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कोरोना के दौर में जानलेवा हो गया कर्ज, फंदा लगाकर लटका युवक
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विशाल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
पत्नी को मायके भेजकर की आत्महत्या, महीने भर पहले ही की थी शादी
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सुभाषनगर में था इंटरनेट कैफे, लॉकडाउन में चौपट हो गया कारोबार
बरेली। कोरोना के दौर में बेरोजगारी के भयावह नतीजे सामने आने लगे हैं। तमाम लोग नौकरियां छूटने की वजह से अवसाद में पहुंच रहे हैं तो कई को कारोबार चौपट होने की वजह से भी खुदकुशी जैसा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। शनिवार रात कारोबार चौपट होने से परेशान सुभाषनगर में इंटरनेट कैफे चलाने वाले युवक ने घर में ही फंदा लगाकर जान दे दी। एक दिन पहले ही उसने पत्नी को मायके भेज दिया था। महीना भर पहले ही उसकी शादी हुई थी।
सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी गली नंबर दो में रहने वाले 27 वर्षीय विशाल उर्फ वीरू शर्मा अपनी मां कुंडली देवी के नाम से इंटरनेट कैफे चलाते थे। शनिवार शाम उन्होंने अपनी पत्नी को मायके भेज दिया। रात में खाना खाने के बाद वह कमरे में सोने चले गए। सुबह करीब चार बजे परिवार के लोगों की आंख खुली तो देखा कि वीरू का शव पत्नी के दुपट्टे के सहारे पंखे से लटक रहा था। आत्महत्या की सूचना पर पहुंची सुभाषगर पुलिस ने शव को फंदे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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पुलिस के मुताबिक वीरू का मोहल्ले की ज्वाला गली में रहने वाली युवती से प्रेम प्रसंग था। परिवार के लोगों ने सावन के बाद उनकी शादी कराने की बात कही थी लेकिन वीरू ने एक महीने पहले युवती के साथ कोर्ट मैरिज कर ली। वीरू के भाई प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसने ने किसी से पांच लाख रुपये का कर्ज ले रखा था जो उससे लगातार तकादा कर रहे थे। वीरू रकम लौटाने की हालत में नहीं था, इसलिए काफी परेशान था। प्रभारी थानाध्यक्ष खुर्शीद अहमद ने बताया कि अब तक की छानबीन में यही सामने आया है कि कर्ज की वजह से वीरू अवसाद में आ गया था। खर्चों का बोझ बढ़ा तो उसने आत्महत्या कर ली।
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सुभाषनगर में था इंटरनेट कैफे, लॉकडाउन में चौपट हो गया कारोबार बरेली। कोरोना के दौर में बेरोजगारी के भयावह नतीजे सामने आने लगे हैं। तमाम लोग नौकरियां छूटने की वजह से अवसाद में पहुंच रहे हैं तो कई को कारोबार चौपट होने की वजह से भी खुदकुशी जैसा कदम उठाने को मजबूर होना पड़ रहा है। शनिवार रात कारोबार चौपट होने से परेशान सुभाषनगर में इंटरनेट कैफे चलाने वाले युवक ने घर में ही फंदा लगाकर जान दे दी। एक दिन पहले ही उसने पत्नी को मायके भेज दिया था। महीना भर पहले ही उसकी शादी हुई थी।
सुभाषनगर की तिलक कॉलोनी गली नंबर दो में रहने वाले 27 वर्षीय विशाल उर्फ वीरू शर्मा अपनी मां कुंडली देवी के नाम से इंटरनेट कैफे चलाते थे। शनिवार शाम उन्होंने अपनी पत्नी को मायके भेज दिया। रात में खाना खाने के बाद वह कमरे में सोने चले गए। सुबह करीब चार बजे परिवार के लोगों की आंख खुली तो देखा कि वीरू का शव पत्नी के दुपट्टे के सहारे पंखे से लटक रहा था। आत्महत्या की सूचना पर पहुंची सुभाषगर पुलिस ने शव को फंदे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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पुलिस के मुताबिक वीरू का मोहल्ले की ज्वाला गली में रहने वाली युवती से प्रेम प्रसंग था। परिवार के लोगों ने सावन के बाद उनकी शादी कराने की बात कही थी लेकिन वीरू ने एक महीने पहले युवती के साथ कोर्ट मैरिज कर ली। वीरू के भाई प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसने ने किसी से पांच लाख रुपये का कर्ज ले रखा था जो उससे लगातार तकादा कर रहे थे। वीरू रकम लौटाने की हालत में नहीं था, इसलिए काफी परेशान था। प्रभारी थानाध्यक्ष खुर्शीद अहमद ने बताया कि अब तक की छानबीन में यही सामने आया है कि कर्ज की वजह से वीरू अवसाद में आ गया था। खर्चों का बोझ बढ़ा तो उसने आत्महत्या कर ली।