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लेखपाल के खिलाफ रिश्वत का वीडियो बम
बरेली, ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:35 AM IST
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मीरगंज के लेखपाल सजेश कुमार के खिलाफ रिश्वत का वीडियो बम सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें लेखपाल को हिस्सा प्रमाणपत्र जारी करने की एवज में उसी के घर पर 500 रुपये की रिश्वत लेते हुए दिखाया गया है। हालांकि लेखपाल ने पांच हजार रुपये मांगे थे, काफी देर बाद रिश्वत की रकम पांच हजार रुपये से घटकर पांच सौ रुपये पर आ कर ठहर गई। वीडियो में लेखपाल इम्तियाज हुसैन से पांच सौ रुपये की रिश्वत लेते हुए दिखाया है।
मीरगंज के इस लेखपाल के बारे में लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि वह बिना रिश्वत लिए कोई काम नहीं करता है। यहां तक कि गरीब बच्चों के जाति. आय, निवास प्रमाणपत्र आदि की रिपोर्ट लगाने के लिए भी 200 रुपये तक लेते हैं। इन कामों के लिए उन्होंने अपने एजेंट लगा रखे हैं जो कि आवेदकों से पैसे वसूली का काम करते हैं।
मीरगंज तहसील के मीरापुर गांव निवासी एजाज हुसैन खां की मौत के बाद उसक ा वारिस इलियाज खेत में अपना हिस्सा शामिल कराने के लिए कई महीने पहले आवेदन कर चुका था। उनके स्तर से आवेदन के बावजूद राजस्व अभिलेख में उसका नाम शामिल नहीं हो रहा था और न ही प्रमाणपत्र जारी किया गया था। जबकि इलियाज को बैंक से कर्जा लेने के लिए जमीन में हिस्सा प्रमाणपत्र की आवश्यक्ता थी।
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लेखपाल इलियाज की मजबूरी का फायदा उठाते हुए वह दो महीने से पांच हजार रुपये मांग रहा था। पिछले सप्ताह इलियाज के चाचा इम्तयाज हुसैन लेखपाल के घर गए। करीब पंद्रह मिनट तथा काफी अनुरोध करने पर ही वह पांच सौ रुपये में हिस्सा प्रमाणपत्र जारी करने पर राजी हुआ। वीडियो में लेखपाल ने पहले पांच सौ रुपये लिए, उसी के बाद हिस्सा प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर किए हैं और वह पत्र दिया है।
‘वीडियो की जांच कराई जा रही है, एक दो दिन में जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’ पंकज यादव, डीएम
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मीरगंज के इस लेखपाल के बारे में लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि वह बिना रिश्वत लिए कोई काम नहीं करता है। यहां तक कि गरीब बच्चों के जाति. आय, निवास प्रमाणपत्र आदि की रिपोर्ट लगाने के लिए भी 200 रुपये तक लेते हैं। इन कामों के लिए उन्होंने अपने एजेंट लगा रखे हैं जो कि आवेदकों से पैसे वसूली का काम करते हैं।
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मीरगंज तहसील के मीरापुर गांव निवासी एजाज हुसैन खां की मौत के बाद उसक ा वारिस इलियाज खेत में अपना हिस्सा शामिल कराने के लिए कई महीने पहले आवेदन कर चुका था। उनके स्तर से आवेदन के बावजूद राजस्व अभिलेख में उसका नाम शामिल नहीं हो रहा था और न ही प्रमाणपत्र जारी किया गया था। जबकि इलियाज को बैंक से कर्जा लेने के लिए जमीन में हिस्सा प्रमाणपत्र की आवश्यक्ता थी।
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लेखपाल इलियाज की मजबूरी का फायदा उठाते हुए वह दो महीने से पांच हजार रुपये मांग रहा था। पिछले सप्ताह इलियाज के चाचा इम्तयाज हुसैन लेखपाल के घर गए। करीब पंद्रह मिनट तथा काफी अनुरोध करने पर ही वह पांच सौ रुपये में हिस्सा प्रमाणपत्र जारी करने पर राजी हुआ। वीडियो में लेखपाल ने पहले पांच सौ रुपये लिए, उसी के बाद हिस्सा प्रमाणपत्र पर हस्ताक्षर किए हैं और वह पत्र दिया है।
‘वीडियो की जांच कराई जा रही है, एक दो दिन में जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’ पंकज यादव, डीएम