{"_id":"5ef4e9cf8ebc3e433601738f","slug":"decision-on-arvind-giri-s-withdrawal-from-trial-secured-after-hearing-bareilly-news-bly410562085","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुनवाई के बाद अरविंद गिरि से मुकदमा वापसी पर निर्णय सुरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुनवाई के बाद अरविंद गिरि से मुकदमा वापसी पर निर्णय सुरक्षित
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। भाजपा विधायक अरविंद गिरि के खिलाफ दो मामलों में प्रदेश सरकार की ओर मुकदमा वापसी की पेशकश पर एडीजे पीके सिंह की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद गुरुवार को मुकदमा वापसी पर फैसला सुरक्षित रखा।
अभियोजन की ओर से पेश हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने मुकदमा वापसी की अर्जी पर बहस करते हुए बताया कि सरकार बनाम बच्चू सिंह शीर्षक से लंबित वन विभाग के पुराने मामले में गहन विचार विमर्श के बाद मुकदमा वापसी लिए जाने का आदेश जारी किया गया है। चूंकि राज्य की ओर से सक्षम प्राधिकारी ने वाद वापसी की मंजूरी दी है, इसलिए अभियोजन इस मामले को चलाने का इच्छुक नहीं है। सरकार बनाम अरविंद गिरि के नाम से लंबित दूसरे मुकदमे में भी सरकारी वकील की ओर से मुकदमा वापस लिए जाने पर जोर दिया गया। बचाव पक्ष ने दोनों ही मुकदमों को ही फर्जी बताते हुए कहा कि राज्य की ओर से मुकदमा वापसी की लंबी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने कई बिंदुओं पर अभियोजन से पड़ताल भी किया इसके बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब मुकदमा वापसी का अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर ही सामने आएगा।
अन्य जनप्रतिनिधियों के मामले में नहीं आए गवाह
लखीमपुर खीरी। गुरुवार को एडीजे पीके सिंह की अदालत में जनप्रतिनिधियों के 12 से अधिक मामले सुनवाई के लिए लगे थे, जिसमें सांसद रेखा वर्मा, पूर्व सांसद जितिन प्रसाद, एमएलसी शशांक यादव, पूर्व विधायक सुनील लाला सहित तमाम जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई होनी थी। गवाह न आने के कारण अब अदालत ने अगली सुनवाई के लिए एक जुलाई तिथि मुकर्रर की है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
अभियोजन की ओर से पेश हुए एडीजीसी कौशल किशोर ने मुकदमा वापसी की अर्जी पर बहस करते हुए बताया कि सरकार बनाम बच्चू सिंह शीर्षक से लंबित वन विभाग के पुराने मामले में गहन विचार विमर्श के बाद मुकदमा वापसी लिए जाने का आदेश जारी किया गया है। चूंकि राज्य की ओर से सक्षम प्राधिकारी ने वाद वापसी की मंजूरी दी है, इसलिए अभियोजन इस मामले को चलाने का इच्छुक नहीं है। सरकार बनाम अरविंद गिरि के नाम से लंबित दूसरे मुकदमे में भी सरकारी वकील की ओर से मुकदमा वापस लिए जाने पर जोर दिया गया। बचाव पक्ष ने दोनों ही मुकदमों को ही फर्जी बताते हुए कहा कि राज्य की ओर से मुकदमा वापसी की लंबी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने कई बिंदुओं पर अभियोजन से पड़ताल भी किया इसके बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है। अब मुकदमा वापसी का अंतिम निर्णय अदालत के आदेश पर ही सामने आएगा।
विज्ञापन
अन्य जनप्रतिनिधियों के मामले में नहीं आए गवाह
लखीमपुर खीरी। गुरुवार को एडीजे पीके सिंह की अदालत में जनप्रतिनिधियों के 12 से अधिक मामले सुनवाई के लिए लगे थे, जिसमें सांसद रेखा वर्मा, पूर्व सांसद जितिन प्रसाद, एमएलसी शशांक यादव, पूर्व विधायक सुनील लाला सहित तमाम जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई होनी थी। गवाह न आने के कारण अब अदालत ने अगली सुनवाई के लिए एक जुलाई तिथि मुकर्रर की है। संवाद
विज्ञापन