Bareilly News: तीन महीने में दो करोड़ रुपये की साइबर ठगी, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
गुरुवार को चौकी चौराहा के पास पांच संदिग्ध युवक आपस में झगड़ रहे थे। पुलिस ने इन्हें आवाज दी तो इनमें से तीन भाग गए। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
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बरेली में कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य तरह-तरह के बहानों से लोगों से अपने खातों में रुपये मंगाकर ठगी करते हैं। पकड़े गए दोनों आरोपियों ने भी कई खाते खुलवा रखे थे। तीन महीने के भीतर इनके खातों में करीब दो करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। 6.50 लाख रुपये ही खातों में शेष हैं। सात आरोपी फरार हैं।
एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि कोतवाली पुलिस को चौकी चौराहा के पास पांच संदिग्ध युवक दिखे। ये सभी आपस में झगड़ रहे थे। पुलिस ने इन्हें आवाज दी तो इनमें से तीन भाग गए। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया। इनसे पूछताछ और तलाशी के बाद चौंकाने वाली बातें पता लगीं।
हाथरस के सादाबाद का रहने वाला एक आरोपी
आरोपी थाना सादाबाद हाथरस निवासी योगेंद्र कुमार और बरेली के संजयनगर निवासी अभिषेक गंगवार थे। दोनों के कब्जे से आधार कार्ड, पैनकार्ड, एचडीएफसी बैंक की पासबुक व दस्तावेज बरामद हुए। जांच में पता लगा कि आरोपियों ने करीब तीन महीने में ठगी के जरिये दो करोड़ से अधिक रुपयों का लेनदेन किया है।
योगेंद्र कुमार का नाम और उसके पिता का नाम आधार कार्ड पर सही है, लेकिन बरेली का फर्जी पता लिखकर यहां की बैंकों में कई खाते खुलवाए गए। इनमें से 11 खातों की जानकारी पुलिस को मिली है। इनमें दो करोड़ की रकम आने के साथ ही तेजी से निकासी का भी रिकॉर्ड है। करीब 6.50 लाख रुपया दो खातों में बचा है। उसी को लेने के लिए यह लोग आए थे और बहस करने लगे।
एसपी सिटी ने बताया कि यूपी में जड़ें जमा चुके गिरोह का संचालन हरियाणा के फरीदाबाद से किया जा रहा है। पूछताछ के आधार पर फरीदाबाद, हरियाणा के सौरभ शर्मा और राज राजपूत के नाम प्रकाश में आए हैं। पांच अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्दी ही कई और खुलासे हो सकते हैं।