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अल्पसंख्यकों का नहीं, अफसरों का हुआ कल्याण
बरेली
Updated Fri, 20 Mar 2015 01:37 AM IST
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प्रदेश की सपा सरकार एक तरह अल्पसंख्यकों के कल्याण के दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर कल्याणकारी इन योजनाओं का फायदा बरेली के इन परिवारों को नहीं मिल पा रहा है। अधिकारियों ने मार्च तक अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में पॉलिटेक्निक कालेज, राजकीय इंटर कालेज, छात्रावास तथा प्राइमरी स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष बनवाने के दावे किए थे लेकिन धनराशि होने के बावजूद यह काम नहीं हो पाए। ऐन वक्त पर इनके लिए मिले कई करोड़ रुपये ठिकाने लगाए जा रहे हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण की महत्वपूर्ण योजना मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट स्कीम ने अफसरों का ही ज्यादा कल्याण किया। विभिन्न विभागों की योजनाओं पर कई करोड़ रुपये की आहुति दे दी गई लेकिन गरीबों का भला कहीं दिखाई नहीं दे रहा। जिले को इन योजनाओं के लिए मिले करीब 10 करोड़ रुपए अभी भी पड़े हुए हैं, जिसे 10 दिन में खपाने की तैयारी की जा रही है।
शहर और देहात के 169 कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल के लिए रिलीज किए गए 13 करोड़ 85 लाख रुपये में से 9 करोड़ 24 लाख रुपये का खर्चा कर लिया। अवशेष रकम को इन दस दिनों में ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली है। राजकीय पॉलीटेक्निक में निर्माण को 12 करोड़ रुपया अवमुक्त हुआ है। इसमें से अभी तक 9.10 करोड़ रुपया खर्च दिखा दिया गया है। वहीं दूसरी ओर राजकीय इंटर कालेज में निर्माण के नाम पर नौ करोड़ के सापेक्ष 7.87 करोड़ या करीब 87 फीसदी धन खर्च कर लिया गया।
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अल्पसंख्यक कल्याण की महत्वपूर्ण योजना मल्टी सेक्टोरियल डेवलपमेंट स्कीम ने अफसरों का ही ज्यादा कल्याण किया। विभिन्न विभागों की योजनाओं पर कई करोड़ रुपये की आहुति दे दी गई लेकिन गरीबों का भला कहीं दिखाई नहीं दे रहा। जिले को इन योजनाओं के लिए मिले करीब 10 करोड़ रुपए अभी भी पड़े हुए हैं, जिसे 10 दिन में खपाने की तैयारी की जा रही है।
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शहर और देहात के 169 कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल के लिए रिलीज किए गए 13 करोड़ 85 लाख रुपये में से 9 करोड़ 24 लाख रुपये का खर्चा कर लिया। अवशेष रकम को इन दस दिनों में ठिकाने लगाने की तैयारी कर ली है। राजकीय पॉलीटेक्निक में निर्माण को 12 करोड़ रुपया अवमुक्त हुआ है। इसमें से अभी तक 9.10 करोड़ रुपया खर्च दिखा दिया गया है। वहीं दूसरी ओर राजकीय इंटर कालेज में निर्माण के नाम पर नौ करोड़ के सापेक्ष 7.87 करोड़ या करीब 87 फीसदी धन खर्च कर लिया गया।
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अल्पसंख्यकों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कृषि, ग्राम्य विकास, डूडा, नगर निगम, आगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण, स्कूल भवन, शौचालय, पेंशन सहित 28 कल्याणकारी कार्यों में 62986 लोगों को रोजगार, पेंशन आदि लाभ दिए जाने प्रस्तावित थे। इनमें से मात्र 15673 लोगों को ही लाभ मिल पाया है, जो कि मात्र 24 फीसदी है। इतना कम लाभ दिए जाने पर अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जगमोहन का कहना है कि योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को लाभ देने की प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी। लाभ अप्रैल और मई तक दे दिया जाएगा।