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Bareilly News: तेज हवा और बारिश से खेतों में बिछी धान-गन्ने की फसल, उड़द-बाजरा को भी नुकसान

Fri, 13 Sep 2024 04:04 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 13 Sep 2024 04:04 PM IST
सार

बरेली में बारिश का क्रम शुक्रवार को भी नहीं थमा। सुबह रुक-रुककर बारिश होती रही। तेज हवा के साथ हुई बारिश से फसलों का खासा नुकसान पहुंचा है। किसानों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है। 

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damage to paddy and sugarcane crops due to strong wind and rain in Bareilly
खेत में गिरी धान की फसल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बरेली में बुधवार शाम से शुरू तेज हवा संग झमाझम बारिश का दौर बृहस्पतिवार को दिनभर जारी रहा। 24 घंटे में 90 मिमी की बारिश हुई। शुक्रवार को भी बारिश का क्रम जारी रहा। जिले में बारिश व तेज हवा से धान और गन्ने की फसलें बिछ गईं। बारिश से बाजरा, उड़द, तिल समेत अन्य फसलों को भी नुकसान होने की आशंका है। 

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दर्जनों गांवों के किसान प्रभावित
मीरगंज क्षेत्र के गांव हल्दी खुर्द, कपूरपुर, समसपुर, नथपुरा बहरोली, हुरहुरी, तिलमास, कुरतरा, रहपुरा, अगरास, खिरका आदि सहित दर्जनों गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं। वहीं, शाही क्षेत्र के गांव तुरसापट्टी के किसान वीर देव की छह बीघा और अब्दुल सत्तार की 24 बीघा धान की खड़ी   फसल, शाहपुर और महिमा नगला के रहने वाले किसान धर्मवीर की 16 बीघा और लालता प्रसाद की नौ बीघा धान की फसल भी खेत में  गिर गई है। 
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शाही क्षेत्र के गांव लालपुर, सेवा ज्वालापुर, कुलछा,बुझिया, प्रेमपुर, नारा फरीदापुर, चकरपुर उर्फ लमकन, खरसैनी, विक्रमपुर, बसावनपुर, फरीदापुर, खजुरिया, बसावनपुर, जिया नगला दर्जनों गांवों में भी यही हाल है। कुछ किसानों की अगेती धान की फसल तैयार है, जिसको भी नुकसान हुआ है। 

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नवाबगंज, क्योलड़िया व फतेहगंज पूर्वी कस्बे सहित देहात क्षेत्रों में भी अधिकांश किसानों के खेतों पर धान की फसल बिछी दिखी पड़ी। फतेहगंज पूर्वी के कुठला गांव के किसान ओमप्रकाश की एक एकड़ की फसल बिछ गई। किसानों का कहना है कि बारिश का क्रम जारी रहा तो बहुत नुकसान होगा। 

शरबती प्रजाति के धान पर पड़ा प्रभाव
बहेड़ी क्षेत्र में शरबती प्रजाति के धान की फसल जमीन पर गिर गई है। अगर, बारिश लगातार होती रही और खेतों में भर गया तो वह धान खेत में ही खराब हो जाएगा। वैसे बहेड़ी क्षेत्र में मोटे धान की पैदावार सबसे अधिक होती है, जिसमें अभी किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। 

बाजरा के खेतों में भरा पानी
आंवला क्षेत्र में सबसे ज्यादा नुकसान बाजरा की फसल को हुआ है। किसानों का कहना है कि धान, उड़द और बाजरा की फसलों में बरसात का पानी भर गया है। मनौना गांव निवासी अजय पुरी ने बताया सबसे ज्यादा बाजरा की फसल को नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। 

फसल बर्बाद हुई तो टोल फ्री नंबर पर दें सूचना
उप कृषि निदेशक अभिनंदन सिंह ने बीमित किसानों को टोल फ्री नंबर 14447 समेत अन्य किसानों को भी तहसीलवार कार्मिकों को सूचना देने का सुझाव दिया है, तहसील बरेली में 8273649092, आंवला में 9720745577, बहेड़ी में 8868847161, नवाबगंज में 7983288790, फरीदपुर में 9758105952, मीरगंज में 8279340114 मोबाइल नंबर समेत जिलास्तर पर मोबाइल नंबर 6201930571 पर सूचना देने की अपील की है। शिकायत 72 घंटे के भीतर दर्ज कराना अनिवार्य है।   

रामगंगा में छोड़ा गया 37,000 क्यूसेक पानी
भारी बारिश से नदियों में पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार शाम किच्छा नदी के गोला बैराज से रामगंगा में सात हजार क्यूसेक, कोसी बैराज से 21,281 क्यूसेक, दूनी डैम से 7,722 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। रामगंगा का जलस्तर 159.15 मीटर है। एसडीओ अमित किशोर के मुताबिक पहाड़ों पर अगर लगातार बारिश जारी रही तो दो से तीन दिन में रामगंगा का जलस्तर बढ़ सकता है। 

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