फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   cultural

संवेदनाओं का दस्तावेज है ‘पापा मैं तारा बन गई’

Mon, 22 Jul 2019 01:46 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2019 01:46 AM IST
विज्ञापन
cultural
बरेली। रंग प्रवाह सांस्कृतिक समिति की ओर से रविवार को रामपुर गार्डन स्थित रामानुज दयाल अग्रवाल सरस्वती शिशु मंदिर में नाटक मंचन का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि संघ के विभाग प्रचारक आनंद भैया, महानगर प्रचारक विक्रांत मौजूद रहे।
विज्ञापन

गुडविन मसीह का लिखा नाटक ‘पापा मैं तारा बन गई’ भावनाओं, संवेदनाओं और मर्म का दस्तावेज है। जिसमें दर्शाया गया कि आर्यन और भूमिका दंपत्ति के सालों बाद भी कोई संतान नहीं होती। एक दिन कचरे के ढेर में आर्यन को एक बच्ची मिल जाती है, जिसे घर लाकर उसकी परवरिश की। बड़ा होने पर वह बाहर पढ़ने जाती है तो पिता की सांस अटक जाती है। पर जैसे तैसे खुद को मनाकर वह बच्ची को पढ़ने भेजते हैं, लेकिन जैसे ही चांदनी कॉलेज पहुंचती है वहां से फोन आता है कि वो सीढ़ियों से गिरकर मर गई। जिसके बाद आर्यन टूट जाता है। नाटक ने मौजूद लोगों को झकझोरने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed