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ट्रेन में महिला को रेल कर्मियों ने ही लूट लिया !
ब्यूरो/अमर उजाला, बरेली
Updated Thu, 15 Dec 2016 01:09 AM IST
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Woman robbed in train by railway workers!
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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मुंबई से आ रही व्यापारी की पत्नी को रेल कर्मियों ने ही लूट लिया। कोच में मौजूद तीन कर्मचारी महिला को घेरकर प्लेटफार्म बताने के बहाने बातों में उलझाए रहे और चौथे ने उसके बैग की जेब से 11 तोले का सोने का हार और तीन हजार रुपये पार कर लिए। महिला ने जंक्शन पहुंचकर शोर मचाते हुए एक सुरक्षा कर्मी से इसकी शिकायत भी की, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। महिला बुधवार को अपने रिश्तेदारों के साथ थाने पहुंची उसने चारों की शिनाख्त की तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। चारों ने अपने को निर्दोष बताया है। इसी बीच उनकी पैरवी में कर्मचारी नेता वहां पहुंच गए। महिला के साथ पहुंचे व्यापारियों के बीच काफी देर हंगामा हुआ। आखिरकार काफी हुज्जत के बाद महिला की तहरीर पर इनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
न्यू मुंबई के खरगर निवासी शमशाद वहां ठेकेदार हैं। उनकी पत्नी मलका और बेटा राकिब सोमवार को अशरफ खां छावनी में अपने मायके आने के लिए लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-वन सीट नंबर 59,60 पर सवार होकर बरेली केे चले। मंगलवार शाम चार बजे यह ट्रेन रामगंगा पहुंची। महिला के मुताबिक तभी कोच में मौजूद इलैक्ट्रीशियन देवेंद्र, सहायक मातादेव, संतोष और भारत ने प्लेटफार्म तीन और चार पर ट्रेन रुकने की बात कहकर उलझा लिया। महिला का आरोप है कि तीन कर्मचारी उसे घेरे रहे और देवेंद्र ने उसके बैग की चेन खोलकर 11 तोले का सोने का हार और तीन हजार रुपये निकाल लिए। वह शोर मचाती ही रही। कोच में सिर्फ एक महिला यात्री ही थी, जिसने भी कोई साथ नहीं दिया। इतने में बरेली जंक्शन पर ट्रेन पहुंच गई और उसने उतरकर यहां मौजूद एक सुरक्षा कर्मी से शिकायत की, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। महिला ने बताया कि इस पर वह अपनी मायके में पहुंची और बुधवार को रिश्तेदारों को लेकर जीआरपी थाने पहुंची। जीआरपी वालों ने चारों रेल कर्मियों को थाने बुलाया और पूछताछ की। महिला ने चारों को पहचान लिया। इसके बावजूद यहां मौजूद एसआई राजीव कुमार बात को टालते रहे। इसी दौरान महिला के साथ मौजूद व्यापारी नेताओं और कर्मचारियों की पैरवी को पहुंचे कर्मचारी नेताओं में काफी झड़प हुई और काफी हंगामा हुआ। एसआई राजीव का कहना था कि यह लूट नहीं है। वह कर्मचारियों को भी दोषी नहीं बता रहे थे।
मुकदमा अज्ञात के खिलाफ लिखा
महिला की तहरीर पर कोच में तैनात कोच स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चूंकि तहरीर में महिला ने स्टाफ के किसी नाम का जिक्र नहीं किया है, इसलिए अज्ञात स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है। जिन स्टाफ वालों पर शक जताया गया है, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी तक कोई न ही सबूत मिला है और न माल बरामद हुआ है। पूरे मामले के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं।
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राजेंद्र सिंह सिरोही, कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक, थाना जीआरपी बरेली
कहीं और चोरी हुआ होगा
हिरासत में लिए गए इलैक्ट्रीशियन देवेंद्र, सहायक संतोष और मातादेव का कहना था कि महिला का सामान कहीं और चोरी हुआ होगा। इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। उन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। जबकि भारत का कहना है कि वह एसी सेकेंड कोच में ड्यूटी कर रहा था, उसका नाम बेवजह लिया जा रहा है।
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न्यू मुंबई के खरगर निवासी शमशाद वहां ठेकेदार हैं। उनकी पत्नी मलका और बेटा राकिब सोमवार को अशरफ खां छावनी में अपने मायके आने के लिए लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के कोच नंबर बी-वन सीट नंबर 59,60 पर सवार होकर बरेली केे चले। मंगलवार शाम चार बजे यह ट्रेन रामगंगा पहुंची। महिला के मुताबिक तभी कोच में मौजूद इलैक्ट्रीशियन देवेंद्र, सहायक मातादेव, संतोष और भारत ने प्लेटफार्म तीन और चार पर ट्रेन रुकने की बात कहकर उलझा लिया। महिला का आरोप है कि तीन कर्मचारी उसे घेरे रहे और देवेंद्र ने उसके बैग की चेन खोलकर 11 तोले का सोने का हार और तीन हजार रुपये निकाल लिए। वह शोर मचाती ही रही। कोच में सिर्फ एक महिला यात्री ही थी, जिसने भी कोई साथ नहीं दिया। इतने में बरेली जंक्शन पर ट्रेन पहुंच गई और उसने उतरकर यहां मौजूद एक सुरक्षा कर्मी से शिकायत की, लेकिन उसने अनसुना कर दिया। महिला ने बताया कि इस पर वह अपनी मायके में पहुंची और बुधवार को रिश्तेदारों को लेकर जीआरपी थाने पहुंची। जीआरपी वालों ने चारों रेल कर्मियों को थाने बुलाया और पूछताछ की। महिला ने चारों को पहचान लिया। इसके बावजूद यहां मौजूद एसआई राजीव कुमार बात को टालते रहे। इसी दौरान महिला के साथ मौजूद व्यापारी नेताओं और कर्मचारियों की पैरवी को पहुंचे कर्मचारी नेताओं में काफी झड़प हुई और काफी हंगामा हुआ। एसआई राजीव का कहना था कि यह लूट नहीं है। वह कर्मचारियों को भी दोषी नहीं बता रहे थे।
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मुकदमा अज्ञात के खिलाफ लिखा
महिला की तहरीर पर कोच में तैनात कोच स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। चूंकि तहरीर में महिला ने स्टाफ के किसी नाम का जिक्र नहीं किया है, इसलिए अज्ञात स्टाफ के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है। जिन स्टाफ वालों पर शक जताया गया है, उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अभी तक कोई न ही सबूत मिला है और न माल बरामद हुआ है। पूरे मामले के खुलासे के प्रयास किए जा रहे हैं।
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राजेंद्र सिंह सिरोही, कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक, थाना जीआरपी बरेली
कहीं और चोरी हुआ होगा
हिरासत में लिए गए इलैक्ट्रीशियन देवेंद्र, सहायक संतोष और मातादेव का कहना था कि महिला का सामान कहीं और चोरी हुआ होगा। इससे उन्हें कोई मतलब नहीं है। उन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। जबकि भारत का कहना है कि वह एसी सेकेंड कोच में ड्यूटी कर रहा था, उसका नाम बेवजह लिया जा रहा है।