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मामूली विवाद में युवक की गोली मारकर हत्या
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Sat, 18 Jun 2016 12:52 AM IST
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आवारा बछडे़ को पकड़ने का विरोध करने पर युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गांव के ही चार लोगों पर युवक को घर से खेत पर बुलाकर गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने चारो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कटरी के ग्राम झिंझरी निवासी 26 वर्षीय मुुनीश पुत्र सूरजपाल का पड़ोसी दाताराम खेत से किसी बछड़े को पकड़कर ले आया। मुनीश उस बछड़े को लेने देर रात उसके घर गया। बिछड़ा पकड़कर लाने को लेकर उसकी दाताराम से कहासुनी हो गई। मृतक के भाई सुशील अनुसार पड़ोसी दाताराम ने आवारा बछड़ा को पकड़ लिया जिसका उसके भाई मुनीश ने यह कहते हुऐ विरोध किया कि जंगली जानवर है। इसे क्यों बांध रखा है। मुनीश ने दाताराम के घर बंधा बछड़ा खोलना चाहा तो मौजूद महेश पुत्र छत्रपाल ने विरोध किया। महेशपाल कहने लगे कि तुम क्या ठेकेदार हो। इसी बात पर दोनो में मारपीट हो गई। थोड़ी देर बाद मुनीश के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए और उसको घर लाकर कमरे में बंद कर दिया। रात 11 बजे जब परिवार के सब लोग सो गये तो मुनीश घर से निकलकर झिंझरी चौराहे पर चला गया। सुबह खेत पर धान की पौध रखा रहे गांव के अशोक ने खबर दी कि मुनीष की लाश खेत में पड़ी है। युवक की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया सब बदहवास होकर खेत की ओर भागने लगे। मां रामबेटी, बहन सुर्मिला व उर्मिला का रो रो रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की पुष्टि गोली मारने के बाद सिर में भारी चीज से हमला करने से हुई है। एसओ कृष्ण कुमार यादव ने बताया मृतक के भाई सुशील कुमार की तहरीर पर गांव के ही महेश पुत्र छत्रपाल, सुरेंद्र पुत्र अहिलकार, अनार सिंह पुत्र बालक राम और जसवीर पुत्र रामेश्वर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रथम दृष्टया विवाद बछड़े का ही है। बाकी चीजें विवेचना में सामने आएंगी।
मोबाइल पर देर रात आया था फोन
मुनीश के मोबाइल पर देर रात किसी का फोन आया था। उस फोन को सुनने के बाद ही वह घर से बाहर गया। इसके बाद जिंदा वापस नहीं लौटा। मुनीश की हत्या के आरोप में फंसे महेश का कहना है कि वह दाताराम के घर दूध लेने गया था। महेश वहां उनसे झगड़ रहा था। वह बीच बचाव करने लगा तो वह उससे भी झगड़ने लगा। फिर उसके परिवार वाले उसे लेकर घर चले गए। महेश के अनुसार मुनीश शराबी, जुआरी और झगड़ालू किस्म का था। मडर्र में उसे फंसाया जा रहा है। हत्या में उसका कोई हाथ नहीं है। चारो आरोपी खुद को निर्दोष बताकर सपा के दफ्तर में मदद मांगने भी पहुंचे।
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कटरी के ग्राम झिंझरी निवासी 26 वर्षीय मुुनीश पुत्र सूरजपाल का पड़ोसी दाताराम खेत से किसी बछड़े को पकड़कर ले आया। मुनीश उस बछड़े को लेने देर रात उसके घर गया। बिछड़ा पकड़कर लाने को लेकर उसकी दाताराम से कहासुनी हो गई। मृतक के भाई सुशील अनुसार पड़ोसी दाताराम ने आवारा बछड़ा को पकड़ लिया जिसका उसके भाई मुनीश ने यह कहते हुऐ विरोध किया कि जंगली जानवर है। इसे क्यों बांध रखा है। मुनीश ने दाताराम के घर बंधा बछड़ा खोलना चाहा तो मौजूद महेश पुत्र छत्रपाल ने विरोध किया। महेशपाल कहने लगे कि तुम क्या ठेकेदार हो। इसी बात पर दोनो में मारपीट हो गई। थोड़ी देर बाद मुनीश के परिवार वाले भी मौके पर पहुंच गए और उसको घर लाकर कमरे में बंद कर दिया। रात 11 बजे जब परिवार के सब लोग सो गये तो मुनीश घर से निकलकर झिंझरी चौराहे पर चला गया। सुबह खेत पर धान की पौध रखा रहे गांव के अशोक ने खबर दी कि मुनीष की लाश खेत में पड़ी है। युवक की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया सब बदहवास होकर खेत की ओर भागने लगे। मां रामबेटी, बहन सुर्मिला व उर्मिला का रो रो रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की पुष्टि गोली मारने के बाद सिर में भारी चीज से हमला करने से हुई है। एसओ कृष्ण कुमार यादव ने बताया मृतक के भाई सुशील कुमार की तहरीर पर गांव के ही महेश पुत्र छत्रपाल, सुरेंद्र पुत्र अहिलकार, अनार सिंह पुत्र बालक राम और जसवीर पुत्र रामेश्वर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रथम दृष्टया विवाद बछड़े का ही है। बाकी चीजें विवेचना में सामने आएंगी।
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मोबाइल पर देर रात आया था फोन
मुनीश के मोबाइल पर देर रात किसी का फोन आया था। उस फोन को सुनने के बाद ही वह घर से बाहर गया। इसके बाद जिंदा वापस नहीं लौटा। मुनीश की हत्या के आरोप में फंसे महेश का कहना है कि वह दाताराम के घर दूध लेने गया था। महेश वहां उनसे झगड़ रहा था। वह बीच बचाव करने लगा तो वह उससे भी झगड़ने लगा। फिर उसके परिवार वाले उसे लेकर घर चले गए। महेश के अनुसार मुनीश शराबी, जुआरी और झगड़ालू किस्म का था। मडर्र में उसे फंसाया जा रहा है। हत्या में उसका कोई हाथ नहीं है। चारो आरोपी खुद को निर्दोष बताकर सपा के दफ्तर में मदद मांगने भी पहुंचे।
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