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Bareilly News: छात्रावास में कमरा नहीं मिल रही तारीख
Mon, 24 Aug 2026 01:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 24 Aug 2026 01:53 AM IST
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बरेली। बरेली कॉलेज के महिला छात्रावास में छात्राओं को कमरे की जगह सिर्फ तारीख मिल रही है। 18 अगस्त को इसका संचालन शुरू करने का दावा था, मगर यह पूरा नहीं हो पाया। इससे पहले पिछले सत्र में कई बार तारीख देने के बाद भी इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया था।
इन दिनों महिला छात्रावास में ताला पड़ा हुआ है। अब तक स्टाफ भी अलग से नियुक्त नहीं हुआ है। इस बार एमएससी बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में दूसरे जिलों से भी कुछ छात्राओं ने प्रवेश लिया है। शाहजहांपुर की एक छात्रा ने छात्रावास में रहने के लिए आवेदन भी किया है। हालांकि, कुल आवेदन की संख्या 10 से कम है। इससे मैस संचालन में समस्या आ सकती है।
इसके चलते महाविद्यालय प्रशासन पशोपेश में है। आवेदन करने और फीस जमा करने के बाद भी छात्रावास में कक्ष न मिलने को लेकर छात्राएं परेशान हो रही हैं।
तलाशे जा रहे विकल्प
कम छात्राओं में मैस चलाने की समस्या का समाधान भी कॉलेज प्रशासन ने निकाला है। इसके तहत गर्ल्स कॉमन रूम (जीसीआर) में संचालित कैंटीन के संचालक को ही छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यही संचालक 10 साल पहले महिला व पुरुष दोनों छात्रावासों के लिए कैंटीन संचालित करता था।
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वर्जन :
पहले छात्रावास 18 अगस्त को शुरू होने वाला था। छात्राओं ने रक्षाबंधन के बाद से आकर रहने की बात कही है। इसलिए रक्षा बंधन के बाद ही छात्रावास शुरू करने का फैसला किया गया। - डॉ. शैव्या त्रिपाठी, वार्डन, महिला छात्रावास
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इन दिनों महिला छात्रावास में ताला पड़ा हुआ है। अब तक स्टाफ भी अलग से नियुक्त नहीं हुआ है। इस बार एमएससी बायोटेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में दूसरे जिलों से भी कुछ छात्राओं ने प्रवेश लिया है। शाहजहांपुर की एक छात्रा ने छात्रावास में रहने के लिए आवेदन भी किया है। हालांकि, कुल आवेदन की संख्या 10 से कम है। इससे मैस संचालन में समस्या आ सकती है।
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इसके चलते महाविद्यालय प्रशासन पशोपेश में है। आवेदन करने और फीस जमा करने के बाद भी छात्रावास में कक्ष न मिलने को लेकर छात्राएं परेशान हो रही हैं।
तलाशे जा रहे विकल्प
कम छात्राओं में मैस चलाने की समस्या का समाधान भी कॉलेज प्रशासन ने निकाला है। इसके तहत गर्ल्स कॉमन रूम (जीसीआर) में संचालित कैंटीन के संचालक को ही छात्रावास में रहने वाली छात्राओं को भोजन व नाश्ता उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी जा सकती है। यही संचालक 10 साल पहले महिला व पुरुष दोनों छात्रावासों के लिए कैंटीन संचालित करता था।
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वर्जन :
पहले छात्रावास 18 अगस्त को शुरू होने वाला था। छात्राओं ने रक्षाबंधन के बाद से आकर रहने की बात कही है। इसलिए रक्षा बंधन के बाद ही छात्रावास शुरू करने का फैसला किया गया। - डॉ. शैव्या त्रिपाठी, वार्डन, महिला छात्रावास