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परिजनों में सपनों के रंग भरने का ढंग सीखने की ललक
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फैशन डिजाइनिंग
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साहूराम स्वरूप महिला कॉलेज में हुए सेमिनार में दिए गए फैशन डिजाइनिंग को करियर बनाने के टिप्स
बरेली। साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय की छात्राओं का हाल के कुछ सालों में फैशन डिजाइनिंग की ओर काफी रुझान बढ़ा है। शुक्रवार को शुरू हुए दो दिवसीय सेमिनार में इस कला की बारीकियां सीखने में काफी दिलचस्पी दिखाई। वस्त्र मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सेमिनार में फैशन डिजाइनिंग की छात्राओं को उन सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया जिनके तहत वे बैंक से लोन लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
सेमिनार में छात्राओं को ग्लोबल फैशन, फैशन फोरकास्टिंग, कलर फोरकास्टिंग और मास फैशन जैसे फैशन के तमाम पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक पुलकित जैन, आदित्य कुमार, मनोरमा सिंह बिष्ट, डूडा के डिजाइनर मोहम्मद फारूख और निफ्ट के डिजाइनर अनुराग सोनकर ने व्याख्यान दिए। छात्राओं को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया। साथ ही बैंकों की योजनाओं की भी जानकारी दी गई। सेमिनार में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुपमा मेहरोत्रा, विभागाध्यक्ष डॉ. अलका जायसवाल, डॉ ज्योति गुप्ता, डॉ. लक्ष्मी, फैजीन खान, रश्मि आनंद, हिना आदि भी मौजूद रहे।
मुझे फैशन डिजाइनिंग बहुत पसन्द है। नई ड्रेसेस डिजाइन करना बहुत अच्छा लगता है। कॉलेज से जरी कार्ड भी मिला है जिसकी मदद से भविष्य में अपना बुटीक खोलना चाहती हूं। - रुबीना, छात्रा
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मैंने फैशन में ही स्नातक और परास्नातक की शिक्षा हासिल की है। अब डिप्लोमा कर रही हूं। आगे जाकर अपना बुटीक खोलूंगी। यह मुझे बहुत पसंद है। अपने घर के कपड़े भी खुद ही बनाती हूं। - पूजा रत्ना, छात्रा
आज के समय में यह बहुत व्यापक क्षेत्र है। कम खर्च में एक बेहतर ड्रेस बनाई जा सकती है। और यह अलग बात इसलिए भी है कि बाजार में जो मिलता है, हम उससे ज्यादा बेहतर डिजाइन कर सकते हैं। - बबिता पाल, छात्रा
मुझे यहां काफी कुछ नया सीखने को मिला है। मैंने अब तक काफी ड्रेस डिजाइन भी किए हैं। सभी मेरे काम की सराहना करते है। इससे काम करने में और अच्छा लगता है। भविष्य में फैशन डिजाइनर बनना चाहती हूं। - प्रिया सक्सेना, छात्रा
फैशन के बढ़ते चलन और हर दिन नए अंदाज ने मुझे इस ओर आकर्षित किया। फैशन डिजाइनिंग कमाल का क्षेत्र है। यहां काम करने का अलग ही मजा है। हर दिन कुछ अलग डिजाइन करना इसका सबसे खास गुण है। - मृणाली शर्मा, छात्रा
फैशन डिजाइनिंग में बढ़ रही है छात्राओं की संख्या
दो सालों से बरेली में छात्राओं का फैशन डिजाइनिंग की ओर रूझान बढ़ रहा है। कई छात्राएं फैशन डिजाइनिंग को करियर के तौर पर अपनाने की कोशिश कर रही हैं। साहू रामस्वरूप कॉलेज में फैशन डिजाइनिंग में प्रवेश लेने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। मध्य वर्ग की छात्राओं का इस क्षेत्र की ओर विशेष आकर्षण है। वे मंदिरों में चढ़े हुए फूलों का प्रयोग भी कपड़ों को डाई करने में कर रही हैं।
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बरेली। साहू रामस्वरूप महिला महाविद्यालय की छात्राओं का हाल के कुछ सालों में फैशन डिजाइनिंग की ओर काफी रुझान बढ़ा है। शुक्रवार को शुरू हुए दो दिवसीय सेमिनार में इस कला की बारीकियां सीखने में काफी दिलचस्पी दिखाई। वस्त्र मंत्रालय की ओर से आयोजित इस सेमिनार में फैशन डिजाइनिंग की छात्राओं को उन सरकारी योजनाओं के बारे में भी बताया गया जिनके तहत वे बैंक से लोन लेकर अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
सेमिनार में छात्राओं को ग्लोबल फैशन, फैशन फोरकास्टिंग, कलर फोरकास्टिंग और मास फैशन जैसे फैशन के तमाम पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वस्त्र मंत्रालय के सहायक निदेशक पुलकित जैन, आदित्य कुमार, मनोरमा सिंह बिष्ट, डूडा के डिजाइनर मोहम्मद फारूख और निफ्ट के डिजाइनर अनुराग सोनकर ने व्याख्यान दिए। छात्राओं को भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया। साथ ही बैंकों की योजनाओं की भी जानकारी दी गई। सेमिनार में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुपमा मेहरोत्रा, विभागाध्यक्ष डॉ. अलका जायसवाल, डॉ ज्योति गुप्ता, डॉ. लक्ष्मी, फैजीन खान, रश्मि आनंद, हिना आदि भी मौजूद रहे।
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मुझे फैशन डिजाइनिंग बहुत पसन्द है। नई ड्रेसेस डिजाइन करना बहुत अच्छा लगता है। कॉलेज से जरी कार्ड भी मिला है जिसकी मदद से भविष्य में अपना बुटीक खोलना चाहती हूं। - रुबीना, छात्रा
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मैंने फैशन में ही स्नातक और परास्नातक की शिक्षा हासिल की है। अब डिप्लोमा कर रही हूं। आगे जाकर अपना बुटीक खोलूंगी। यह मुझे बहुत पसंद है। अपने घर के कपड़े भी खुद ही बनाती हूं। - पूजा रत्ना, छात्रा
आज के समय में यह बहुत व्यापक क्षेत्र है। कम खर्च में एक बेहतर ड्रेस बनाई जा सकती है। और यह अलग बात इसलिए भी है कि बाजार में जो मिलता है, हम उससे ज्यादा बेहतर डिजाइन कर सकते हैं। - बबिता पाल, छात्रा
मुझे यहां काफी कुछ नया सीखने को मिला है। मैंने अब तक काफी ड्रेस डिजाइन भी किए हैं। सभी मेरे काम की सराहना करते है। इससे काम करने में और अच्छा लगता है। भविष्य में फैशन डिजाइनर बनना चाहती हूं। - प्रिया सक्सेना, छात्रा
फैशन के बढ़ते चलन और हर दिन नए अंदाज ने मुझे इस ओर आकर्षित किया। फैशन डिजाइनिंग कमाल का क्षेत्र है। यहां काम करने का अलग ही मजा है। हर दिन कुछ अलग डिजाइन करना इसका सबसे खास गुण है। - मृणाली शर्मा, छात्रा
फैशन डिजाइनिंग में बढ़ रही है छात्राओं की संख्या
दो सालों से बरेली में छात्राओं का फैशन डिजाइनिंग की ओर रूझान बढ़ रहा है। कई छात्राएं फैशन डिजाइनिंग को करियर के तौर पर अपनाने की कोशिश कर रही हैं। साहू रामस्वरूप कॉलेज में फैशन डिजाइनिंग में प्रवेश लेने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ रही है। मध्य वर्ग की छात्राओं का इस क्षेत्र की ओर विशेष आकर्षण है। वे मंदिरों में चढ़े हुए फूलों का प्रयोग भी कपड़ों को डाई करने में कर रही हैं।