फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Then controversy over the mosque and prayers

मस्जिद और नमाज को लेकर फिर बखेड़ा

Sat, 10 Sep 2016 01:47 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली Updated Sat, 10 Sep 2016 01:47 AM IST
विज्ञापन
मदरसे की आड़ में मस्जिद बनाने और नमाज पढ़ने को लेकर मल्साखेड़ा में चल रहे विवाद में शुक्रवार को दोनों पक्षों ने फिर पुलिस प्रशासन के अफसरों को टेंशन में डाल दिया। एक पक्ष के नमाज पढ़ने के लिए अड़े रहने और दूसरे के विरोध के चलते एसडीएम, सीओ फोर्स लेकर गांव पहुंच गए। हालांकि अफसरों की मौजूदगी में ही अजान लगाकर और नमाज पढ़ी गई। इस पर दूसरा पक्ष भड़क गया। तीन घंटे तक चली पंचायत में अफसरों ने एलान कर दिया कि यहां न तो कभी मस्जिद बनेगी और न ही अब नमाज पढ़ी जाएगी। 
विज्ञापन

मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने निर्माणाधीन मदरसे की जमीन में जुमा की नमाज पढ़ने का एलान किया था। इससे गांव के दूसरे समुदाय भड़क गया था। किसी ने माहौल बिगड़ने की सूचना अफसरों को दी तो एसडीएम पारसनाथ मौर्य, सीओ बहेड़ी प्रमोद यादव, एलआईयू इंस्पेक्टर महावीर सिंह फोर्स लेकर मल्साखेड़ा पहुंच गए। इस बीच मदरसे के सरबराहकार काले खां, गांव के सईद खां, मो.लतीफ, जान मोहम्मद आदि ने मदरसे की जमीन में अजान लगाई और नमाज पढ़ने की रस्म अदा भी की। इसके बाद गांव में पंचायत बुला ली गई। सीओ ने नमाज पढ़ने पर टोका तो काले खां ने कहा कि आठ साल से नमाज पढ़ी जाती रही है। प्रधान रमेश फौजी और पूर्व प्रधान मोतीराम समेत ने इसका विरोध किया। इस बीच मदरसे के मैनेजर वहीद खां ने नमाज पढ़ रहे लोगों को माहौल खराब न करने की नसीहत दी और अफसरों का मान-सम्मान बनाए रखने की अपील भी की। तीन घंटे तक चली बैठक में मुस्लिम समुदाय के ज्यादातर लोग वर्ष 1985 में दोनों समुदायों के बीच हुए लिखित समझौते के हवाले से अफसरों की बात मान गए कि मदरसे में न तो कभी नमाज पढ़ी जाएगी और न ही कभी गांव में मस्जिद ही बनेगी। संबंधित लोगों से इस आशय का नोटरी एफिडेविट भी मांगा गया है। अधिकारियों ने दोनों समुदायों से अफवाहों पर ध्यान न देने और मामूली बात की भी प्रशासन को सूचना देने की अपील भी। बता दें कि गांव में निर्माण कार्य रुकवा दिया गया है। प्रधान और पूर्व प्रधान सहित दोनों समुदाय के 37 लोगों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई है। 
विज्ञापन

मीरगंज। मस्जिद न बनने देने की मांग को लेकर प्रधान रमेश चंद्र फौजी और पूर्व प्रधान मोतीराम वर्मा की अगुवाई में ग्रामीण तहसील परिसर पहुंच गए और धरना दिया। इसके बाद तहसीलदार मनोज प्रकाश को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें गांव में मस्जिद बनने पर दंगा भड़कने की आशंका जताई गई। तहसीलदार ने मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा देने का भरोसा दिलाया। धरना देने वालों में जागनलाल, ओमप्रकाश, चिंरौजीलाल, झुन्नालाल, रामसिंह, रामेश्वर दयाल, राममोहन, टीकाराम, बुद्धसेन, वेदराम, रामभरोसेलाल, रामसिंह आदि शामिल रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed