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फसली ऋण : घट रहा किसानों का रुझान, बढ़ रही रकम

Mon, 09 Jun 2025 01:38 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 09 Jun 2025 01:38 AM IST
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Crop loan: Farmers' interest is decreasing, amount is increasing
वित्तीय वर्ष 2023-24 के सापेक्ष 2024-25 में 14,445 किसानों ने कम लिया ऋण
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बरेली। फसली ऋण के प्रति जिले में किसानों का रुझान कम हो रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में जहां 1.64 लाख किसानों ने फसली ऋण लिया था, वहीं 2024-25 में यह संख्या घटकर सिर्फ 1.50 लाख रह गई है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि उत्पादकता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद ऋण की राशि में 357 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि हुई है। आंकड़ा दर्शाता है कि कम किसानों ने बड़े ऋण लिए हैं। छोटे और सीमांत किसान जिन्हें वित्तीय सहायता की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, उन्हें ऋण नहीं मिल पा रहा है।
सूत्रों की मानें तो बैंकों को फसली ऋण देने में कई तरह की चुनौतियां और जोखिम दिखाई देते हैं। इस वजह वे अपेक्षाकृत बड़े और सुरक्षित ऋणों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसका सीधा खामियाजा छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसान हरीश कुमार ने बताया कि बैंक अधिकारी अक्सर आवेदन प्रक्रिया को जटिल बना देते हैं या फिर आवश्यक दस्तावेजों के नाम पर अनावश्यक विलंब करते हैं। इससे निराश होकर किसान लौट जाते हैं।
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किसान राजाराम ने बताया कि ऋण न मिलने की स्थिति का सीधा असर कृषि उत्पादन पर पड़ रहा है। समय पर ऋण न मिलने से किसान उन्नत बीज, खाद की खरीद में असमर्थ हो जाते हैं। इससे उनकी फसल की पैदावार प्रभावित होती है। इससे न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है, बल्कि जिले और देश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। संवाद
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वित्त वर्ष 2023-24 की स्थिति
ऋण लेने वाले किसान रकम

1,64,572 - 2,90,380.16
वित्त वर्ष 2024-25 की स्थिति

ऋण लेने वाले किसान रकम

1,50,127 3,26,111.9

(नोट : रकम लाख रुपये में।)



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बैंकों की ओर से किसानों को ऋण देने में आनाकानी की जाती है। किसान बैंक की कागजी कार्रवाई में उलझ कर रह जाता है। - अरुण राठी, भाकियू
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