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उत्तरायणी जनकल्याण समिति की रार से मेले के आयोजन पर संकट

Thu, 25 Nov 2021 01:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 01:27 AM IST
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Crisis on organizing the fair with the help of Uttarayani Jankalyan Samiti
उत्तरायणी जनकल्याण समिति द्वारा लगाए जाने वाले मेले में झोलिया नृत्य करते कलाकार। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
निर्वतमान अध्यक्ष की शिकायत पर समिति के खातों में पड़ी 64 लाख की रकम फ्रीज
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समिति के संगठन मंत्री ने पूर्व में कार्यभार संभाल रही प्रबंध समिति पर लगाए गंभीर आरोप
बरेली। उत्तरायणी जनकल्याण समिति के आपसी विवाद के चलते इस बार उत्तरायणी मेले का आयोजन न हो पाने की आशंका है। वर्तमान प्रबंध कार्यकारिणी के संचालन पर सवालिया निशान लगाते हुए पूर्व अध्यक्ष ने बैंक और रजिस्ट्रार को पत्र भेजा था। इस पर बैंक ने समिति के दोनों खातों में जमा 64 लाख की रकम की निकासी पर रोक लगा दी है। उधर, संगठन मंत्री ने भी पूर्व पदाधिकारियों पर तमाम गंभीर आरोप लगाए हैं।
जानकारी के मुताबिक करीब 28 साल बाद उत्तरायणी जनकल्याण समिति का मतदान से चुनाव हुआ है। चुनाव के समय से ही समिति पदाधिकारियों में तकरार चल रही है, जो निर्वाचन संपन्न होने के बाद भी नहीं थमी है।
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नई कार्यकारिणी घोषित होने के बाद प्रमोद बिष्ट को अध्यक्ष बनाया गया है। अब जब उत्तरायणी मेले के आयोजन की तैयारियां शुरू हुईं तो पूर्व अध्यक्ष पीसी पाठक ने नई कार्यकारिणी के गठन को अवैध बताते हुए प्रकरण की जांच कराने की मांग रजिस्ट्रार से की है। साथ ही, समिति के खाते से कार्यकारिणी की वैधता पर निर्णय आने तक रकम की निकासी पर रोक लगाने के लिए बैंकों को पत्र लिखा था। प्रकरण में बैंकों की ओर से निर्वाचित पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर रकम निकासी पर रोक लगा दी है। इनमें से एक बैंक खाते में 20 लाख और दूसरे में 44 लाख रुपये जमा थे। यह रकम बैंक खातों में फ्रीज होने के चलते कहा जा रहा है कि इससे उत्तरायणी मेला के आयोजन में मुश्किलें आ सकती हैं। वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि जनवरी में होने वाले मेले की तैयारियां करने के बजाय नई और पुरानी कार्यकारिणी आपसी विवाद में उलझी है। इस वजह से भी मेला होना मुश्किल है।
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समिति के भवन को लेकर भी है विवाद
बताया जाता है कि उत्तरायणी समिति का भवन एक पूर्व पदाधिकारी के नाम से खरीदा गया है। इसको लेकर भी मौजूदा और पूर्व कार्यकारिणी में विवाद चल रहा है। कुछ लोग इस भवन को बेचने की बात कह रहे हैं तो कुछ इसके दस्तावेजों में नाम परिवर्तन कराने को कह रहे हैं।
पूर्व कमेटी की भी हो रही जांच
मौजूदा समिति के एक पदाधिकारी ने बताया कि पूर्व में कार्यभार संभाल रही समिति के पदाधिकारियों ने मेले में स्टॉल आवंटन आदि से होने वाली आय की राशि का जमकर दुरुपयोग किया है। नियम विरुद्ध तरीके से फ्लैक्स, होर्डिंग का ठेका किया था। इन मामलों में पूर्व पदाधिकारियों के खिलाफ आंतरिक जांच हो रही है।
समाज एकजुट होकर मेला लगाएगा। जिन पर वित्तीय अनियमितता का आरोप है, उन लोगों ने लाभ के पद पर रहते हुए अपनी फर्मों को काम दिया। उनकी आंतरिक जांच कराकर मुकदमा दर्ज कराएंगे। - विनोद जोशी, संगठन मंत्री

मेला बरेली की शान है। इसके आयोजन की तैयारियां की जा सकें, इसके लिए रजिस्ट्रार को दिए गए पत्र का जल्द निस्तारण कराने का आग्रह किया है। वैधानिक कार्यकारिणी नहीं चुनी गई है। - पीसी पाठक, पूर्व अध्यक्ष
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