{"_id":"5f4418f48ebc3e3cec6c38e3","slug":"cyber-thugs-made-bareilly-a-new-jamtara-now-fraud-in-the-name-of-insurance-and-pension-bareilly-news-bly4173247152","type":"story","status":"publish","title_hn":"साइबर ठगों ने बरेली को बनाया नया जामताड़ा, अब बीमा और पेंशन के नाम पर भी ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साइबर ठगों ने बरेली को बनाया नया जामताड़ा, अब बीमा और पेंशन के नाम पर भी ठगी
विज्ञापन
छानबीन करते पुलिस वाले।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
छह लाख के बीमा और यूपी सरकार की पेंशन का झांसा देकर फंसाते थे शिकार
बरेली। झारखंड के जामताड़ा में सख्ती के बाद साइबर ठग नए ठिकाने विकसित करने लगे हैं। लगातार हो रही धरपकड़ से साफ हो गया है कि बरेली में पुराने शहर का इलाका इंटरनेट से ठगी करने वालों की पहली पसंद बन गया है। बारादरी पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इसी तरह की स्थिति सामने आई है।
अक्षरधाम मंदिर के केयरटेकर से ठगी करने वालों से पूछताछ में बारादरी इंस्पेक्टर को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। उन्होंने बताया कि पीलीभीत के अनिल ने एक भवन किराये पर लेकर कई लड़कियों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी पर रखा था। यूं तो दिखावे के लिए यहां बीमा सेक्टर की एक नामी कंपनी का कॉल सेंटर संचालित था, पर इसकी आड़ में ठगी का धंधा चल रहा था। लड़कियों से लोगों को कॉल कराई जाती थी कि उनकी छह लाख की बीमा पॉलिसी मेच्योर हुई है। भुगतान के लिए आयकर के रूप में करीब दस फीसदी रकम अपने खातों में मंगाई जाती थी। तमाम लोग इसमें फंस जाते थे। उम्रदराज लोगों से कहा जाता था कि वह 50 हजार रुपये जमा करेंगे तो यूपी सरकार से मिलने वाली तीन हजार प्रतिमाह की पेंशन उन्हें दी जाएगी। अपने दावे की पुष्टि के लिए यह लोग अंग्रेजी में लिखी आरबीआई की गाइडलाइन भी मेल या व्हाट्सएप पर भेजते थे। ठगी के बाद संबंधित नंबरों को बंद कर नया सिम इस्तेमाल किया जाता था। अक्षरधाम मंदिर के केयरटेकर को भी इन लोगों ने आरबीआई की गइडलाइन भेजकर ही झांसे में लिया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। झारखंड के जामताड़ा में सख्ती के बाद साइबर ठग नए ठिकाने विकसित करने लगे हैं। लगातार हो रही धरपकड़ से साफ हो गया है कि बरेली में पुराने शहर का इलाका इंटरनेट से ठगी करने वालों की पहली पसंद बन गया है। बारादरी पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इसी तरह की स्थिति सामने आई है।
अक्षरधाम मंदिर के केयरटेकर से ठगी करने वालों से पूछताछ में बारादरी इंस्पेक्टर को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। उन्होंने बताया कि पीलीभीत के अनिल ने एक भवन किराये पर लेकर कई लड़कियों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह की नौकरी पर रखा था। यूं तो दिखावे के लिए यहां बीमा सेक्टर की एक नामी कंपनी का कॉल सेंटर संचालित था, पर इसकी आड़ में ठगी का धंधा चल रहा था। लड़कियों से लोगों को कॉल कराई जाती थी कि उनकी छह लाख की बीमा पॉलिसी मेच्योर हुई है। भुगतान के लिए आयकर के रूप में करीब दस फीसदी रकम अपने खातों में मंगाई जाती थी। तमाम लोग इसमें फंस जाते थे। उम्रदराज लोगों से कहा जाता था कि वह 50 हजार रुपये जमा करेंगे तो यूपी सरकार से मिलने वाली तीन हजार प्रतिमाह की पेंशन उन्हें दी जाएगी। अपने दावे की पुष्टि के लिए यह लोग अंग्रेजी में लिखी आरबीआई की गाइडलाइन भी मेल या व्हाट्सएप पर भेजते थे। ठगी के बाद संबंधित नंबरों को बंद कर नया सिम इस्तेमाल किया जाता था। अक्षरधाम मंदिर के केयरटेकर को भी इन लोगों ने आरबीआई की गइडलाइन भेजकर ही झांसे में लिया था।
विज्ञापन
लड़कियां बोलीं- बेकसूर हैं वे
स्थानीय लड़कियों के पकड़े जाने के बाद उनकी सिफारिश में परिवार के कई लोग थाने पहुंच गए। उन्हें छोड़ने को दबाव बनाने लगे। लड़कियों ने सीओ थ्री को बताया कि उन्हें तो नामी बीमा कंपनी के नाम से नौकरी दी गई थी। उन्होंने किसी को प्रलोभन नहीं दिया।
विज्ञापन