{"_id":"56f989c14f1c1b6521f001b3","slug":"two-years-later-not-flat-reports","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो साल बाद भी नहीं दिया फ्लैट, रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो साल बाद भी नहीं दिया फ्लैट, रिपोर्ट दर्ज
ब्ययूराो, अमर उजाला बरेली।
Updated Tue, 29 Mar 2016 01:18 AM IST
विज्ञापन
बन्ननू लाल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं रोड पर ड्रीम होम फ्लैट का सपना दिखा एक बुजुर्ग से दो साल पहले नौ लाख रुपए की ठगी की रिपोर्ट कोर्ट के आदेश पर अब प्रेमनगर थाने में दर्ज की गई है। पीड़ित सुगर फैक्ट्री के रिटायर्ड स्टेनो हैं। उन्होंने वर्ष 2014 में एक फ्लैट बुक कराया था, कंपनी के एजेंट ने उनसे पूरी रकम ले ली पर काफी समय तक जब फ्लैट के निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो बुजुर्ग को खुद की ठगी का एहसास हुआ। कोर्ट के आदेश पर तीन एजेंटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
एमईएस कालोनी इज्जतनगर में रहने वाले बुन्नेलाल ने बताया कि उन्होंने एक विज्ञापन में दो कमरे के फ्लैट का विज्ञापन देखकर 26 अगस्त 2014 को एक फ्लैट बुक कराया था। ऐस इंफ्राजोन प्राइवेट लिमिटेड नाम से डीडीपुरम में कार्यालय बनाकर यह फ्लैट तीन एजेंट राहुल मथुरिया, नीरज सिंहल व विवेक सिंहल ने बुक किया। पीड़ित ने 1,01956 व 8,24720 रुपए के चेक दो बार में एजेंटों को दिए। बुन्नेलाल का कहना है कि रकम जमा करने के बाद वह कई महीनों तक फ्लैट के निर्माण का इंतजार करते रहे। एजेंट महीनों तक उन्हें टलता रहा फिर बीते महीने 28 फरवरी को उसने उन्हें कुल 9,26656 रुपए का चेक दिया जो बाउंस हो गया। पीड़ित का कहना है कि वह जब इस बाबत एजेंट से बात करने गया तो उसके साथ मानपीट की गई। बुन्नेलाल का कहना है कि फ्लैट का बिल्डर तरुण केटी इंडिया इंफ्रा प्रोजेक्ट नाम से कंपनी चलाता है। तरुण ने उन्हें बताया कि उसने फ्लैट की बुकिंग के लिए तीन एजेंट रखे थे, उन्होंने बुन्नेलाल के रुपए हड़प लिए। पीड़ित ने बताया कि तरुण भी तीनों एजेंटों के खिलाफ केस लड़ रहा है।
हमारी कंपनी का केटी इंडिया इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के फ्लैट बेचने का एग्रीमेंट है। कंपनी से विवाद होने जाने के कारण हम 20 कस्टमर को फ्लैट नहीं दिला सके हैं, जिनमें बुन्नेलाल भी एक हैं। बुन्नेलाल के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। हम उनका रुपया या उसी कीमत का कोई और फ्लैट उन्हें दिलाने के लिए राजी हैं।
विज्ञापन
- विवेक शर्मा, ऐस इंफ्राजोन प्राइवेट लिमिटेड के संचालक
विज्ञापन
एमईएस कालोनी इज्जतनगर में रहने वाले बुन्नेलाल ने बताया कि उन्होंने एक विज्ञापन में दो कमरे के फ्लैट का विज्ञापन देखकर 26 अगस्त 2014 को एक फ्लैट बुक कराया था। ऐस इंफ्राजोन प्राइवेट लिमिटेड नाम से डीडीपुरम में कार्यालय बनाकर यह फ्लैट तीन एजेंट राहुल मथुरिया, नीरज सिंहल व विवेक सिंहल ने बुक किया। पीड़ित ने 1,01956 व 8,24720 रुपए के चेक दो बार में एजेंटों को दिए। बुन्नेलाल का कहना है कि रकम जमा करने के बाद वह कई महीनों तक फ्लैट के निर्माण का इंतजार करते रहे। एजेंट महीनों तक उन्हें टलता रहा फिर बीते महीने 28 फरवरी को उसने उन्हें कुल 9,26656 रुपए का चेक दिया जो बाउंस हो गया। पीड़ित का कहना है कि वह जब इस बाबत एजेंट से बात करने गया तो उसके साथ मानपीट की गई। बुन्नेलाल का कहना है कि फ्लैट का बिल्डर तरुण केटी इंडिया इंफ्रा प्रोजेक्ट नाम से कंपनी चलाता है। तरुण ने उन्हें बताया कि उसने फ्लैट की बुकिंग के लिए तीन एजेंट रखे थे, उन्होंने बुन्नेलाल के रुपए हड़प लिए। पीड़ित ने बताया कि तरुण भी तीनों एजेंटों के खिलाफ केस लड़ रहा है।
विज्ञापन
हमारी कंपनी का केटी इंडिया इंफ्रा प्रोजेक्ट कंपनी के फ्लैट बेचने का एग्रीमेंट है। कंपनी से विवाद होने जाने के कारण हम 20 कस्टमर को फ्लैट नहीं दिला सके हैं, जिनमें बुन्नेलाल भी एक हैं। बुन्नेलाल के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। हम उनका रुपया या उसी कीमत का कोई और फ्लैट उन्हें दिलाने के लिए राजी हैं।
विज्ञापन
- विवेक शर्मा, ऐस इंफ्राजोन प्राइवेट लिमिटेड के संचालक