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गांवसभा मोहनपुर में लाखों की सरकारी राशि का घोटाला
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पुवायां। खुटार ब्लॉक क्षेत्र के गांव मोहनपुर में कराए गए विकास कार्यों की दोबारा हुई जांच में भी घोटाले की पुष्टि हुई है। डीएम से अनुमोदन लेने के बाद डीपीआरओ पवन कुमार ने 16 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश एडीओ पंचायत को दिया है। इन आरोपियों में छह तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी, महिला प्रधान और उसके पति शामिल हैं।
गांवसभा मोहनपुर में वर्ष 2015-16 और 2016-17 में विकास कार्य कराए गए थे। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर घोटाला किया गया। इसकी तीन सदस्यों वाली अलग-अलग कमेटियों से दो बार जांच कराई गई थी। जांच के दौरान विकास कार्यों में घोटाले का आरोप सही निकला। समिति की ओर से संबंधित को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। डीपीआरओ की ओर से अक्तूबर और नवंबर 19 में सरकारी धनराशि की वसूली के लिए दो बार कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
जांच में ये हैं आरोप
जांच रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2015-16 और 2016-17 में मोहनपुर में कराए गए विकास कार्यों का मूल्यांकन अवर अभियंता के बजाय तकनीकि सहायक कृष्णपाल से कराया गया था, जो गलत है। तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारियों ने जांच टीम को अभिलेख भी नहीं उपलब्ध कराए। जांच में पाया गया कि रोजगार सेवक भगवानदास के नाम सात अप्रैल से 18 सितंबर 2015 तक 65 हजार रुपये के चेक काटे गए। भगवानदास के नाम खड़ंजा उखड़वाई, ईंट, सीमेंट, मौरंग क्रय दिखाया गया। इसके अलावा गांव के कैलाश के नाम पांच से 15 फरवरी तक 97500 के दो चेक दिए गए है। जबकि कैशबुक में केवल 25 हजार का भुगतान ही दर्शाया गया।
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सफाईकर्मी कीर्तिसरन गंगवार के नाम से 20 हजार का चेक दिया गया। कैशबुक में यह राशि खड़ंजा निर्माण के लिए दर्शायी दी गई। गांव के ही किसान रंजीत सिंह के नाम एक लाख से अधिक के चेक काटे गए। उन्हें राज मिस्त्री दर्शाया गया है। अमीर हसन के नाम बिना कोई काम कराए विभिन्न तिथियों में 2.87 लाख के चेक काटे गए हैं। प्रधान सुमन वाजपेयी के नाम 40500, उनके पति धीरेंद्र वाजपेयी और गांव के मनोज के नाम 50-50 हजार, जागीर सिंह के नाम 31500 का चेक ईंट क्रय के लिए काटा गया है, जबकि उक्त में कोई भी ईंट व्यवसायी नहीं है।
इन आरोपियों पर होगी रिपोर्ट दर्ज
डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को गांव मोहनपुर के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी शिवा शुक्ला, महेशकांत पांडे, गनेश कुमार, प्रमोद वर्मा, सुशील अग्निहोत्री, शिव सिंह, तकनीकि सहायक मनरेगा कृष्णपाल, रोजगार सेवक भगवानदास, सफाईकर्मी कीर्तिसरन गंगवार, प्रधान सुमन देवी, प्रधान पति धीरेंद्र कुमार, श्रमिक अमीर हसन, गांव मोहनपुर निवासी मनोज कुमार, कैलाश, जागीर सिंह, रंजीत सिंह पर रिपोर्ट कराने के आदेश दिए हैं। एडीओ पंचायत राजीव शर्मा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर आदेश मिला है, रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
खुटार के एडीओ पंचायत को मोहनपुर में हुए घोटाले में रिपोर्ट के आदेश दिए गए हैं। सरकारी धनराशि की वसूली भी की जाएगी।
पवन कुमार, डीपीआरओ शाहजहांपुर
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गांवसभा मोहनपुर में वर्ष 2015-16 और 2016-17 में विकास कार्य कराए गए थे। आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर घोटाला किया गया। इसकी तीन सदस्यों वाली अलग-अलग कमेटियों से दो बार जांच कराई गई थी। जांच के दौरान विकास कार्यों में घोटाले का आरोप सही निकला। समिति की ओर से संबंधित को स्पष्टीकरण के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। डीपीआरओ की ओर से अक्तूबर और नवंबर 19 में सरकारी धनराशि की वसूली के लिए दो बार कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जा चुका है।
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जांच में ये हैं आरोप
जांच रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2015-16 और 2016-17 में मोहनपुर में कराए गए विकास कार्यों का मूल्यांकन अवर अभियंता के बजाय तकनीकि सहायक कृष्णपाल से कराया गया था, जो गलत है। तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारियों ने जांच टीम को अभिलेख भी नहीं उपलब्ध कराए। जांच में पाया गया कि रोजगार सेवक भगवानदास के नाम सात अप्रैल से 18 सितंबर 2015 तक 65 हजार रुपये के चेक काटे गए। भगवानदास के नाम खड़ंजा उखड़वाई, ईंट, सीमेंट, मौरंग क्रय दिखाया गया। इसके अलावा गांव के कैलाश के नाम पांच से 15 फरवरी तक 97500 के दो चेक दिए गए है। जबकि कैशबुक में केवल 25 हजार का भुगतान ही दर्शाया गया।
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सफाईकर्मी कीर्तिसरन गंगवार के नाम से 20 हजार का चेक दिया गया। कैशबुक में यह राशि खड़ंजा निर्माण के लिए दर्शायी दी गई। गांव के ही किसान रंजीत सिंह के नाम एक लाख से अधिक के चेक काटे गए। उन्हें राज मिस्त्री दर्शाया गया है। अमीर हसन के नाम बिना कोई काम कराए विभिन्न तिथियों में 2.87 लाख के चेक काटे गए हैं। प्रधान सुमन वाजपेयी के नाम 40500, उनके पति धीरेंद्र वाजपेयी और गांव के मनोज के नाम 50-50 हजार, जागीर सिंह के नाम 31500 का चेक ईंट क्रय के लिए काटा गया है, जबकि उक्त में कोई भी ईंट व्यवसायी नहीं है।
इन आरोपियों पर होगी रिपोर्ट दर्ज
डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को गांव मोहनपुर के तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी शिवा शुक्ला, महेशकांत पांडे, गनेश कुमार, प्रमोद वर्मा, सुशील अग्निहोत्री, शिव सिंह, तकनीकि सहायक मनरेगा कृष्णपाल, रोजगार सेवक भगवानदास, सफाईकर्मी कीर्तिसरन गंगवार, प्रधान सुमन देवी, प्रधान पति धीरेंद्र कुमार, श्रमिक अमीर हसन, गांव मोहनपुर निवासी मनोज कुमार, कैलाश, जागीर सिंह, रंजीत सिंह पर रिपोर्ट कराने के आदेश दिए हैं। एडीओ पंचायत राजीव शर्मा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर आदेश मिला है, रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
खुटार के एडीओ पंचायत को मोहनपुर में हुए घोटाले में रिपोर्ट के आदेश दिए गए हैं। सरकारी धनराशि की वसूली भी की जाएगी।
पवन कुमार, डीपीआरओ शाहजहांपुर