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‘स्मार्ट सिटी में अब तक हुए कार्यों की गुणवत्ता का परीक्षण जरूरी’
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स्मार्ट सिटी निदेशक मंडल की बैठक में निदेशक/डीएम ने दिया सुझाव
छह परियोजनाओं को दी गई हरी झंडी, अब जारी होंगी ई-निविदा
नगर आयुक्त होंगे बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के सीईओ
बरेली। करीब 22 सौ करोड़ की स्मार्ट सिटी परियोजना की धीमी रफ्तार और अब तक किए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अब जनप्रतिनिधियों के अलावा खुद प्रशासनिक अधिकारी भी सवाल उठाने लगे हैं। सोमवार को आयुक्त सभागार में हुई स्मार्ट सिटी निदेशक मंडल की बैठक में निदेशक/जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अब तक कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की जरूरत बताई। कहा- ऐसा करने से भविष्य में कोई भी कार्य निम्न स्तर का नहीं हो पाएगा। बैठक की अध्यक्षता बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के चेयरमैन कमिश्नर रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के सीईओ पद पर नगर आयुक्त अभिषेक आनंद की नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी निदेशक मंडल ने मुहर लगा दी। तय किया गया कि अब सभी प्रोजेक्ट के लिए ई-टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी कार्य हों, उनकी सतत निगरानी की जाए। गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता न किया जाए। बैठक में बीडीए की उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल. नगर आयुक्त अभिषेक आनंद सहित निदेशक मंडल के सभी सदस्य मौजूद रहे।
छह प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी, अब निकलेंगी ई-निविदाएं
बैठक में स्मार्ट सिटी के छह प्रोजेक्ट के लिए ई-टेंडरिंग करने पर निदेशक मंडल ने अपनी मुहर लगा दी। इनमें सबसे अहम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के लिए करीब 180 करोड़ की ई-निविदा को मंजूरी दी गई। इस प्रोजेक्ट से शहर की बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को आधुनिक बनाया जा सकेगा और इनका विस्तार होगा। इसी प्रकार हैंडीक्राफ्ट प्रमोशन सेंटर को 47.5 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। इस सेंटर में बरेली के घरेलू उत्पादों सुरमा, मांझा, फर्नीचर, जरी आदि के लिए डेढ़ दर्जन दुकानें, कॉफी शॉप आदि बनेंगी। इसी प्रकार संजय कम्युनिटी हॉल एंड पॉन्ड कांप्लेक्स की लागत करीब 10.15 करोड़ है। इन दोनों की ई-निविदा भी अब पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। शहर में बनाए जाने वाले ई-क्योस्क की लागत 1.34 करोड़ आएगी। इसके अलावा वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन एंड मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर की लागत 7.5 करोड़ है।
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छह परियोजनाओं को दी गई हरी झंडी, अब जारी होंगी ई-निविदा
नगर आयुक्त होंगे बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के सीईओ
बरेली। करीब 22 सौ करोड़ की स्मार्ट सिटी परियोजना की धीमी रफ्तार और अब तक किए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अब जनप्रतिनिधियों के अलावा खुद प्रशासनिक अधिकारी भी सवाल उठाने लगे हैं। सोमवार को आयुक्त सभागार में हुई स्मार्ट सिटी निदेशक मंडल की बैठक में निदेशक/जिलाधिकारी नितीश कुमार ने भी स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अब तक कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की जरूरत बताई। कहा- ऐसा करने से भविष्य में कोई भी कार्य निम्न स्तर का नहीं हो पाएगा। बैठक की अध्यक्षता बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के चेयरमैन कमिश्नर रणवीर प्रसाद की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड कंपनी के सीईओ पद पर नगर आयुक्त अभिषेक आनंद की नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी निदेशक मंडल ने मुहर लगा दी। तय किया गया कि अब सभी प्रोजेक्ट के लिए ई-टेंडर आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी कार्य हों, उनकी सतत निगरानी की जाए। गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता न किया जाए। बैठक में बीडीए की उपाध्यक्ष दिव्या मित्तल. नगर आयुक्त अभिषेक आनंद सहित निदेशक मंडल के सभी सदस्य मौजूद रहे।
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छह प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी, अब निकलेंगी ई-निविदाएं
बैठक में स्मार्ट सिटी के छह प्रोजेक्ट के लिए ई-टेंडरिंग करने पर निदेशक मंडल ने अपनी मुहर लगा दी। इनमें सबसे अहम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के लिए करीब 180 करोड़ की ई-निविदा को मंजूरी दी गई। इस प्रोजेक्ट से शहर की बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को आधुनिक बनाया जा सकेगा और इनका विस्तार होगा। इसी प्रकार हैंडीक्राफ्ट प्रमोशन सेंटर को 47.5 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा। इस सेंटर में बरेली के घरेलू उत्पादों सुरमा, मांझा, फर्नीचर, जरी आदि के लिए डेढ़ दर्जन दुकानें, कॉफी शॉप आदि बनेंगी। इसी प्रकार संजय कम्युनिटी हॉल एंड पॉन्ड कांप्लेक्स की लागत करीब 10.15 करोड़ है। इन दोनों की ई-निविदा भी अब पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। शहर में बनाए जाने वाले ई-क्योस्क की लागत 1.34 करोड़ आएगी। इसके अलावा वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन एंड मैटेरियल रिकवरी फेसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर की लागत 7.5 करोड़ है।
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