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Bareilly News: हार्टमैन पुल की उधड़ी सड़क से झांक रहा खतरा

Sun, 11 Jun 2023 01:25 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jun 2023 01:25 AM IST
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danger peeping from the broken road of hartman bridge
प्रदीप सक्सेना कत्था फैक्ट्री के कर्मचारी सेवानिवृत्त
बरेली। किला पुल पर बार-बार डामर और कंक्रीट का बोझ डालने वाले अभियंताओं ने हार्टमैन पुल की उधड़ी सड़क ठीक कराने की जहमत नहीं उठाई। पुल पर गड्ढों के साथ ही अब तो स्लैब से झांक रहे सरिये हादसे को दावत दे रहे हैं। लोग जहां गिरकर चोटिल हो रहे हैं, वहीं सरिया की वजह से उनके वाहन भी पंक्चर हो रहे हैं। लोक निर्माण विभाग को अब इसके मरम्मत की याद आई है। एस्टीमेट तैयार हो गया है। जल्द ही काम शुरू होगा।
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पुल 10 वर्ष से भी ज्यादा पुराना है। रोज 20 हजार से अधिक वाहन इस पुल से गुजरते हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अभियंता यदि पुल के गड्ढे भरवा देते तो लोग गिरकर चोटिल न होते। आमतौर पर लोग गड्ढे बचाकर निकल जाते हैं, लेकिन अगर रफ्तार अधिक है और अगल-बगल या सामने से भी कोई वाहन आ रहा है तो खुद की जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
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कंक्रीट पर बिछेगी डामर की परत, खर्च होंगे 1.12 करोड़ रुपये
किला बाईपास से हार्टमैन पुल होते हुए कुदेशिया फाटक तक तीन किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जानी है। हार्टमैन पुल के ऊपर स्लैब की भी मरम्मत हो जाएगी। साथ ही वहां 2.5 सेंटीमीटर मोटी डामर और बजरी की परत डाली जाएगी। इसमें 1.12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। काम जल्दी शुरू होगा। - नारायण सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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विशेषज्ञ की राय : ध्यान देते तो नहीं होता ये हाल
सेवानिवृत अभियंता राजेंद्र आर्या ने बताया कि पुल के कई हिस्सों से बेयरिंग कोट गायब हो गया। स्लैब के अंदर के सरिया निकल कर बाहर आ चुके हैं। वाहन पंक्चर हो रहे हैं। करीब एक वर्ष से पुल का यही हाल है। पीडब्ल्यूडी के अभियंता ध्यान देते तो अब तक पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत हो गई होती।
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रफ्तार भरी तो जान जोखिम में पड़ी
दोपहर 1:30 बजे पुल से होकर गुजर रहे कत्था फैक्टरी के सेवानिवृत कर्मचारी प्रदीप सक्सेना ने कहा कि कई बार गड्ढे से वाहन को बचाना मुश्किल हो जाता है। यहां जिसने रफ्तार भरी, उसकी जान जोखिम में पड़नी तय है।
खोखले साबित हो रहे दावे
दोपहर 2:00 बजे पुल से गुजर रहे इंजीनियर अरविंद सिंह ने बताया कि एक बार वह भी यहां हादसे का शिकार हो चुके हैं। इसलिए अब वहां से बेहद धीमी रफ्तार से गुजरते हैं। गड्ढामुक्ति के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

शहर की सड़कें नहीं हुईं स्मार्ट
दोपहर 2:10 बजे बाइक पर सवार होकर पुल से गुजर रहे ओम सिंह ने कहा कि स्मार्ट सिटी की सड़कें अभी स्मार्ट नहीं हुई हैं। इसलिए खुद ही बचाव करके चलने की मजबूरी है। रफ्तार भरेंगे तो जान जोखिम में पड़ जाएगी।

प्रदीप सक्सेना कत्था फैक्ट्री के कर्मचारी सेवानिवृत्त

प्रदीप सक्सेना कत्था फैक्ट्री के कर्मचारी सेवानिवृत्त

प्रदीप सक्सेना कत्था फैक्ट्री के कर्मचारी सेवानिवृत्त

प्रदीप सक्सेना कत्था फैक्ट्री के कर्मचारी सेवानिवृत्त

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