{"_id":"67b787693e47e0ac8d0c8b58","slug":"destroyed-parks-and-broken-roads-the-name-is-super-city-bareilly-news-c-4-lko1064-584702-2025-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: उजड़े पार्क और सड़कें टूटी... नाम है सुपर सिटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: उजड़े पार्क और सड़कें टूटी... नाम है सुपर सिटी
विज्ञापन
बरेली। डोहरा रोड स्थित सुपर सिटी कॉलोनी की सड़कें टूटी हैं। स्ट्रीट लाइटें और पार्क बदहाल हैं। जलापूर्ति और सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। आवंटियों के मुताबिक प्राधिकरण की स्वीकृति से वर्ष 2007 में बिल्डर ने यह कॉलोनी बसाई थी, लेकिन नगर निगम को हस्तांतरित नहीं की। बिल्डर ने बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) से कॉलोनी पूर्ण होने का प्रमाणपत्र भी नहीं लिया। वहां रह रहे 300 परिवार इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। बृहस्पतिवार को उन्होंने प्राधिकरण दिवस में गुहार लगाई।
आवंटियों ने बीडीए से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। कहा कि बिल्डर को औपचारिकताएं पूरी कर कॉलोनी नगर निगम को हस्तांतरित करने के लिए बाध्य करें। प्रियदर्शनी नगर स्थित बीडीए कार्यालय में आयोजित प्राधिकरण दिवस में दोपहर एक बजे तक चार मामले आए। बीडीए उपाध्यक्ष की गैरमौजूदगी में सचिव योगेंद्र कुमार ने लोगों की फरियाद सुनी। एक व्यक्ति ने भूखंड का आवंटन निरस्त कर जमा रकम लौटाने की मांग की। सचिव ने लेखा विभाग को तीन दिन में रकम लौटाने का निर्देश दिया।
पत्नी बीमार हैं... अब आवास नहीं, जमा रकम वापस चाहिए
बालाजी विहार निवासी कृष्ण कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किफायती दर पर आवास पाने के लिए निजी बिल्डर के पास 1.95 लाख रुपये जमा किए थे। उन्होंने बताया कि पत्नी बीमार हैं। अब उन्हें मकान नहीं, रुपये वापस चाहिए। 10 दिसंबर को पहली बार बीडीए दफ्तर में प्रार्थनापत्र दिया था। सुनवाई नहीं हुई तो बृहस्पतिवार को सांसद से मिले। सांसद ने बीडीए सचिव को कॉल की और उन्हें प्राधिकरण दिवस में भेजा। बीडीए सचिव ने बिल्डर से दस दिन में रुपये वापस कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
ढाई साल बाद भी नहीं मिला कब्जा, कब तक करें इंतजार
कर्मचारीनगर निवासी अजय यादव के नाम रामगंगानगर योजना के सेक्टर सात में 112.5 वर्गमीटर का भूखंड आवंटित हुआ था, पर ढाई साल बाद भी कब्जा नहीं मिला। वह पूरा भुगतान भी कर चुके हैं। प्राधिकरण दिवस में पहुंचे अजय के पिता शिवचरण यादव ने सचिव से पूछा कि कब तक कब्जा मिलेगा। सचिव ने बताया कि आवंटित भूखंड का रकबा मौके पर कुछ कम है। इसलिए उतनी ही नाप का दूसरा भूखंड आवंटित किया जाना है। इसके लिए सर्वे पूरा हो गया है। 15 दिनों में आवंटन कर दिया जाएगा।
--
सुपर सिटी कॉलोनी के मामले में पता कराएंगे कि कहां क्या अड़चन है? सेक्टर सात में भूखंड का आवंटन 15 दिन में किया जाएगा। - योगेंद्र कुमार, सचिव, बीडीए
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
आवंटियों ने बीडीए से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। कहा कि बिल्डर को औपचारिकताएं पूरी कर कॉलोनी नगर निगम को हस्तांतरित करने के लिए बाध्य करें। प्रियदर्शनी नगर स्थित बीडीए कार्यालय में आयोजित प्राधिकरण दिवस में दोपहर एक बजे तक चार मामले आए। बीडीए उपाध्यक्ष की गैरमौजूदगी में सचिव योगेंद्र कुमार ने लोगों की फरियाद सुनी। एक व्यक्ति ने भूखंड का आवंटन निरस्त कर जमा रकम लौटाने की मांग की। सचिव ने लेखा विभाग को तीन दिन में रकम लौटाने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
पत्नी बीमार हैं... अब आवास नहीं, जमा रकम वापस चाहिए
बालाजी विहार निवासी कृष्ण कुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत किफायती दर पर आवास पाने के लिए निजी बिल्डर के पास 1.95 लाख रुपये जमा किए थे। उन्होंने बताया कि पत्नी बीमार हैं। अब उन्हें मकान नहीं, रुपये वापस चाहिए। 10 दिसंबर को पहली बार बीडीए दफ्तर में प्रार्थनापत्र दिया था। सुनवाई नहीं हुई तो बृहस्पतिवार को सांसद से मिले। सांसद ने बीडीए सचिव को कॉल की और उन्हें प्राधिकरण दिवस में भेजा। बीडीए सचिव ने बिल्डर से दस दिन में रुपये वापस कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
ढाई साल बाद भी नहीं मिला कब्जा, कब तक करें इंतजार
कर्मचारीनगर निवासी अजय यादव के नाम रामगंगानगर योजना के सेक्टर सात में 112.5 वर्गमीटर का भूखंड आवंटित हुआ था, पर ढाई साल बाद भी कब्जा नहीं मिला। वह पूरा भुगतान भी कर चुके हैं। प्राधिकरण दिवस में पहुंचे अजय के पिता शिवचरण यादव ने सचिव से पूछा कि कब तक कब्जा मिलेगा। सचिव ने बताया कि आवंटित भूखंड का रकबा मौके पर कुछ कम है। इसलिए उतनी ही नाप का दूसरा भूखंड आवंटित किया जाना है। इसके लिए सर्वे पूरा हो गया है। 15 दिनों में आवंटन कर दिया जाएगा।
सुपर सिटी कॉलोनी के मामले में पता कराएंगे कि कहां क्या अड़चन है? सेक्टर सात में भूखंड का आवंटन 15 दिन में किया जाएगा। - योगेंद्र कुमार, सचिव, बीडीए
अमर उजाला ब्यूरो