प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी ने नवरात्र, दशहरा, मोहर्रम, दीपावली आदि त्योहारों पर कानून और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश देते हुए असलहों, भाले, तलवार, त्रिशूल आदि शस्त्रों का प्रदर्शन प्रतिबंधित करने को कहा है। शनिवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए मुख्य सचिव और डीजीपी प्रशासन और पुलिस के आला अफसरों से रूबरू हुए। उन्होंने त्योहारों के मौके पर सोशल मीडिया पर निगाह रखने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी तरह की अफवाह फैलने से हर हाल में रोका जाए और अफवाह फैलाने वालों को चिन्हित करके कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने प्रमुख और बड़े कार्यक्रम स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने और जुलूसों की वीडियोग्राफी कराने को भी कहा। निर्देश दिए कि हाट स्पॉट पहले से चिन्हित करके उन पर लगातार पैनी नजर रखी जाए। असामाजिक और खुराफाती तत्वों को चिन्हित कर लिया जाए। त्योहारों के नाम पर जबरदस्ती चंदा वसूली न होने दी जाए। आतिशबाजी, पटाखा, जुआ पर निगाह और नियंत्रण रखे। दशहरा, दुर्गापूजा और मोहर्रम के जुलूस के रास्ते तथा समय ऐसे निर्धारित कर लें जिससे किसी को कोई दिक्कत न हो सके। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रशासन और पुलिस की संवेदनशीलता नीचे कांस्टेबिल स्तर तक होनी चाहिए। इसके लिये डीएम, एसएसपी थानावार वहां के स्टाफ को संवेदनशील बनाएं। डीजीपी ने ने कहा कि पुलिस केे कार्य में दृढ़ता और व्यवहार में संयम होना चाहिए। कार्यक्रमों के दौरान लड़कियों और महिलाओं का बहुतायत में आवागमन होता है, उन पर छींटाकशी न हो, यही झंझट का रुप ले लेते है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में कमिश्नर प्रमांशु, डीआईजी आशुतोष कुमार, डीएम पंकज यादव, एसएसपी आरके भारद्वाज आदि अफसर शामिल रहे।