भी लीं।  
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इस हाजरी को नसीमउद्दीन ने यहां सिर्फ अपनी अकीदत और मोहब्बत का नजराना पेश करने की गरज भर बताया। मगर जिस तरह वह आला हजरत खानदान के प्रमुख लोगों से उनके निवास पर अलग-अलग मिले, उससे सियासी मकसद भी देखे जा रहे हैं। हलांकि यहां आने से पहले ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि दरगाह पर जाने का कार्यक्रम सियासी नहीं हैं। वह काफी समय से हाजरी देने आना चाह रहे थे। इस बार सिर्फ उसी इरादे से आएं हैं। इतना तो साफ है कि वह दरगाह के लोगों से निकटता बढ़ाने आए थे।
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पिछली बसपा सरकार में तत्कालीन सज्जादानशीन मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) बेटे नायब सज्जादा रहे मौलाना अहसन रजा खां कादरी को उर्दू बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया था। उसके लिए पैरवी भी नसीमउद्दीन ने ही की थी। यह पहला मौका था जब इस पद पर किसी सुन्नी (बरेलवी) को जगह मिली थी। मौलाना अहसन छह महीना ही उस पद पर रहे। उसके बाद बसपा से दरगाह की कुछ दूरी हो गई थी। माना जा रहा है कि इस बार वह इसी खाई को पाटना चाहते हैं। पिछले दिनों होटल में दरगाह से जुड़े लोगों से उनकी मुलाकात को भी इसी तरह लिया गया था।
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नसीमउ्ददीन शाम को दरगाह पहुंच कर मौलाना शहाबउद्दीन रजवी को साथ लेकर सबसे पहले दरगाह शरीफ पर हाजरी दी। चादर पोशी व गुलपोशी के बाद फतेहा पढ़ी और दुआ मांगी। इसके बाद यहीं पर मगरिब की नमाज भी अदा की। उनके साथ बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर ब्रह्मस्वरूप सागर, विधायक सुल्तान बेग, पूर्व विधायक विजय पाल, इंजीनियर अनीस अहमद, मौलाना फरियाद अली भी थे।

वह ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) के निवास पर गए। उनके उमरा पर होने और साहबजादे शहर काजी मौलाना असजद रजा खां कादरी के मुंबई होने की वजह से मुलाकात नहीं हो सकी। उनकी गैर मौजूदगी में मौलाना शहाबउद्दीन ने उनकी आवभगत करते हुए उन्हें ताजुश्शरिया की लिखी 15 किताबें भेंट की। इसके बाद वह मौलाना मन्नान रजा खां (मन्नानी मियां) से उनके निवास पर मिलने गए। इस दौरान मन्नानी मियां के बेटे इमरान रजा खां (समनान मियां) भी मौजूद रहे। यहां से वह दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) से उनके निवास पर मिले। इस दौरान उनके बेटे नूरी मियां और दामाद आसिफ मियां भी मौजूद रहे। इन सभी लोगों से नसीमउद्दीन ने सिर्फ दुआ के लिए कहा। सियासत पर या पार्टी के मुद्दों पर कोई बात नहीं किया।
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