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आयशा फिल्म विरोध तेज, तंजीम उलमा इस्लाम भी मुखर
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बरेली। हजरत आयशा पर बनी फिल्म को लेकर आल इंडिया तंजीम उलमा इस्लाम भी मुखर हो गई है। शुक्रवार को हुई बैठक में उलमा ने वसीम रिजवी के इस तरह की फिल्म बनाए जाने पर एतराज जताते हुए निंदा की है। साथ ही संयुक्त फैसला लिया गया कि इस फिल्म निर्माण का विरोध हर शहर और हर राजधानी में किया जाएगा। साथ ही कोर्ट और सेंसर बोर्ड का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
अध्यक्षता करते हुए मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि हजरते आयशा दुनिया भर के तमाम मुसलमानों की मां है। सूफी इकरार हुसैन ने कहा कि इस तरह की फिल्म बनना मुसलमानों के जज्बात को ठेस पहुंचाना है। मौलाना सिराज अहमद ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने राम जन्म भूमि पर भी फिल्म बना कर मुसलमानों के दिलों को ठेस पहुंचाई। इसी तरह जावेद मुजीब, मुफ्ती मजहर इमाम कादरी ने भी संबोधित किया। बैठक में अब्दुल करीम अजहरी, रजा हसन, उस्मान गनी, खलीक अहमद, कोकब दाऊद खगोशी आदि मौजूद थे।
मस्जिदों से भी गूंजे विरोध के स्वर
बरेली। हजरत आयशा पर बनाई गई फिल्म को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज में विरोध के स्वर गूंजे। जामा मस्जिद में नमाज से पहले अपनी तकरीर में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा कि ऐसा शख्स जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए वह हिंदुस्तान के हित में मुुजिर है, देश की तरक्की में रुकावट है। हुकूमते हिंद को चाहिए ऐसे शख्स के खिलाफ कार्रवाई करे। इसी तरह पुराना शहर आदि क्षेत्र की तमाम मस्जिदों में भी आलिमों और इमाम ने वसीम पर गुस्से का इजहार किया।
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अध्यक्षता करते हुए मुफ्ती मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि हजरते आयशा दुनिया भर के तमाम मुसलमानों की मां है। सूफी इकरार हुसैन ने कहा कि इस तरह की फिल्म बनना मुसलमानों के जज्बात को ठेस पहुंचाना है। मौलाना सिराज अहमद ने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने राम जन्म भूमि पर भी फिल्म बना कर मुसलमानों के दिलों को ठेस पहुंचाई। इसी तरह जावेद मुजीब, मुफ्ती मजहर इमाम कादरी ने भी संबोधित किया। बैठक में अब्दुल करीम अजहरी, रजा हसन, उस्मान गनी, खलीक अहमद, कोकब दाऊद खगोशी आदि मौजूद थे।
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मस्जिदों से भी गूंजे विरोध के स्वर
बरेली। हजरत आयशा पर बनाई गई फिल्म को लेकर शुक्रवार को जुमे की नमाज में विरोध के स्वर गूंजे। जामा मस्जिद में नमाज से पहले अपनी तकरीर में शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने कहा कि ऐसा शख्स जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए वह हिंदुस्तान के हित में मुुजिर है, देश की तरक्की में रुकावट है। हुकूमते हिंद को चाहिए ऐसे शख्स के खिलाफ कार्रवाई करे। इसी तरह पुराना शहर आदि क्षेत्र की तमाम मस्जिदों में भी आलिमों और इमाम ने वसीम पर गुस्से का इजहार किया।
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