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सस्पेंड होने की सूचना मिली तो फांसी पर लटक गया
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Fri, 18 Mar 2016 02:23 AM IST
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बृहस्पतिवार दोपहर नगर पालिका परिषद से दो खबरें मिलीं। पहली कि ईओ को लखनऊ भेज दिया गया है, दूसरी-सफाई कर्मचारी धर्मेंद्र गुप्ता को सस्पेंड कर दिया गया है। शाम को खबर मिली कि इस कर्मचारी ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है और इसके तुरंत बाद अखबार वालों को सूचना देने के लिए दौड़े कि धर्मेंद्र को सस्पेंड नहीं किया गया है। यदि ऐसी खबर लिखी गई है उसे न छापा जाए।
धर्मेंद्र गुप्ता नौबतगंज मोहल्ले में पूर्व सभासद प्रिंस कपूर के मकान में किराए पर रहता था। उसकी पत्नी आशा अपने बेटे वीरेंद्र को लेकर मायके गई थी। सात साल की बेटी नैना कोचिंग गई थी। बृहस्पतिवार शाम साढ़े सात बजे पत्नी घर पहुंची तो धर्मेंद्र का शव फंदे पर लटका मिला। आशा चिल्लाते हुए शव पर लिपट गई और जीवित होने की आश में शव को नीचे उतारा। पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि सुबह पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर ने धर्मेंद्र को निलंबित करने की बात कही थी। उस पर कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार, काम में लापरवाही और नशे में धुत रहने का आरोप लगा था। जैसे ही उसे इस बात की भनक लगी वह विचलित हो गया था। वह दिनभर परेशान था। हालांकि रात में चेयरमैन ने निलंबन की बात से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि ऐसी कोई बात नहीं थी। बता दें कि धर्मेंद्र की तैनाती छह साल पहले तत्कालीन चेयरमैन रवींद्र सिंह राठौर ने की थी।
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धर्मेंद्र गुप्ता नौबतगंज मोहल्ले में पूर्व सभासद प्रिंस कपूर के मकान में किराए पर रहता था। उसकी पत्नी आशा अपने बेटे वीरेंद्र को लेकर मायके गई थी। सात साल की बेटी नैना कोचिंग गई थी। बृहस्पतिवार शाम साढ़े सात बजे पत्नी घर पहुंची तो धर्मेंद्र का शव फंदे पर लटका मिला। आशा चिल्लाते हुए शव पर लिपट गई और जीवित होने की आश में शव को नीचे उतारा। पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। बताया जा रहा है कि सुबह पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर ने धर्मेंद्र को निलंबित करने की बात कही थी। उस पर कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार, काम में लापरवाही और नशे में धुत रहने का आरोप लगा था। जैसे ही उसे इस बात की भनक लगी वह विचलित हो गया था। वह दिनभर परेशान था। हालांकि रात में चेयरमैन ने निलंबन की बात से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि ऐसी कोई बात नहीं थी। बता दें कि धर्मेंद्र की तैनाती छह साल पहले तत्कालीन चेयरमैन रवींद्र सिंह राठौर ने की थी।
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