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दिल्ली-लखनऊ हाईवेः बारिश में जानलेवा हुआ हाईवे, कदम-कदम पर खतरा
Fri, 24 Jul 2020 02:21 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2020 02:21 AM IST
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बारिश में नेशनल हाईवे पर गड्डों की है भरमार।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सात अरब का ठेका लेने वाली कंपनी ने कुछ काम कराया लेकिन अभी काफी बाकी,फरीदपुर बाईपास पर ओवरब्रिज का एक हिस्सा पूरा टूटा
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बरेली। बारिश के मौसम में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर बरेली-फरीदपुर फोरलेन पर बेहद खतरनाक हो गया है। करीब दो साल पहले इस हाईवे का ठेका लेने वाली इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर कंपनी के बीच में ही काम छोड़ने के बाद पिछले साल ही यह हाईवे काफी खस्ताहाल हो गया था। कई बड़े एक्सीडेंट के बाद एनएचएआई ने पिछले साल पूरा हाईवे ठीक कराने के लिए एक कंपनी को करीब सात अरब का ठेका दिया था। मरम्मत के काम हुए लेकिन अभी भी कई जगहों पर टूटे डिवाइडर, अधूरे काम और खस्ताहाल फ्लाईओवर की वजह से एक्सीडेंट का खतरा बना हुआ है। एनएचएआई अफसरों का कहना हैै कि अभी मरम्मत का काम चल रहा है। प्रोजेक्ट को पूरा होने में अभी 18 महीने लगेंगे।
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खतरा-पांच शाहजहांपुर से फरीदपुर कस्बे के अंदर दाखिल होने के लिए मोड़ पर न तो कोई संकेतक है और न ही सेफ्टी लाइट लगाई गई है। इससे वाहन चालक अक्सर यहां भ्रमित हो जाते हैं। यहां हाईवे का डिवाइडर भी काफी दूर तक टूट हुए हैं। बारिश में वहां पानी भरने के साथ कीचड़ भी हो जाता है। इससे वाहनों के मुड़ने के दौरान एक्सीडेंट का खतरा बना है।
खतरा-एक कई जगहों पर अवैध कट से भी एक्सीडेंट का खतरा
रजऊ परसपुर से फरीदपुर के बीच हाईवे पर कई जगहों पर डिवाइडर को तोड़कर अवैैध कट बना दिए गए हैं। इससे स्थानीय लोग सुरक्षा को दरकिनार कर इन कटों से वाहनों से निकालते रहते हैं। इससे यहां एक्सीडेंट का खतरा बना है। इन डिवाइडर पर पेड़ लगाए जाने थे। ताकि रात में सामने से आ रहे वाहनों की हेडलाइट ड्राइवर की आंखों पर न पड़े। यह काम भी नहीं हुआ है।
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खतरा-दो गौसगंज के पास अधूरे हाईवे पर हादसे का खतरा
गौसगंज से पहले हाईवे का कुछ हिस्सा बना ही नहीं है। इसलिए यहां पर रूट का डायवर्जन कर सड़क के एक साइड की लेन पर ही दोनों तरफ का ट्रैफिक काफी समय से गुजारा जा रहा है। डायवर्जन के पास मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। ऐसे में वाहन इस गड्ढे में अचानक उछलकर अनियंत्रित होने से उनका दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना हुआ है।
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खतरा-तीन अधूरे टोल की सड़क बनाई लेकिन टूटे डिवाइडर से खतरा बरकरार
फरीदपुर के पास एनएचएआई ने टोल प्लाजा बनाने की तैयारी चल रही है। पहले हाईवे का निर्माण कार्य ही ठप हो गया तो टोल प्लाजा का स्ट्रक्चर भी आधा-अधूरा छोड़ दिया गया। इस वजह से यहां बीच में गहरे गड्ढे हो गए थे। यहां आए दिन वाहनों के पलटने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। हाल में यहां मरम्मत करा दी गई है लेकिन डिवाइडर टूटे हैं और टोल प्लाजा बनाने का काम भी ठप पड़ा है।खतरा-चार खतरे की घंटी बने फरीदपुर फ्लाईओवर का एक हिस्सा बंद
खतरे की घंटी बने फरीदपुर बाईपास के फ्लाईओवर के बरेली से शाहजहांपुर जाने वाले एक हिस्से को बंद कर दिया गया है। यहां मिट्टी के बहने, हाईवे के दरकने और धंसने का सिलसिला जारी था। जरा सी नजर चूकते ही इसमें वाहनों का गिरने का खतरे को देखते हुए एनएचएआई ने फ्लाईओवर पर ट्रैफिक को वन वे कर दिया है। क्षतिग्रस्त हिस्से ढहाकर वहां सुरक्षा पट्टी लगा दी गई हैं। हालांकि यहां जेसीबी सहित अन्य मशीनें खड़ी हैं लेकिन गुरुवार को मरम्मत का काम नहीं हो रहा था।खतरा-पांच शाहजहांपुर से फरीदपुर कस्बे के अंदर दाखिल होने के लिए मोड़ पर न तो कोई संकेतक है और न ही सेफ्टी लाइट लगाई गई है। इससे वाहन चालक अक्सर यहां भ्रमित हो जाते हैं। यहां हाईवे का डिवाइडर भी काफी दूर तक टूट हुए हैं। बारिश में वहां पानी भरने के साथ कीचड़ भी हो जाता है। इससे वाहनों के मुड़ने के दौरान एक्सीडेंट का खतरा बना है।
‘हाईवे पर मरम्मत के बाद अब मेन प्रोजेक्ट का काम शुरू हो गया है। कई जगहों पर फ्लाईओवर जो अधूरे पड़े थे या खस्ताहाल थे, उन्हें दुरुस्त किया जा रहा है।’- अमित प्रकाश, पीडी, एनएचएआई