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Bareilly News: हौसले से कैंसर को दी मात, अब दूसरों को कर रहे जागरूक

Wed, 04 Feb 2026 02:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 04 Feb 2026 02:42 AM IST
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Defeated cancer with courage, now making others aware
बरेली। कैंसर... सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक ऐसी लड़ाई है, जिससे आज लाखों परिवार जूझ रहे हैं। बदलते खानपान और लाइफ स्टाइल के कारण यह बीमारी अब साइलेंट किलर की तरह हमारे समाज में पैठ बना चुकी है। लेकिन, इससे लड़ने के लिए हौसले की जरूरत होती है। कई पीड़ितों ने जज्बे को हथियार बनाकर कैंसर को मात दी है। ऐसे लोग अब स्वस्थ होकर लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में होने वाली हर छठी मौत की वजह कैंसर है। तेजी से बढ़ते आंकड़ों ने चिकित्सा जगत की चिंता बढ़ा दी है। वरिष्ठ कैंसर चिकित्सक डॉ. पियूष कुमार अग्रवाल बताते हैं कि कैंसर लाइलाज नहीं, बस जागरूकता की कमी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। शुरुआती चरणों में पूरी तरह से इस भयानक बीमारी पर काबू करना संभव है।
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लोग इसकी जांच के लिए बायोप्सी कराने से डरते हैं। रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी के संबंध में गलत धारणाओं से लोग इसके इलाज से बचते हैं। इस लापरवाही से यह बीमारी अंतिम चरण में पहुंचकर लाइलाज हो जाती है। यदि समय से जांच और इलाज कराया जाए, तो इसे प्रारंभिक अवस्था में ही पकड़ा जा सकता है और इसका पूर्ण इलाज संभव है।
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एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज स्थित आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट में सभी प्रकार के कैंसर की पहचान और इसका इलाज संभव है। हजारों मरीज यहां से स्वस्थ होकर कैंसर से बेखौफ और सामान्य जीवन बिता रहे हैं। जल्द ही, यहां पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा आरंभ होने वाली है। ब्यूरो
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रामवती ने ब्रेस्ट कैंसर को हराया

इज्जतनगर स्थित रोड नंबर एक निवासी रामवती के ब्रेस्ट में गांठ थी। धीरे-धीरे इसमें दर्द होने लगा। इससे परेशान होकर उनके परिजनों ने 2014 में उनका इलाज शुरू कराया। डाॅ. अरविंद चौहान ने उनकी जांच की तो ब्रेस्ट कैंसर की जानकारी मिली। करीब डेढ़ वर्ष इलाज के बाद रामवती को ब्रेस्ट कैंसर से निजात मिली।

हफीज को गले के कैंसर से मिली निजात

मोहनपुर निवासी हफीज अहमद को 2015 में गले का कैंसर हुआ। कई जगह दिखाने के बाद हफीज अहमद अस्पताल गए। करीब ढाई वर्ष इलाज के बाद हफीज अहमद पूरी तरह कैंसर मुक्त हुए। अब हफीज रिश्तेदारों और संबंधियों को कैंसर के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वह अन्य लोगों को कैंसर के लाइलाज न होने और समय पर उपचार से ठीक होने की बात कहते हैं।

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क्यों होता है कैंसर -

वरिष्ठ कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके चितलांगिया के अनुसार, कैंसर खुद में कोई बीमारी नहीं बल्कि कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि है। यह शरीर के किसी भी अंग में, कभी भी और किसी भी उम्र में हो सकती है। यह वृद्धि एक अंग से होती हुई शरीर के दूसरे भाग को भी प्रभावित कर सकती है। शरीर का न भरने वाला घाव, किसी अंग विशेष में लगातार दर्द, तेजी से बढ़ रही गांठ, कैंसर की वजहें हो सकती हैं। हां, हर गांठ कैंसर नहीं होती। अस्वास्थ्यकर खानपान, जीवनशैली और प्रदूषण मुख्य रूप से कैंसर के लिए जिम्मेदार होते हैं। इससे बचाव और जागरूकता कैंसर रोकने में कारगर है।
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