मौसम की मार से रो रहा किसान: बरेली के मीरगंज में ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, खेतों में जम गईं बर्फ की शिलाएं
मीरगंज तहसील क्षेत्र में बारिश और ओलावृष्टि से दौली जवाहर लाल, नारा फरीदापुर, केरा, अमौर समेत आसपास कई गांवों में भारी तबाही हुई हैं। किसानों ने शनिवार को मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
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बरेली जिले के कई हिस्सों में शुक्रवार को तेज बारिश-ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ। मीरगंज तहसील क्षेत्र के कई गांवों में इतने बड़े-बड़े ओले गिरे, जो 12 घंटे बाद भी नहीं पिघल सके। ओलावृष्टि से खेतों में गेहूं की फसल गिर गई तो सरसों की बालियां टूट गईं। इतना ही नहीं पेड़ों भी के पत्ते झड़ गए। वहीं खेतों में कटी पड़ी फसल डूबने से अब फसल सड़ने का अंदेशा है। शनिवार सुबह जब किसान खेतों की तरफ गए तो फसलों की बर्बादी देख रो पड़े।
दौली जवाहर लाल निवासी किसान नन्हेंलाल ने बताया कि शुक्रवार शाम करीब पांच बजे भयंकर ओलावृष्टि हुई। इतने बड़े-बड़े ओले गिरे, जो 12 घंटे बाद भी नहीं गल पाए। ओलावृष्टि से गेहूं, लाहटा, सरसों आदि फसल बर्बाद हो गई हैं। सुबह 11 बजे तक कोई गांव में कोई अधिकारी देखने तक नहीं आया। ओलावृष्टि से दौली जवाहर लाल, नारा फरीदापुर, केरा, अमौर समेत आसपास कई गांवों में भारी तबाही हुई हैं। किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है।
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तेज हवा के साथ हुई बारिश-ओलावृष्टि
मौसम विभाग की ओर से गुरुवार और शुक्रवार को बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया था। गुरुवार देर रात जिले के कुछ हिस्सों में बूंदाबांदी हुई। शुक्रवार को पूरा दिन बादल छाए रहे। देर शाम मौसम ने एक बार फिर करवट ली। थोड़ी ही देर में ही तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक ओले गिरे। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल लोट गई।
फसल कटाई का काम भी बंद
खेतों में पानी भरने से अब यह फसल सड़ने का खतरा है। बारिश के बाद फसल कटाई का काम भी बंद हो गया। सेंथल के किसान वसीम हैदर ने बताया कि पांच बीघा में गेहूं की फसल और पांच बीघा में सरसों की फसल की थी। बारिश के कारण काफी सरसों खेत मे ही झड़ गई। फसल डूबने से काफी नुकसान हुआ है। लाड़पुर गांव के इकरार अहमद ने बताया कि चार बीघा गेहूं पहले हुई बारिश से गिर गया था। शुक्रवार को हुई बारिश के बाद कटी हुई फसल डूब गई।