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Bareilly News: वाद निस्तारण में सुस्ती पर डीडीसी ने चकबंदी अधिकारी को चेताया
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बरेली। खेतों का रकबा, मेड़ संबंधी मामलों के निस्तारण में चकबंदी अधिकारी बरेली द्वितीय की सुस्ती बरकरार है। इसका खुलासा उप संचालक चकबंदी (डीडीसी) ने अपनी जांच रिपोर्ट में किया है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि लक्षित गांवों के वाद का निस्तारण प्राथमिता के आधार पर करें, ताकि चकबंदी प्रक्रिया प्रभावित न हो। किसी भी मुकदमे की फाइल बिना तिथि के न रहे।
रिपोर्ट के मुताबिक, डीडीसी पुष्कर बाबू के निरीक्षण के दौरान चकबंदी अधिकारी बरेली द्वितीय न्यायालय से चतुर्थ श्रेणी कर्मी सत्यवीर सिंह गैरहाजिर मिले थे। जानकारी की तो पता चला कि वह एसओसी कार्यालय में संबद्ध हैं। कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर चकबंदी अधिकारी अनुराग दीक्षित के न्यायालय के कुल 1066 वाद दर्ज हैं। इसमें एक अप्रैल से मई तक 275 वाद निस्तारित हुए हैं।
मई में सिर्फ 183 वादों का निपटारा किया जा सका है, जबकि हर महीने 200 प्रकरणों के निपटारे का मानक है।
निरीक्षण में यह भी पता चला कि निस्तारित मुकदमों वाले आदेशों का सारांश पंजीकृत वाद के सामने अंकित गया है, लेकिन उस पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं।
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दो मामलों को चकबंदी अधिकारी बरेली द्वितीय न्यायालय ने अन्य कोर्ट में भेज दिया है। इसमें चमौमी गांव के हरप्रसाद बनाम मुंशीलाल के मामले को उप संचालक चकबंदी और ढका गांव के हीरालाल आदि बनाम गोकरन के मुकदमे को एसओएसी न्यायालय में भेजा गया है। डीडीसी ने लिपिक से चकबंदी न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रणाली पोर्टल पर प्रत्येक वाद और सुनवाई के लिए केस डायरी अपडेट रखने के लिए कहा है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, डीडीसी पुष्कर बाबू के निरीक्षण के दौरान चकबंदी अधिकारी बरेली द्वितीय न्यायालय से चतुर्थ श्रेणी कर्मी सत्यवीर सिंह गैरहाजिर मिले थे। जानकारी की तो पता चला कि वह एसओसी कार्यालय में संबद्ध हैं। कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली पोर्टल पर चकबंदी अधिकारी अनुराग दीक्षित के न्यायालय के कुल 1066 वाद दर्ज हैं। इसमें एक अप्रैल से मई तक 275 वाद निस्तारित हुए हैं।
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मई में सिर्फ 183 वादों का निपटारा किया जा सका है, जबकि हर महीने 200 प्रकरणों के निपटारे का मानक है।
निरीक्षण में यह भी पता चला कि निस्तारित मुकदमों वाले आदेशों का सारांश पंजीकृत वाद के सामने अंकित गया है, लेकिन उस पर पीठासीन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं।
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दो मामलों को चकबंदी अधिकारी बरेली द्वितीय न्यायालय ने अन्य कोर्ट में भेज दिया है। इसमें चमौमी गांव के हरप्रसाद बनाम मुंशीलाल के मामले को उप संचालक चकबंदी और ढका गांव के हीरालाल आदि बनाम गोकरन के मुकदमे को एसओएसी न्यायालय में भेजा गया है। डीडीसी ने लिपिक से चकबंदी न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रणाली पोर्टल पर प्रत्येक वाद और सुनवाई के लिए केस डायरी अपडेट रखने के लिए कहा है।