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आरडीएसओ के दो कोच पटरी से उतरे, हादसा टला
बरेली।
Updated Sun, 27 Aug 2017 01:39 AM IST
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Two coaches of RDSO derailed, accident crash
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
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बरेली।
दो बड़े हादसों के बीच में बरेली जंक्शन पर रेलवे की एक और लापरवाही से आरडीएसओ के दो कोच पटरी से उतर गए। लखनऊ जाने से पहले रेलवे जंक्शन के प्लेट फार्म नंबर एक के पीछे संटिंग के दौरान कोच उतरने से जंक्शन पर बड़ा हादसा होते बचा। कोच उतरने में संटिंग पोर्टर की लापरवाही सामने आयी है। रेलवे ने संटिंग पोर्टर को निलंबित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रेलवे जंक्शन पर शाम करीब 7.45 बजे प्लेट फार्म नंबर के पीछे के ट्रैक पर आरडीएसओ के दो कोच संटिंग कर रहे थे। इनको अगले दिन किसी ट्रेन में जोड़कर लखनऊ भेजा जाना था। इसलिए, दोनों कोच को इंजन से संटिंग कराई जा रही थी। संटिंग पोर्टर ने कोच ले जाने के दौरान लकड़ी का गुटखा नहीं लगाया। इससे इंजन समेत आरडीएसओ दोनों कोच पटरी से उतर गए। बड़ा हादसा होते बचा। संतोषजनक बात यह रही कि कोच प्लेट फार्म के पीछे के हिस्से में था। यहां ट्रेनों का आवागमन नहीं होता है। अगर दोनों कोच प्लेटफार्म नंबर एक या दो पर संटिंग कर रहे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था जिससे ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित होता। फिलहाल कोच पटरी से उतरने की सूचना पर रेलवे में हड़कंप मच गया। अफसरों ने तकनीकी स्टाफ लेकर कोच रेलवे ट्रैक पर वापस लाने की मशक्कत शुरू की। दो घंटे बाद कोच सामान्य स्थित में आ पाए। रेलवे रिसर्च अनुसंधान के कोच ट्रैक के निरीक्षण के लिए जंक्शन पर खड़े रहते हैं। जब रेलवे के बड़े अफसर निरीक्षण करने आते हैं तो कोच ट्रेन में जोड़कर ट्रैक पर निरीक्षण के लिए भेजे जाते हैं।
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दो बड़े हादसों के बीच में बरेली जंक्शन पर रेलवे की एक और लापरवाही से आरडीएसओ के दो कोच पटरी से उतर गए। लखनऊ जाने से पहले रेलवे जंक्शन के प्लेट फार्म नंबर एक के पीछे संटिंग के दौरान कोच उतरने से जंक्शन पर बड़ा हादसा होते बचा। कोच उतरने में संटिंग पोर्टर की लापरवाही सामने आयी है। रेलवे ने संटिंग पोर्टर को निलंबित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रेलवे जंक्शन पर शाम करीब 7.45 बजे प्लेट फार्म नंबर के पीछे के ट्रैक पर आरडीएसओ के दो कोच संटिंग कर रहे थे। इनको अगले दिन किसी ट्रेन में जोड़कर लखनऊ भेजा जाना था। इसलिए, दोनों कोच को इंजन से संटिंग कराई जा रही थी। संटिंग पोर्टर ने कोच ले जाने के दौरान लकड़ी का गुटखा नहीं लगाया। इससे इंजन समेत आरडीएसओ दोनों कोच पटरी से उतर गए। बड़ा हादसा होते बचा। संतोषजनक बात यह रही कि कोच प्लेट फार्म के पीछे के हिस्से में था। यहां ट्रेनों का आवागमन नहीं होता है। अगर दोनों कोच प्लेटफार्म नंबर एक या दो पर संटिंग कर रहे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था जिससे ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित होता। फिलहाल कोच पटरी से उतरने की सूचना पर रेलवे में हड़कंप मच गया। अफसरों ने तकनीकी स्टाफ लेकर कोच रेलवे ट्रैक पर वापस लाने की मशक्कत शुरू की। दो घंटे बाद कोच सामान्य स्थित में आ पाए। रेलवे रिसर्च अनुसंधान के कोच ट्रैक के निरीक्षण के लिए जंक्शन पर खड़े रहते हैं। जब रेलवे के बड़े अफसर निरीक्षण करने आते हैं तो कोच ट्रेन में जोड़कर ट्रैक पर निरीक्षण के लिए भेजे जाते हैं।
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