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शहर के लाइफ लाइन रोड पर बन रहा डलावघर
बरेली
Updated Fri, 10 Nov 2017 02:24 AM IST
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शहर के लाइफ लाइन रोड पर मां कालीदेवी मंदिर के पीछे नगर निगम डलावघर बनाकर लोगों को बीमार बनाने का परमानेंट इंतजाम कर रहा है। इससे स्मार्ट सिटी की रफ्तार तो रुकेगी ही, आसपास की कॉलोनियों में संक्रामक रोग फैलने का खतरा भी बढ़ जाएगा। लोगोें में डलावघर बनने से खासी नाराजगी है। निगम के अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो किसी भी दिन लोगोें का गुस्सा फूट सकता है।
डेलापीर से कुतुबखाना होकर शहर के इस पार आने वाले लाइफ लाइन रोड पर गंदगी के अंबार लगे हैं। डेलापीर तालाब के पास के पीछे से होकर गुजरने वाला नाला नगर निगम की लापरवाही की वजह से कूड़े से अट गया है। डेलापीर रोड से केके अस्पताल, राजेंद्रनगर की तरफ जाने वाले रोड के मोड़ पर ही मां काली देवी का मंदिर है। यहां रोजाना गांधीनगर, राजेंद्रनगर, एकतानगर, डीडीपुरम और जनकपुरी आदि कॉलोनियों से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। नाला चोक हो जाने से मंदिर के पीछे तालाब में गंदा पानी भर गया है। इसकी बदबू से श्रद्धालु परेशान थे ही, अब मंदिर से पीछे डलावघर बनने से और दुखी हैं। बरेली के स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल होने में यह डलावघर अड़ंगा लगा सकता है।
सरकारी जमीन कब्जा करके बना ली मार्केट
डेलापीर तालाब के पास बन रहे डलावघर के सामने सरकारी जमीन पर कब्जा करके मार्केट बना ली गई है। मार्केट के लोगों से पुलिस और नगर निगम के लोग वसूली कर रहे हैं। कई रजाई-गद्दे वालों ने खोखे रखकर सरकारी जमीन पर कब्जा करके अपना कारोबार फैला लिया है। नगर निगम प्रशासन ने अगर ध्यान नहीं दिया तो केके अस्पताल को जाने वाले रोड के सामने से डेलापीर पेट्रोल पंप तक तालाब के सामने की सरकारी जमीन पर कब्जे बढ़ते ही जाएंगे।
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फोटो-
डेलापीर से कुतुबखाना होकर शहर को मिलाने वाले लाइफ लाइन रोड पर निगम के अधिकारी बदबू फैलाने का काम कर रहे हैं। मंदिर के पास निगम को डलावघर नहीं बनाना चाहिए। - नरेश कुमार, पुजारी, मां कालीदेवी मंदिर
फोटो-
निगम ने डलावघर बनाना शुरू किया था तो हमने विरोध किया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। आबादी के पास डलावघर बनने से इस रोड से निकलना मुश्किल हो जाएगा। - राजेश कुमार, वाल्मीकि बस्ती
फोटो-
निगम डेलापीर तालाब के पीछे से होकर निकलने वाले नाले की सफाई कराए। इसमेें कूड़ा सड़ने से आसपास के इलाके के लोग बेहद परेशान हैं। डलावघर आबादी के पास बनने से और अधिक दिक्कत होगी। - प्रकाश चंद्र, निवासी उदयपुर खास
फोटो--
भाजपा की सरकार में तो मंदिर के पास डलावघर नहीं ही बनना चाहिए। नगर निगम के अधिकारी इस पर पुन: विचार करें तो अच्छा रहेगा। यह डेलापीर से कुतुबखाना की तरफ जाने वाले लोगों के लिए भी अच्छा रहेगा। - विनीत कुमार
फोटो--
डलावघर कहीं तो बनेगा ही। हमने आसपास के लोगों के कहने पर डलावघर को मंदिर से काफी पीछे हटवाकर बनवाना शुरू कर दिया है। उसका गेट पहले मंदिर के पीछे बनना था, लेकिन अब सड़क की तरफ बनेगा। - आरके श्रीवास्तव, नगर आयुक्त
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डेलापीर से कुतुबखाना होकर शहर के इस पार आने वाले लाइफ लाइन रोड पर गंदगी के अंबार लगे हैं। डेलापीर तालाब के पास के पीछे से होकर गुजरने वाला नाला नगर निगम की लापरवाही की वजह से कूड़े से अट गया है। डेलापीर रोड से केके अस्पताल, राजेंद्रनगर की तरफ जाने वाले रोड के मोड़ पर ही मां काली देवी का मंदिर है। यहां रोजाना गांधीनगर, राजेंद्रनगर, एकतानगर, डीडीपुरम और जनकपुरी आदि कॉलोनियों से श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। नाला चोक हो जाने से मंदिर के पीछे तालाब में गंदा पानी भर गया है। इसकी बदबू से श्रद्धालु परेशान थे ही, अब मंदिर से पीछे डलावघर बनने से और दुखी हैं। बरेली के स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल होने में यह डलावघर अड़ंगा लगा सकता है।
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सरकारी जमीन कब्जा करके बना ली मार्केट
डेलापीर तालाब के पास बन रहे डलावघर के सामने सरकारी जमीन पर कब्जा करके मार्केट बना ली गई है। मार्केट के लोगों से पुलिस और नगर निगम के लोग वसूली कर रहे हैं। कई रजाई-गद्दे वालों ने खोखे रखकर सरकारी जमीन पर कब्जा करके अपना कारोबार फैला लिया है। नगर निगम प्रशासन ने अगर ध्यान नहीं दिया तो केके अस्पताल को जाने वाले रोड के सामने से डेलापीर पेट्रोल पंप तक तालाब के सामने की सरकारी जमीन पर कब्जे बढ़ते ही जाएंगे।
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डेलापीर से कुतुबखाना होकर शहर को मिलाने वाले लाइफ लाइन रोड पर निगम के अधिकारी बदबू फैलाने का काम कर रहे हैं। मंदिर के पास निगम को डलावघर नहीं बनाना चाहिए। - नरेश कुमार, पुजारी, मां कालीदेवी मंदिर
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निगम ने डलावघर बनाना शुरू किया था तो हमने विरोध किया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। आबादी के पास डलावघर बनने से इस रोड से निकलना मुश्किल हो जाएगा। - राजेश कुमार, वाल्मीकि बस्ती
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निगम डेलापीर तालाब के पीछे से होकर निकलने वाले नाले की सफाई कराए। इसमेें कूड़ा सड़ने से आसपास के इलाके के लोग बेहद परेशान हैं। डलावघर आबादी के पास बनने से और अधिक दिक्कत होगी। - प्रकाश चंद्र, निवासी उदयपुर खास
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भाजपा की सरकार में तो मंदिर के पास डलावघर नहीं ही बनना चाहिए। नगर निगम के अधिकारी इस पर पुन: विचार करें तो अच्छा रहेगा। यह डेलापीर से कुतुबखाना की तरफ जाने वाले लोगों के लिए भी अच्छा रहेगा। - विनीत कुमार
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डलावघर कहीं तो बनेगा ही। हमने आसपास के लोगों के कहने पर डलावघर को मंदिर से काफी पीछे हटवाकर बनवाना शुरू कर दिया है। उसका गेट पहले मंदिर के पीछे बनना था, लेकिन अब सड़क की तरफ बनेगा। - आरके श्रीवास्तव, नगर आयुक्त