{"_id":"617c798151b387274a5f52d3e6d91291","slug":"where-young-men-and-women-suddenly-disappeared-kashmiri-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अचानक कहां गायब हो गए कश्मीरी युवक और युवतियां","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अचानक कहां गायब हो गए कश्मीरी युवक और युवतियां
बरेली
Updated Fri, 05 Feb 2016 01:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तो वे ट्यूलिप ग्रेंड से एयरबेस देखना चाहते थे!
बरेली। कश्मीर में बाढ़ आए अर्सा बीत गया और वहां मदद भी काफी हो चुकी, ऐसे में बाढ़ पीड़ित के नाम पर पढ़े- लिखे लड़के-लड़कियों का इमदाद के नाम पर बरेली में भटकना संदेह पैदा करने वाली बात है। इससे भी गंभीर बात यह है कि वे एयरबेस के करीब की बहुमंजिली इमारत में दाखिल हुए थे जहां से एयरबेस पर नजर रखी जा सकती है। पठानकोट हादसे के बाद इस तरह की हरकत चिंता में डालने वाली है। एक दिन पहले ही इस आशय की खबर भी छपी थी कि ये बिल्डिंग एयरबेस के लिए खतरा हो सकती है और अगले ही दिन वहां कश्मीरी युवक युवतियों के इस तरह घुसने से ये शक पुख्ता हो रहा है कि कहीं ये लोग रैकी के लिए तो वहां नहीं गए थे। बरेली में आईएसआई एजेंट इजाज भी लंबे समय रहा और उसके निशाने पर भी सेना के प्रतिष्ठान थे। बृहस्पतिवार को ट्यूलिप ग्रैंड में घुसे लोगों ने तीसरी मंजिल के एक प्लैट में जाने की बात कही थी जहां कोई नहीं रहता। कहीं ऐसा तो नहीं कि वे यहां रहने की सोच रहे थे। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि बीडीए ने ऐसी बहुमंजिली इमारत को नक्शा पास कैसे कर दिया जहां से एयरबेस को देखा जा सकता है। जबकि इसी सुरक्षा की वजह से फीनिक्स मॉल का ज्यादा ऊंचा करने की इजाजत नहीं मिली थी।
विज्ञापन
बरेली। कश्मीर में बाढ़ आए अर्सा बीत गया और वहां मदद भी काफी हो चुकी, ऐसे में बाढ़ पीड़ित के नाम पर पढ़े- लिखे लड़के-लड़कियों का इमदाद के नाम पर बरेली में भटकना संदेह पैदा करने वाली बात है। इससे भी गंभीर बात यह है कि वे एयरबेस के करीब की बहुमंजिली इमारत में दाखिल हुए थे जहां से एयरबेस पर नजर रखी जा सकती है। पठानकोट हादसे के बाद इस तरह की हरकत चिंता में डालने वाली है। एक दिन पहले ही इस आशय की खबर भी छपी थी कि ये बिल्डिंग एयरबेस के लिए खतरा हो सकती है और अगले ही दिन वहां कश्मीरी युवक युवतियों के इस तरह घुसने से ये शक पुख्ता हो रहा है कि कहीं ये लोग रैकी के लिए तो वहां नहीं गए थे। बरेली में आईएसआई एजेंट इजाज भी लंबे समय रहा और उसके निशाने पर भी सेना के प्रतिष्ठान थे। बृहस्पतिवार को ट्यूलिप ग्रैंड में घुसे लोगों ने तीसरी मंजिल के एक प्लैट में जाने की बात कही थी जहां कोई नहीं रहता। कहीं ऐसा तो नहीं कि वे यहां रहने की सोच रहे थे। अब सवाल यह भी उठ रहा है कि बीडीए ने ऐसी बहुमंजिली इमारत को नक्शा पास कैसे कर दिया जहां से एयरबेस को देखा जा सकता है। जबकि इसी सुरक्षा की वजह से फीनिक्स मॉल का ज्यादा ऊंचा करने की इजाजत नहीं मिली थी।