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Bareilly News: शुरू नहीं हो सकी बिजली बिल घोटाले की विस्तृत जांच
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बरेली। बिजली बिलों के नाम पर 67 लाख रुपये की हेराफेरी के मामले में जांच शुरू नहीं हो सकी है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की एमडी रिया केजरीवाल ने शनिवार को चार सदस्यों की कमेटी गठित की थी। सोमवार को कमेटी के सदस्यों को बरेली आना था, मगर अब तक इंतजार है। जांच में देरी को लेकर चर्चाएं होने लगी हैं।
विद्युत निगम में पिछले साल वर्टिकल व्यवस्था लागू होने से पहले बिजली बिलों में संशोधन के नाम पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता तृतीय खंड अनुज गुप्ता के कार्यकाल के नौ बिलों में 17.34 लाख रुपये और अधिशासी अभियंता सुरेंद्र गौतम के कार्यकाल में 135 बिलों के संशोधन में 49.67 रुपये समायोजित कर खेल करने का आरोप है। विभागीय जांच में अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल ने घपलेबाजी को पकड़ा था।
हेराफेरी कई करोड़ की होने का अनुमान है। इसमें लेखाकार, दो लिपिक और एक कंप्यूटर ऑपरेटर की संलिप्तता भी सामने आई है।
प्रकरण सामने आने के बाद मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश की संस्तुति पर एमडी ने मुख्य अभियंता मुख्यालय के नेतृत्व में चार सदस्यों की जांच कमेटी गठित की थी। एक ओर विस्तृत जांच में देरी हो रही है और दूसरी ओर हेराफेरी के आरोपी अभियंता व कर्मचारी खुद को बचाने की जुगत में जुटे हुए हैं। संवाद
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विद्युत निगम में पिछले साल वर्टिकल व्यवस्था लागू होने से पहले बिजली बिलों में संशोधन के नाम पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता तृतीय खंड अनुज गुप्ता के कार्यकाल के नौ बिलों में 17.34 लाख रुपये और अधिशासी अभियंता सुरेंद्र गौतम के कार्यकाल में 135 बिलों के संशोधन में 49.67 रुपये समायोजित कर खेल करने का आरोप है। विभागीय जांच में अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल ने घपलेबाजी को पकड़ा था।
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हेराफेरी कई करोड़ की होने का अनुमान है। इसमें लेखाकार, दो लिपिक और एक कंप्यूटर ऑपरेटर की संलिप्तता भी सामने आई है।
प्रकरण सामने आने के बाद मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश की संस्तुति पर एमडी ने मुख्य अभियंता मुख्यालय के नेतृत्व में चार सदस्यों की जांच कमेटी गठित की थी। एक ओर विस्तृत जांच में देरी हो रही है और दूसरी ओर हेराफेरी के आरोपी अभियंता व कर्मचारी खुद को बचाने की जुगत में जुटे हुए हैं। संवाद
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